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पूर्णिया में सीमेंट लदे ट्रक ने दो को रौंदा, उग्र लोगों ने पुलिस को दौड़ा कर पीटा

पुलिस की जीप व बाइक फूंकी, चार घंटे तक सड़क जाम

Danik Bhaskar | Sep 01, 2018, 07:58 AM IST

पूर्णिया. सीमेंट लदे ट्रक ने शुक्रवार की सुबह दो लोगों को रौंद डाला। दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मौत से आक्रोशित लोगों ने जमकर बवाल काटा। उन्होंने सुबह 9 बजे से दोपहर एक बजे तक सड़क को जाम कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही सदर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही लोग उग्र हो गए और नारेबाजी करने लगे। आक्रोशितों ने पुलिस को खदेड़ कर जीप में आग लगा दी।

लोगों को उग्र होते देख मौके पर पहुंचे सदर थाना के दो एएसआई को भी उपद्रवियों ने नहीं बख्शा और उनकी एक बाइक को आग के हवाले कर दिया। आक्रोशितों ने आधा दर्जन पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। हादसा कटिहार मोड़ स्थित रेलवे ओवरब्रिज के पास हुआ। मरने वालों की पहचान पश्चिम बंगाल के मालदा जिला के लतासी हरिशचंद्रपुर निवासी अब्दुर्रहमान (45 वर्ष) और पूर्णिया के फसिया थाना निवासी मो. आजम (35) के रूप में हुई है। आक्रोशित लोगों के हमले में एएसआई का बायां हाथ टूट गया, वहीं एक सिपाही का सिर फट गया। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ट्रक अोवरब्रिज से सीमेंट लोडकर जा रहा था। इस दौरान उसने एक साइकिल सवार को ठोकर मार दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

तनवीर नाम का व्यक्ति दे रहा था भीड़ को उकसावा : घटना के आधे घंटे के बाद सदर थानाध्यक्ष घटनास्थल पर पहुंचकर लगभग मामले को निपटा लिया था और परिजन को आने के पहले ही शव को पोस्टमार्टम पर ले जाने के लिए कुछ लोगों को मना भी लिया था। इसी बीच मोहम्मद तनवीर नाम के एक व्यक्ति घटनास्थल पर आया और वह लोगों को सड़क जाम करने टायर जलाने एवं अन्य नसीहत बार-बार देता रहा। तनवीर की एक बार सदर थानाध्यक्ष से इस बात को लेकर झड़प भी हो गई कि उन्हें कई बार फोन किया गया लेकिन वह घटनास्थल पर लेट से पहुंचा। दोनों के बीच कहासुनी के बाद कुछ युवकों की टीम ने सदर थाना की बोलेरो गाड़ी पर धावा बोल दिया और सदर थाना अध्यक्ष के सामने ही ड्राइवर सहित पुलिस बोलेरो गाड़ी को उल्टा कर आग के हवाले कर दिया।

पुलिस बल के साथ पहुंचे एसपी और एसडीपीओ : घटना के विरोध में हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। इस दौरान आक्रोशितों ने गुलाबबाग पूर्णिया मार्ग को चार घंटे के लिए जाम कर दिया। जिसके बाद एसपी ने एसडीपीओ, एक दर्जन से अधिक थानाध्यक्ष समेत 300 पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच कर उपद्रवियों को खदेड़ा। पुलिस ने इस दौरान दो दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया।

आरोप : पुलिस अतिक्रमण के नाम पर करती है परेशान

जाम को समर्थन देने के लिए कुछ लोग भीतर से ही पुलिस के खिलाफ लोगों को उकसा रहा था। इनमें से कुछ लोगों पहले ही पुलिस के हत्थे जाम करने के मामले में चढ़ चुका था और पुलिस के खिलाफ उसका आक्रोश था। लोगों का यह भी आरोप था कि पुलिस बेवजह अतिक्रमण के नाम पर प्रतिदिन उन्हें परेशान करती हैं और कुछ लोग तो रेड लाइट एरिया से भी आकर जाम में शामिल हो गए थे।