इलाज का बिल डेढ़ लाख बताने पर मरीज के परिजनों का हंगामा
मेहंदी हसन चौक के समीप एक निजी अस्पताल में महिला के इलाज का बिल डेढ़ लाख रुपये बना कर उसे रेफर करने पर गुरुवार काे मरीज के परिजनों ने जमकर बवाल किया। अस्पताल कर्मियों अाैर मरीज के परिजनों के बीच हाथापाई भी हुई। परिजनों का आक्रोश देख चिकित्सक व स्टाफ अस्पताल छाेड़ निकल गए। ब्रह्मपुरा पुलिस ने हंगामा शांत कराया। सिकंदरपुर कुंडल में रह रहे अरुण कुमार ने बताया कि उसके पिता कन्हाई दास के साथ मां आनंदी देवी 9 मार्च को हथौड़ी के नरमा से शहर लौट रही थी। धर्मपुर के पास बस में सवार हाेते वक्त मां गिर गई। उसके सिर में गंभीर चोट लग गई। पिता ने मां को एसकेएमसीएच में भर्ती कराया। लेकिन, एंबुलेंस चालक दलाल ने पिता काे झांसा देकर मां काे एसकेएमसीएच से लाकर ब्रह्मपुरा के निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। चार दिन तक सुधार नहीं हाेने पर परिजनों ने रेफर करने काे कहा। इस पर अस्पताल प्रबंधन ने डेढ़ लाख रुपये बिल जमा करने के बाद ही रेफर करने की बात कही। इसी पर सिकंदरपुर कुंडल से पहुंचे परिजनों-शुभचिंतकों ने हंगामा किया। अरुण ने अस्पतालकर्मियों पर दुर्व्यवहार का भी अाराेप लगाया। किया। इधर, अस्पताल प्रबंधन के अनुसार महिला को गंभीर स्थिति में भर्ती कराया गया था। इलाज में 55 हजार का खर्च आया। परिजनों ने 8500 रुपये ही जमा कराए। बाकी रकम मांगने पर परिजनों ने हंगामा किया। थानेदार विश्वनाथ राम ने बताया कि किसी पक्ष ने एफआईआर नहीं कराई। अस्पताल से मरीज काे डिस्चार्ज कर दिया गया।