सैकड़ों वर्षों से संरक्षित है पैगम्बर व उनके परिवार के केश

Nawada News - रविवार को मोहम्मद साहब की जयंती पर जिले के नरहट प्रखंड के कोनीबर गांव में संरक्षित मोहम्मद साहब के मुए-मुबारक के...

Bhaskar News Network

Nov 11, 2019, 09:20 AM IST
Nrhat News - the hairstyle of the prophet and his family has been preserved for hundreds of years
रविवार को मोहम्मद साहब की जयंती पर जिले के नरहट प्रखंड के कोनीबर गांव में संरक्षित मोहम्मद साहब के मुए-मुबारक के दीदार केे लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। समाजसेवी हाजी सैयद मसीह उद्दीन के नेतृत्व में जिले भर से हजारों अकीदमंदों ने मोहम्मद साहब केे पाक केस का दीदार कर जहां में अमन की दुआ मांगी। मसीह उद्दीन ने आशय कि जानकारी देते हुए बताया कि हर साल मोहमद साहब की जयंती के उत्सव पर कोनीबर में भारी भीड़ उमड़ती है। इस दिन इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हजरत मोहम्मद साहब के पाक केस के दर्शन के लिए लाग यहां जुटतें हैं। लोग यहां पैगम्बर के अलावे उनके दमाद हजरत अली तथा उनके नवासे हजरत इमाम हुसैन और हजरत इमाम हसन के केस का भी दर्शन करते हैं। यह परम्परा सैकड़ों वर्षो से चली आ रही है। मोहम्मद साहब की जयंती के दिन ही इन केस दर्शन के लिए रखें जातें हैं। इस अवसर पर प्रो खालिद अहमद ,मंजुर आलम, अली अकबर उर्फ मो चुन्नू, रजी अहमद ,शेरूल्लाह ,मो फाते , मो रजा के अलावे जयराम सिंह, सूरजभान कुमार, कमल यादव, इंदु राजवंशी, बिपीन सिंह आदि ने भी पाक मुए-मुबारक के दर्शन किए।बताया जाता है कि कोनीबर के स्थनीय निवासी और पूर्व राज्य सभा सांसद काजी अहमद हुसैन हज यात्रा पर मक्का गए थे। मक्का के ही एक प्रतिष्ठित परिवार ने काजी साहब को पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब , उनके दामाद हजरत अली साहब ,उनके नवासे और इस्लाम के लिए शहादत देने वाले हजरत इमाम हुसैन और हजरत इमाम हसन के अलावे बड़े पीर साहब का पाक केस भेंट किया था। इन केसों को मुए-मुबारक कहा जाता है जिसे काजी साहब ने अपने गांव कोनीबर मे संरक्षित कर रखा था।

पैगंबर साहब के बाल काे देखते लाेग।

सिटी रिपोर्टर| नरहट

रविवार को मोहम्मद साहब की जयंती पर जिले के नरहट प्रखंड के कोनीबर गांव में संरक्षित मोहम्मद साहब के मुए-मुबारक के दीदार केे लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। समाजसेवी हाजी सैयद मसीह उद्दीन के नेतृत्व में जिले भर से हजारों अकीदमंदों ने मोहम्मद साहब केे पाक केस का दीदार कर जहां में अमन की दुआ मांगी। मसीह उद्दीन ने आशय कि जानकारी देते हुए बताया कि हर साल मोहमद साहब की जयंती के उत्सव पर कोनीबर में भारी भीड़ उमड़ती है। इस दिन इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हजरत मोहम्मद साहब के पाक केस के दर्शन के लिए लाग यहां जुटतें हैं। लोग यहां पैगम्बर के अलावे उनके दमाद हजरत अली तथा उनके नवासे हजरत इमाम हुसैन और हजरत इमाम हसन के केस का भी दर्शन करते हैं। यह परम्परा सैकड़ों वर्षो से चली आ रही है। मोहम्मद साहब की जयंती के दिन ही इन केस दर्शन के लिए रखें जातें हैं। इस अवसर पर प्रो खालिद अहमद ,मंजुर आलम, अली अकबर उर्फ मो चुन्नू, रजी अहमद ,शेरूल्लाह ,मो फाते , मो रजा के अलावे जयराम सिंह, सूरजभान कुमार, कमल यादव, इंदु राजवंशी, बिपीन सिंह आदि ने भी पाक मुए-मुबारक के दर्शन किए।बताया जाता है कि कोनीबर के स्थनीय निवासी और पूर्व राज्य सभा सांसद काजी अहमद हुसैन हज यात्रा पर मक्का गए थे। मक्का के ही एक प्रतिष्ठित परिवार ने काजी साहब को पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब , उनके दामाद हजरत अली साहब ,उनके नवासे और इस्लाम के लिए शहादत देने वाले हजरत इमाम हुसैन और हजरत इमाम हसन के अलावे बड़े पीर साहब का पाक केस भेंट किया था। इन केसों को मुए-मुबारक कहा जाता है जिसे काजी साहब ने अपने गांव कोनीबर मे संरक्षित कर रखा था।

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