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सेविकाओं को मिली जन्म-मृत्यु पंजीयन करने की ट्रेनिंग

एक वर्ष पहले
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प्रखंड मुख्यालय अवस्थित ट्राइसेम भवन में शनिवार को बीडीओ संजीव कुमार झा की देखरेख में आंगनबाड़ी सेविकाओं को जन्म-मृत्यु पंजीकरण का एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का आगाज करते हुए बीडीओ श्री झा ने कहा कि प्रत्येक जन्म एवं मृत्यु की घटनाओं का पंजीयन कराना कानूनन अनिवार्य है। समय पर पंजीयन करा लेने से भविष्य में आने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि जन्म पंजीयन एवं मृत्यु पंजीयन जन्म और मृत्यु की तारीख और स्थान का प्रमाणिक दस्तावेज है। प्रशिक्षण देते हुए प्रभारी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी अरुण कुमार ने कहा कि पोषक क्षेत्र में 21 दिनों के अंदर होने वाले जन्म-मृत्यु का पंजीकरण आंगनबाड़ी सेविका द्वारा किया जाएगा। इस कार्य के लिए सेविका को उप रजिस्ट्रार बनाया गया है। निबंधन अभियान का नेतृत्व संबंधित पंचायतों के पंचायत सचिव सह जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार करेंगे। श्री कुमार ने यह भी बताया कि सेविका अपने पोषक क्षेत्र के जन्म-मृत्यु पंजीकरण के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं का नाम सूची में अंकित करने के पश्चात जनित शिशु के जन्म-मृत्यु और मृत जन्म का निबंधन सही समय पर करेंगे। मौके पर सभी पंचायत सचिव,कार्यपालक सहायक एवं आंगनबाड़ी सेविका मौजूद थे।

रजौली में सेविकाओं व पंचायत सचिवों को भी मिला प्रशिक्षण

सिटी रिपोर्टर| रजौली

प्रखंड कार्यालय स्थित सभागार में प्रखंड के आंगनबाड़ी सेविकाओं, पंचायत सचिवों व आवास सहायकों को जन्म-मृत्यु के डाटा को संधारित करने का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बीडीओ प्रेम सागर मिश्र व प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी चंदन कुमार ने की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी चंदन कुमार ने उपस्थित सभी लोगों को बताया कि नवजात बच्चों का जन्म और लोगों की मृत्यु होने पर 21 दिन के अंदर आंगनवाड़ी सेविकाएं निर्धारित फॉर्मेट में उसका डाटा भरकर अपने सीडीपीओ कार्यालय को जमा करें। सीडीपीओ कार्यालय में डाटा एंट्री करने के बाद वहां से प्रमाण पत्र बना कर दिए जाएंगे। 21 दिन बीत जाने के बाद लोग प्रखंड सांख्यिकी कार्यालय में भी जन्म-मृत्यु के आंकड़ों के रिकॉर्ड को अपडेट करा सकते हैं। जागरूकता के अभाव में आंगनवाडी सेविकाएं निर्धारित समय-सीमा को पार कर जाती है। इससे लोगों को आसानी से जन्म प्रमाण पत्र व मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिल पाता हैं।

बीडीओ ने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से आंगनबाड़ी सेविकाओं, पंचायत सचिवों और आवास सहायकों को जागरूक कर जन्म-मृत्यु के आंकड़ों को सही समय पर अपडेट करने की जानकारी दी जा रही है।

सेविकाओं को दिया गया जन्म-मृत्यु पंजीयन करने का प्रशिक्षण।
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