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अधूरे नाला निर्माण के कारण शहर के कई मुहल्लों के घरों में घुस गया नाले का पानी

मानसून के महज दो दिन की बरसात ने नगर परिषद के तैयारियों के दावे पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया हैं।

Danik Bhaskar | Jul 03, 2018, 03:18 PM IST

मोतिहारी. मानसून के महज दो दिन की बरसात ने नगर परिषद के तैयारियों के दावे पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया हैं। आधा अधूरे नाला निर्माण तथा नाले की आधी अधूरी सफाई या यू कहे कि कागजों पर की गई सफाई ने हालात को र दुश्वार कर दिया है। कई मुहल्ले में लोगों के घर-आंगन में तक नाले का पानी समा गया है।

लोग को बाहर निकलने के लिए नाले के बजबजाते सड़े दुर्गंधयुक्त पानी को पार करना पड़ रहा है। लेकिन विगत बरसात के बाद अगले वर्श बेहतर व्यवस्था का दावा करने वाली नगर परिषद के पास तत्काल इसके लिए कोई व्यवस्था हीं नही है। जिस हिसाब से नगर परिषद का निजाम चल रहा है उस हिसाब से तो लगता नहीं है कि अभी भी इसके लिए किसी दीर्घकालिक योजना बन पाई है।

हालात यह ह कि शहर का ऊपरी हिस्सा हो या निचला हिस्सा, सभी जगह नाले के पानी जमा होने से लोगों को परेशानी हो रही है। शहर के कई मुहल्लों में मुख्य सड़क या फिर गली की सड़कों पर दो से तीन फीट नाल का पानी जमा हो गया है। इशके कारण बहुत जरूरी होने पर हीं लोग अपने घरों से निकल रहे है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल व कोचिंग जाने वाले छात्रों को हो रही है। सोमवार को सुबह में हल्की बारिश के कारण बच्चे स्कूल गये थे। स्कूल के लौटने से पहले इतनी बारिश हुई थी की सड़क व नाले में भेद करना मुश्किल हो गया था। बच्चे घर लौटने के समय उन्हें सड़कों पर दो से तीन फीट पानी से गुजरना पड़ा। जिसके कारण काफी परेशानी हुई।

नगर परिषद ने निकाला था टेंडर
करीब दो साल पहले नप की विभिन्न सड़कों को पीडब्लूडी को हस्नांतरित कर इसका निर्माण नाला के साथ कराया गया। संवेदक से हुए एग्रीमेंट के तहत अतिक्रमण हटा कर जगह मिलने के बाद ही वह नाला का निर्माण कराएगा। लेकिन अतिक्रमण हटाने की बजाए पीडब्लूडी व नगर परिषद अतिक्रमण हटाने का मुद्दा एक दूसरे पर थोपने लगे। जिसके कारण नाला का निर्माण अधूरा रह गया। लोगों की शिकायत तथा विरोध के कारण अंतत: नाली के निकासी के लिए नाला को जोड़ने के लिए टेंडर निकाला गया। जब टेंडर की प्रक्रिया हुई तबतक नप इओं मनोज कुमार का तबादला हो गया। फिलहाल नए इओ के आने तक टेंडर प्रक्रिया को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

अगरवा, चांदमारी, सुभाष नगर की स्थिति सबसे ज्यादा खराब
शहर के अगरवा,चांदमारी,बेलिसराय,शांतिपुरी,मठिया जिरात,नकछेद टोला,अंबिका नगर,बेलबनवा, सुभाष नगर आदि मुहल्लों के कई घरों में नाली का पानी प्रवेश कर गया है। अगरवा मुहल्ले में नाली के पानी के दबाव के कारण मुहल्ले की सड़क टूट गई है जिसके कारण कई घरों में नाली का गंदा पानी प्रवेश कर गया है। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। सुभाष नगर में भी लोगों के घर के अंदर तक बजबजाते नाले का पानी पहुंच गया है।

कई स्कूल के परिसर के अंदर पहुंचा पानी, पानी निकालने की व्यवस्था नहीं
शहर के सेंट थॉमस स्कूल,मॉडर्न पब्लिक स्कूल,जीवन पब्लिक स्कूल,राजहंस पब्लिक स्कूल सहित कई स्कूल के परिसर में नाले का बजबजाता पानी पहुंच गया है। नप के पास तत्काल पानी निकालने की कोई व्यवस्था नही है।

आधे-अधूरे निर्माण से परेशानी
नगर परिषद के द्वारा नाली के निर्माण की प्रक्रिया ठीक से पूरी नही की गई है। नालियों को एक दूसरे से नही जोड़ा गया है। नाली का निर्माण अधूरा ही छोड़ दिया गया है। नाली का पानी सड़क व घरों में घुस गया है।

बारिश के कारण नहीं हुई सफाई और नहीं उठाया गया कचरा, लगा अंबार
सुबह में काफी बारिश होने के कारण सफाई नही हो सकी। वहीं कचरा का उठाव भी नही हुआ। कचरा डंपिंग सेंटर पर कचरा का अंबार लगा हुआ है।

लोग हो रहे हैं परेशान
शहर के कई मुहल्लों के लोगों ने बताया कि अभी बारिश के मौसम की शुरुआत का यह हाल है। तो तीन महीने के बारिश में क्या होगा। लोगों को घर से निकलना मुश्किल हो रहा है।

यह कहते हैं नगर परिषद के अधिकारी
नगर परिषद के नवनियुक्त कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार ने कहा कि आज ही मैं चार्ज लिया हूं। शहर में वाटर लॉबिंग की गहनता से स्थल निरीक्षण करूंगा। शहर में क्यों वाटर लॉबिंग है।