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दावा: 70 प्रतिशत से कम रोपनी वाले प्रखंड सूखा प्रभावित, हकीकत: 45%से कम रोपनी वाले प्रखंड भी सूची से बाहर

Nawada News - जिले के 9 प्रखंडों के 118 पंचायतों को सूखा प्रभावित बताते हुए इन पंचायतों के किसानों को आर्थिक सहायता देने की बात कही...

Bhaskar News Network

Sep 15, 2019, 09:07 AM IST
Nawada News - claim drought affected blocks with less than 70 sowing reality blocks with less than 45 saplings are also out of the list
जिले के 9 प्रखंडों के 118 पंचायतों को सूखा प्रभावित बताते हुए इन पंचायतों के किसानों को आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है। शुक्रवार को सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक सूखा प्रभावित पंचायतों में सबसे ज्यादा 118 नवादा के ही हैं। इसके बावजूद इस फैसले से जिले के बाकि के 5 प्रखंडों के 69 पंचायत के हजारों किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई है। इन प्रखंडों के किसानों में रोष है। वे विभिन्न माध्यमों से रोष जाहिर भी कर रहें हैं। कई ने तो सोशल मीडिया पर खुलकर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों पर ग्राउंड रिपोर्ट की अनदेखी कर एसी कमरे से सर्वे कराने का आरोप लगाया है। भाजपा नेता डाॅ. विनय कुमार सिंह ने कहा है कि जिले के सभी प्रखंडों में किसान सूखे से बेहाल हैं। इसके बावजूद सिर्फ 9 प्रखंडों को ही सूखा प्रभावित माना गया है। खासकर नवादा सदर प्रखंड के किसानों की हालत जिले में सबसे ज्यादा खराब है। लेकिन इसे सूखा प्रभावित प्रखंडों की सूची से बाहर रखा गया है। यह बेहद आपत्तिजनक बात है। खेतों में दरारे पड़ी। 70 प्रतिशत खेतों में धान लगा ही नहीं है। जहां लगी है वहां आधे से अधिक फसल बर्बाद हो चुकी है।

सुखा धान की खेत मे अाई दरार।

जिले के एक भी प्रखंड में 50 प्रतिशत रोपनी नहीं

आपदा प्रबंधन विभाग के द्वारा की गई घोषणा में बताया गया है कि सूखाग्रस्त प्रखंडों व पंचायतों का चयन तीन मापदंडों पर किया गया है। इनमें प्रखंड में बारिश में 30 प्रतिशत से अधिक कमी और उस प्रखंड की संबंधित पंचायत में खरीफ फसल की 70 प्रतिशत से कम बुआई या रोपनी शामिल है। सरकारी आंकड़े को ही माने तो नवादा जिले के किसी भी प्रखंड में 60 प्रतिशत रोपनी नहीं हुई। जिन प्रखंडों को सूखा प्रभावित की श्रेणी में नहीं लिया गया है उनमें नवादा में 44, नारदीगंज में 46, गोविंदपुर में 40 तथा रजौली में 45 प्रतिशत धानरोपनी हुई है। मतलब साफ है कि जिले के वास्तविक रिपोर्ट की अनदेखी कर दी गई है।

प्रखंड लक्ष्य अच्छादन प्रतिशत

नवादा 7700हे 3455 44

वारिसलीगंज 6700ह 3752 56

काशीचाक 2700हे 1230 45

कौवाकोल 6100हे 2334 38

पकरीबरावां 6700हे 4876 28

रोह 5700हे 2282 40

अकबरपुर 8300हे 3591 45

गोविंदपुर 3500हे 1404 40

रजौली 6500हे 2926 45

सिरदला 6700हे 1917 31

प्रखंड लक्ष्य अच्छादन प्रतिशत

मेसकौर 3800हे 572 15

नरहट 3800हे 1331 34

हिसुआ 4000हे 2035 34

नारदीगंज 4400हे 2035 46

कुल 76000हे 30060 39.55


जिले के सभी प्रखंडों में सूखा से एक जैसे हालात फिर भी सिर्फ 9 को ही सूखा प्रभावित मान रही सरकार

अक्टूबर माह में मिलेगी सब्सिडी|खराब हुई फसल को ले उन्हें कृषि इनपुट सब्सिडी मिलेगी। कृषि विभाग के सूत्रों के अनुसार वैसे किसान जो रोपनी कर चुके हैं, उनकी 3 बिंदुओं पर समीक्षा की जा रही है। खेतों में दरार पड़ने, फसल मुरझा जाने व उपज में 33 %या उससे अधिक कमी होने में से कोई एक कारण भी दिखेगा तो वैसे किसानों कृषि इनपुट सब्सिडी मिलेगी। कृषि विभाग पूरी सूची तैयार कर रहा है।

पिछले साल भी हुई थी किरकिरी

पिछले साल भी जिले के प्रखंडों को सूखा प्रभावित घोषित करने को लेकर प्रशासन की किरकिरी हुई थी। पहले 11 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया। फिर बाद में फजीहत हुई तो बाकि के भी तीन प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया। पिछले साल 14 प्रखंडों में नरहट, नारदीगंज और रजौली को छोड़ दिया गया था और बाद में शामिल किया गया था। इस साल इन प्रखंडों में पिछले साल से भी बदतर हालात है।


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