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हर हाथ में दिखी चने की झंगरी और सगहा प्याज

एक वर्ष पहले
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होली शुरू होने के एक दिन पहले बाजारों में खरीददारों की भीड़ उमड़ पड़ी। रविवार को सब्जी बाजार में जबरदस्त भीड़ दिखी। लोगों ने घरों में बरी-फुलौड़ी और दहीबड़ा बनाने के लिए कई शब्जियों और मसाले की खरीददारी की। होली एक तरफ जहां रंग-गुलाल लगाकर खुशियां बांटने का त्योहार है वहीं लजीज व्यंजन खाने-खिलाने का भी त्योहार है। ऐसी परंपरा सदियों से चली आ रही है। यही कारण है कि नवादा बाजार पूरी तरह से खरीदारों से पटा हुआ है। रविवार को नवादा शहर के तमाम बाजार गुलजार होते रहे। सब्जी मंडी से लेकर कपड़े की दुकान, रंग-गुलाल की दुकान व राशन-किराना की सभी दुकानों में जबर्दस्त भीड़ दिखी। सब्जी मंडी पहुंचे हर महिला पुरूष के हाथों में चने की झंगरी और सगहा प्याज दिखा। बरी-पकौड़ी का हर आयटम की जमकर खरीददारी हुई। नवादा शहर की मुख्य सब्जी मंडी, भगत सिंह चैक, मालगोदाम सब्जी बाजार हर जगह हरा चना की झंगरी खूब बिका।

होली पर पुआ-पकवान से महकेगी रसोई

नवादा| होली के अवसर पर बरी-फुलौड़ी से घरों की रसोई सजेगी। होलिका दहन से पहले प्रसाद के तौर पर भी फुलौड़ी चढाई जाती है। घरों में महिलाएं होलिका दहन के लिए सबसे पहले फुलौड़ी तैयार कर अलग निकाल लेती हैं। उसे अगजा में दिया जाता है। ऐसी परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इसके बाद घर में एक से बढ़कर एक नमकीन व्यंजन बनाया जाता है। होलिकादहन के दिन रात में चावल व दही का कढ़ी बनाने का भी रिवाज है। अनेक लोग लाल साग भी बनाते हैं। एक से बढ़कर एक व्यंजन होली के दिन गृहणियां रसोई घरों में एक से बढ़कर एक व्यंजन बनाते हैं।

25 से 40 रुपए किलो तक बिका चने का झंगरी


होली के दौरान चने का भभरा बनाने का बड़ा महत्व है। इसके लिए गांव देहात से किसान चने की झंगरी लेकर नवादा पहुंचे थे। झंगरी की भारी आमद होने के बाद भी झंगरी का रेट कम नहीं हुआ। बाजार में चने का झंगरी 25 से लेकर 40 रूपए प्रति किलो तक बिका। हरा चना से भभरा, बीरा अथवा फूलौड़ी बनाई जाती है। इसके अलावा सब्जी बाजार में पकौड़ी बनाने के लिए बंदागोबी, फूलगोबी, सगहा प्याज, टमाटर, मटर, शिमला मिर्च, धनिया पत्ता, पुदीना पत्ता, कटहल, परवल, भिंडी, कदू आदि भी खूब बिके।

खरीदारी करते हुए लोग।
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