पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

नफरत मिटा मुस्कुराने का दिया संदेश

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

शनिवार को विधि विधान से पूजन और अंतिम पूर्णाहुति के साथ हीं कहुआरा में चल रहे शतचंडी महायज्ञ का समापन हो गया। अंतिम दिन यज्ञ मंडप, प्रवचन क्षेत्र और यज्ञ मैदान श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। भीड़ को देखते हुए आयोजकों लोगों के यज्ञ मंडप मे प्रवेश पर रोक लगा दिया। यज्ञाचार्य करूणा निधान शरण जी महाराज तथा नवडीहा के महंथ की अगुआई में स्थानीय ब्राह्मणों के वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच घी की आहुति दी गई। आग की लपट करीब 3-4 फीट ऊंची उठ रही थी। अंतिम दिन करूणा निधान जी महाराज ने लोगों को हमेशा मुस्कुराने , नफरत व भेदभाव मिटाने, व हर किसी से आशीर्वाद लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब आपके चेहरे पर मुस्कान बनी रहेगी तभी लक्ष्मी का निवास आपके घर में होगी। लोगों को छोटे-बड़े, गरीब-अमीर सभी का आशीर्वाद लेते रहना चाहिए। यज्ञ के अंतिम दिन लोगों की अपार भीड़ को देखते हुए देर रात करीब 11 बजे तक श्रद्धालुओं के बीच भंडारा का प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान आयोजकों ने भंडारा में पहुंच लोगों को शांति बनाए रखने की अपील की। वहीं वे हर स्थानों पर जा जा कर लोगों से मिलते नजर आयें।

एक से अधिक गुरुओं से ली जा सकती है दीक्षा| प्रवचनकर्ता ने कहा कि सह मिथक है कि सिर्फ चौथे पन में ही भक्ति और साधना होती है। किसी भी उम्र में हो सकती है। इसमे कतई संसय नहीं है। भगवान के भी गुरु हुआ करते हैं। इस कड़ी में उन्होंने लोगों को बताया कि जिस का नाम लेते हैं विभिन्न स्मृतियां उनके शब्द, ख्याल आते हीं सदभाव का ख्याल आता है गुरु कहलाते हैं।

भक्ति जागरण में झूमे लोग

इस दौरान रात्रि में भव्य भक्ति जागरण का आयोजन किया गया जहां लोग भक्ति गीतों पर झूमते दिखे। श्रद्धालु-भक्तों ने कतरल ध्वनि के साथ माता रानी और भगवान शंकर का जयकारा लगाया। मौके पर ग्रामीण रविंद्र सिंह, नवीन सिंह, रणजीत सिंह, किशोरी महतो, विजय महतो, अनिल सिंह, प्रभाकर सिंह, मुनि महतो, रमायण सिंह आदि सैकड़ों लोग मौजूद थे।

खबरें और भी हैं...