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- Sirdla News The Condition Of Six Children Of Shahpur Is Serious Due To Eating Toxins Considering It Plum
बेर समझ कर विषाक्त पदार्थ खाने से शाहपुर के छह बच्चों की हालत गंभीर
गांव से सटे जंगल में खेल रहे बच्चाें ने खेल-खेल में बेर जानकार विषाक्त फल खा लिया। िवषाक्त फल खाने के कारण एक ही गांव के छह बच्चों की हालत गंभीर हाे गई है जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला थाना क्षेत्र के उपरडीह पंचायत के शाहपुर गांव की है जहां गांव से सटे जंगल में विषाक्त पदार्थ खा लिए जाने से अाधा दर्जन बच्चाें की तबियत बिगड़ गई। शाहपुर निवासी नंदलाल मांझी के पांच वर्षीय पुत्री चंचल कुमारी तथा तीन वर्षीय उजाला कुमारी , जितेंद्र मांझी के चार वर्षीय पुत्र बिपिन कुमार, राजो मांझी के छह वर्षीय पुत्री रौशनी कुमारी, लाला मांझी के छह वर्षीय पुत्र बालबीर कुमार, ईश्वर मांझी के तीन वर्षीय दिलखुश कुमार तथा पांच वर्षीय चांदनी कुमारी को तबियत बिगड़ने के बाद चिंताजनक हालत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिरदला में भर्ती कराया गया है । जहां सभी बच्चों का इलाज चल रहा है । बच्चाें की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
बेर जानकार खाया िवषाक्त फल
पीड़ित परिजनों ने बताया कि गांव के पीछे जंगल मे सभी बच्चे खेल रहे थे । इसी बीच बच्चों ने बैर की तरह दिखने वाले फलाें काे खा लिया। खाने के कुछ देर बाद ही अचानक से सभी की तबियत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते बच्चे बेहोश होने लगे । आनन फानन में सभी बच्चों को स्थानीय पीएचसी में भर्ती कराया गया है । जहां डाॅक्टराें ने बच्चाें का ईलाज शुरू िकया । बच्चाेंने क्या खाया था यह अभी साफ नहीं हुअा है लेकिन बच्चाें ने परिजनाें काे बेर जैसा कुछ खाने की बात कही है।
विषाक्त पदार्थ खाने के बाद अस्पताल में भर्ती बच्चे।
जंगल में हाे चुका है विस्फाेट
करीब एक वर्ष पूर्व रजाैली थाना क्षेत्र में जानवराें के शिकार के लिए बनाए गए बम में विस्फाेट का भी मामला सामने अा चुका है। कोसंभातरी और मुरारकुरहा गांव के बाहर जंगल मे बिरहोर समुदाय के लोगो द्वारा जंगली जानवरों के शिकार करने को लेकर खाद्य पदार्थ में विस्फोटक लपेट कर रखा गया था । जिसके कारण कुतो की मौत हो गयी थी वही विस्फोट की जद में आकर दो बच्चे भी बुरी तरह से ज़ख़्मी हो गया था ।
जानवराें के शिकार के लिए अपनाए जाते हैं कई तरीके
गौरतलब है कि जंगल किनारे बसे गांव में जानवरों और पक्षियों के शिकार को लेकर शिकारी कई तरह -तरह की तरकीब अपनाते है। इसके चलते कई बार हादसे भी हाेते रहते हैं। एक माह पूर्व खटांगी पंचायत के पड़रिया निवासी रामविलास मांझी के छह वर्षीय पुत्री सलोनी कुमारी की मौत ऐसा ही विषाक्त पदार्थ खाने से हो गयी थी । पड़रिया निवासी शिबू मांझी के पांच वर्षीय पुत्र अमर कुमार को भी कुछ माह पहले एेसे ही मामले में चिंताजनक हालात में रजौली अस्पताल में भर्ती कराया गया था । तब चिकित्सकों की अथक प्रयास से जान बच सकी थी ।
खेल-खेल में बच्चाें ने बेर जानकार खाया जंगल में रखा विषाक्त पदार्थ