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कमाई नहीं होने से लौट रहे दुकानदार, मेला खत्म होने में दो दिन बाकी

3 वर्ष पहले
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राजगीर महोत्सव के अवसर पर आयोजित ग्राम श्री मेला, कृषि मेला, व्यंजन मेला, पुस्तक मेला आदि को एक दिसम्बर तक चलना था लेकिन अधिकांश स्टॉल खाली हो गए हैं। दुकानदार बोरिया बिस्तर समेटकर लौट रहे हैं। अधिकांश दुकानदार कमाई नहीं होने का रोना रो रहे हैं। कई दुकानदारों का कहना है कि आशा की अपेक्षा 10 प्रतिशत भी आमदनी नहीं हुई है। लगाई गई पूंजी का आधा भी नहीं निकला। स्टॉल लगाने के लिए पांच हजार रुपये लिया गया था। व्यवसाय में नुकसान होता देख मेला के पांचवें दिन भी वापस लौट चले हैं। यही नहीं सरकारी स्तर पर विभिन्न विभागों के स्टॉल की हालत भी ठीक नहीं है। पशु एवं मत्स्य विभाग का पंडाल में सन्नाटा है। सभी कर्मी चले गये हैं। इस पंडाल के सभी स्टॉल खाली पड़े हैं। केवल गड्ढे की मछलियां बची है। सहायता केन्द्र, स्वास्थ्य केन्द्र का स्टॉल खाली हो गया है। सूचना जनसंपर्क विभाग के प्रदर्शनी का भी कोई खोज खबर लेने वाला नहीं है। कुर्सियां जहां-तहां पड़ी है।

सूना पड़ा स्टॉल।

व्यंजन मेले का स्वाद पड़ा फीका
व्यंजन मेला का स्वाद फीका पड़ गया है। रसमलाई सहित अन्य मिठाइयों का स्टाल खाली है। हवा मिठाई, एग रोल, पिज्जा, क्रीम बर्गर, पास्ता एंड चाउमिन, सन्नी लिट्टी चोखा, जय माता दी का फूल प्रोडक्ट, छोटे भटूरे, मिक्चर आदि का स्टॉल खाली हो गया है। अच्छी बिक्री नहीं होने के कारण दुकानदारों ने अपनी दुकान समेट ली है। नवादा से आये रामाशीष कुमार ने बताया कि पहला दो दिन ठीक-ठाक रहा। इसके बाद स्टॉफ का भी खर्च नहीं निकलने लगा तो दुकान बंद करने में ही भलाई समझी। छोला भटूरा के दुकानदार माया कुमार ने बताया कि उन्होंने 5 हजार रुपया लेकर स्टॉल बुक कराया है। पांच स्टाफ रखा है जिन्हें प्रतिदिन 500-500 रुपये देना पड़ता है। बिक्री नहीं हो रही है। कोई व्यवस्था भी नहीं है। कभी-कभी बिजली भी कट जाती है। घाटे का रोजगार साबित हो रहा है। नतीजतन बोरिया बिस्तर समेटकर लौटना पड़ रहा है। नवादा के अजय कुमार और रीता देवी ने मशरूम पकौड़ा का स्टॉल लगाया है। उन्होंने कहा कि जब ग्राहक ही नहीं आते तो रहने से क्या फायदा।

इन विभागों के स्टॉल हैं खाली : आपूर्ति विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बाल संरक्षण, राजस्व विभाग, सैनिक स्कूल, ऊर्जा विभाग, जीविका, उत्पाद विभाग, आंगनबाड़ी के स्टॉल खाली पड़े हैं। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा लगाया गया पंडाल सूना सूना है। कृषि मेला में कृषि प्रदर्शनी सह उत्पादन केन्द्र औषधीय से नशा मुक्ति केन्द्र, आत्मा नालंदा से संबद्ध पान उत्पादक कृषक हितार्थी समूह, मधुमक्खी पालक एवं मधु उत्पादक कृषक समूह, मोती की खेती सह स्पॉल लाइप, जिला मत्स्य कार्यालय, किसानों से जुड़े यंत्रों के स्टॉल आदि खाली है।

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