- Hindi News
- National
- Rajuli News Basant Spring Program Will Be Introduced To The History Of Amravati
अमरावती के इतिहास से रूबरू कराएगा बसंत बहार कार्यक्रम
रजौली प्रखंड के अमावां गांव को लोग अमरावती मानते हैं ग्रामीणों का मानना है कि सैकड़ों साल पहले यह अमरावती गढ़ था। कालांतर में लोग अपभ्रंश रूप में इसे अमावां के नाम से पुकारने लगे। अमरावती गढ़ के पुनरुद्धार एवं उसके इतिहास से अवगत कराने के लिए गांव में चैती सह बसंत बहार कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी होली पर्व के बाद चैती सह बसंत बहार कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
ग्रामीणों का मानना है कि यह गांव संस्कृति और अध्यात्म के लिए काफी प्रचलित था। अमरावत गढ़ काफी चर्चित व विस्तृत गांव था। लेकिन धीरे-धीरे दो-तीन गांवों के अलग हो जाने से विखंडित हो गया और अमरावत गांव छोटा हो गया और यह अमावां गांव बनकर रह गया। बसंत बहार कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को पुनः अमरावत गढ़ स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अमावां पुनः आध्यात्मिक केंद्र बने जिसके लिए लगातार प्रयास ग्रामीणों के द्वारा किया जा रहा है।