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खरमास शुरू, नहीं हाेंगे किसी तरह के मांगलिक कार्य

एक वर्ष पहले
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आज से खरमास शुरू होने के साथ ही सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों पर एक माह के लिए विराम लग गया है। पंचांगों के अनुसार शनिवार से खरमास शुरू हो रहा है। पंडित बताते हैं कि धनु एवं मीन राशि में सूर्य देव के प्रवेश करने से खरमास लगता है। इस वर्ष 14 मार्च से खरमास शुरू हो रहा है। यह एक माह तक रहेगा। इस दौरान कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किए जाएंगे। इस दौरान विवाह भी नहीं होगा। खरमास के समय आप को भगवान सूर्य और श्री हरि विष्णु की आराधना करनी चाहिए। शनिवार की दोपहर 02 बजकर 23 मिनट पर सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करेंगे और खरमास की शुरूआत हो जाएगी। एक माह बाद 13 अप्रैल को खरमास खत्म होगा। 14 अप्रैल को खरमास समाप्त होने के बाद से विवाह, मुंडन, हवन, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाएंगे।

खरमास में क्या न करें: जब भी हम कोई मांगलिक कार्य करते हैं तो उसके फलित होने के लिए गुरु का प्रबल होना जरूरी है। धनु एवं मीन बृहस्पति ग्रह की राशियां हैं। खरमास के समय सूर्य इन दोनों राशियों में होते हैं, इसलिए शुभ कार्य नहीं होते। खरमास में गृह प्रवेश, गृह निर्माण, नए बिजनेस का प्रारंभ, शादी, सगाई, वधू प्रवेश आदि जैसे मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए।

नवादा का संकटमोचन मंदिर।

वर्ष 2020 में विवाह के मुहूर्त

अप्रैल- चौथे माह में विवाह के लिए केवल 4 शुभ मुहूर्त है। 14, 15, 25 और 26 को विवाह का उत्तम योग है।

मई- इस माह में शादी के लिए कुल 16 मुहूर्त हैं। 1, 2, 3, 4, 6, 8, 9, 10, 11, 13, 17, 18, 19, 23, 24 और 25।

जून- जून में विवाह के लिए विवाह के 9 मुहूर्त हैं। 13, 14, 15, 25, 26, 27, 28, 29 और 30।

नवंबर- साल के 11वें माह में विवाह के केवल 3 मुहूर्त हैं। 26, 29 और 30।

दिसंबर- साल 2020 के आखिरी माह में विवाह के 8 मुहूर्त हैं। 1, 2, 6, 7, 8, 9, 10 और 11।

इस बार खरमास में नवरात्रि

इस बार नवरात्रि का प्रारंभ खरमास में हो रहा है। चैत्र नवरात्रि 25 मार्च से प्रारंभ हो रही है। इस दिन कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की आराधना प्रारंभ होगी। चैत्र नवमी 02 अप्रैल को है। कई साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है।

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