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ख्वाजा अब्दुल्ला चिश्ती की मजार पर जुटी भीड़

एक वर्ष पहले
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नरहट प्रखंड के शेखपुरा स्थित ख्वाजा अब्दुल्ला चिश्ती के मजार पर मंगलवार को श्रद्धा भाव से सलाना चादर पोशी की गई। ख्वाजा अब्दुल्ला चिश्ती की मजार पर चादर पोशी करने के लिए दिन भर अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ती रही। लोगो ने मजार पर माथा टेका एवं चादर पोशी सलामती की दुआ मांगी । गद्दी नशी मौलाना ऐन उद्दीन चिश्ती की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य भर के कई जिलों के अलावा उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ , पश्चिम बंगाल, झारखंड आदि राज्यों से भी लोग चादर पोशी करने पहुंचे थे। इस अवसर पर इस्लामिक विद्वानों और मौलानाओं की देखरेख में लोगों ने दरगाह पर पहुंचकर रंग बिरंगी चादर चढ़ाकर असलियत पेश किया। सुबह से ही दरगाह पर आने का सिलसिला शुरू हो गया था जो देर रात तक जारी रहा।

कहां है मजार

सूफी संत ख्वाजा अब्दुल्लाह चिश्ती की मजार जिले के नरहट प्रखंड के छोटा शेखपुरा में हिसुआ / नरहट रोड में स्थित है। बताया जाता है कि यह जगह मध्यकालीन मुस्लिम सूफी संत ख्वाजा अब्दुल्ला चिश्ती की कर्मभूमि रही है और यहां उनका मजार है। यह मजार हिंदुओं एवं मुस्लिम समुदाय के लिए श्रद्धा का स्थल है। वर्षों सही है अस्थल गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते आया है। यहां हर साल काफी संख्या में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग आते हैं।

मेला सा नजारा

दिन भर रौनक बढी रही और छोटा शेखपुरा गुलजार होता रहा। मेले में कई तरह की दुकानें भी लगाई गई थी जिससे लोगों चाट ,समोसा ,गोलगप्पा, केक ,जलेबी सहित अन्य व्यंजनों का जमकर लुत्फ उठाया। मजार के गद्दी नशी मौलाना ऐन उद्दीन चिश्ती की देखरेख में अकीदतमंदों ने चादरपोशी कर नेयाज-फातेहा किया। वहीं मजार पर चढ़ाने के लिए चादर और फूल की भी जमकर खरीददारी हुई। देर रात तक मिला और जश्न सा नजारा देखने को मिला। कव्वाल कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुति से झूमने पर मजबूर कर दिया।

विद्वानों और मौलानाओं की देखरेख में लोगों ने दरगाह पर पहुंचकर रंग बिरंगी चादर चढ़ाकर असलियत पेश किया। सुबह से ही दरगाह पर आने का सिलसिला शुरू हो गया था जो देर रात तक जारी रहा।

नरहट के छोटे शेखपुरा में चादर पोशी करते लोग
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