रुपए के लालच में सरकारी हाॅस्पिटल से नर्सिंग होम में बेच िदया मरीज

Nawada News - चंद रुपए के लालच में सरकारी हाॅस्पिटल के मरीजों को प्राइवेट हाॅस्पिटल को बेच दिया जा रहा है। सरकारी हाॅस्पिटल से...

Jun 14, 2019, 08:20 AM IST
Nawada News - patients sold in government hospital from nursing home in nursing home
चंद रुपए के लालच में सरकारी हाॅस्पिटल के मरीजों को प्राइवेट हाॅस्पिटल को बेच दिया जा रहा है। सरकारी हाॅस्पिटल से प्राइवेट हाॅस्पिटल गए मरीजों के साथ न केवल जमकर आर्थिक शोषण हो रहा है बल्कि जानमाल के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है। इस प्रकार का कृत्य सदर हाॅस्पिटल से लेकर जिले के कई पीएचसी में धड़ल्ले से और अनवरत हो रहा है। प्राइवेट हाॅस्पिटल के लिए मरीजों का सौदा करने में चिकित्सक से लेकर अस्पताल कर्मी व आशा व चिकित्सक भी होते हैं। इसमें ज्यादातर रात के अंधेरे के हैं,जिसमें मरीजों के पास इनलोगों की बात मान लेने के अलावा कोई उपाय नहीं बचता है।

इसी तरह का एक मामला बुधवार की रात्रि सदर हाॅस्पिटल में सामने आया है। जिसमें हाॅस्पिटल आए मरीज का इलाज न कर एक प्राइवेट हाॅस्पिटल में भेज दिया गया। प्राइवेट हाॅस्पिटल में न केवल मरीज का आर्थिक शोषण किया गया,बल्कि जानमाल का भी नुकसान हुआ है।

एम्बुलेंस पहुंचने की जगह घंटे भर बाद मिला जबाव एम्बुलेंस नहीं है

पीड़ित की मामी सिहन्ता देवी ने बताया दौलतिया गांव के भरत मांझी की प|ी पुन्नी देवी गर्भवती थी। बुधवार की शाम सात बजे अचानक दर्द उठ गया। दर्द होने पर हाॅस्पिटल ले जाने के लिए एम्बुलेंस के लिए काॅल किया गया। लेकिन तीन-तीन बार के काॅल के बाद हमेशा एक ही जवाब मिला बात करके बताते हैं। इस तरह साढे़ नौ बजे हाॅस्पिटल के तरफ से ही काॅल आया कि अभी एम्बुलेंस नहीं है,अपनी गाड़ी से आ जाएं। महिला ने बताया ढाई घंटे बाद भी एम्बुलेंस नहीं आने पर टेम्पों से प्रसूती महिला को लेकर पास पड़ोस की अन्य चार महिलाओं के साथ रात्रि 11 बजे सदर अस्पताल पहुंच गए।

हाॅस्पिटल में मौजूद आशा के कहने पर ले गए प्राइवेट हाॅस्पिटल,बच्चे की हुई मौत

डाॅक्टर 12 बजे रात में गया ले जाने के लिए दबाव बनाए हुए थे। साथ में कोई पुरूष सदस्य थे नहीं। पास पड़ोस की सभी महिलाएं ब्लड दे नहीं सकती थी,कोई उपाय नहीं बचा था। लिहाजा हाॅस्पिटल में मौजूद अकौना की आशा वर्कर मंजू देवी के कहने पर प्रसूती महिला को लेकर पास के ही एक प्राइवेट हाॅस्पिटल लेकर चले गए। वहां आॅपरेशन कर बच्चा को निकाला गया है,लेकिन बच नहीं सका।

एडमिट से पहले आॅपरेशन के लिए लिया 16 हजार,ब्लड का 9 हजार: परिजनों ने बताया प्राइवेट हाॅस्पिटल में प्रसूति को एडमिट कराने से पहले 16 हजार रुपए जमा लिया गया। इसके अलावा 9 हजार रुपए ब्लड का मांगा गया है। उन्होंने कहा गुरूवार को भी हाॅस्पिटल में एडमिट रखा गया है। हाॅस्पिटल की ओर से 30-35 हजार के करीब खर्च का हिसाब बताया गया है। फिलहाल रुपए के इंतजाम में लगे हैं।

डाक्टर ने कहा एडमिट कराना है तो पांचों को ब्लड देना होगा

सिहन्ता देवी ने बताया रात्रि 11 बजे हाॅस्पिटल पहुंचे के बाद पर्ची कटा लिए और एडमिट कराने के लिए महिला डाक्टर के पास ले गए। वहां डाक्टर पुन्नी देवी को एडमिट करने की जगह झल्लाने लगी। वह गुस्से में बोली हमलोग यहां एडमिट नहीं ले सकते हैं,तुमलोग इसे मार के लाई हो। गया के लिए रेफर कर दिए हैं गया लेकर जाओ। परिजनों ने कहा इतनी रात में पुरूषों की गैर मौजूदगी में गया कैसे जाते इसलिए डाॅक्टर से ही विनती करने लगे,तब डाॅक्टर बोली तुमलोग सभी पांचों महिलाएं अपना-अपना ब्लड दोगी तब एडमिट लेंगे,नहीं तो मरेगी इसकी जिम्मेवारी नहीं होगी।


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