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एमडीएम घोटाला: मिड डे मील में 7 करोड़ रुपए का चावल खा गए बक्सर के तत्कालीन डीपीओ व बीआरपी

प्रमंडलीय आयुक्त का आदेश-केस दर्ज कर दोषियों से वसूली जाए गबन की राशि, आरोपित सभी बीआरपी को करें बर्खास्त

Danik Bhaskar | Jun 10, 2018, 06:20 AM IST
सिम्बॉलिक इमेज। सिम्बॉलिक इमेज।

बक्सर. प्रथम लोक शिकायत निवारण प्राधिकार सह प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर ने मध्याह्न भोजन में हुए चावल घोटाले के मामले में फर्जीवाड़ा करने वाले तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुरेश मंडल सहित सभी प्रखंड साधन सेवी (बीआरपी) पर एफआईआर का आदेश दिया है। साथ ही संबंधित बीआरपी को बर्खास्त करने व उनसे राशि वसूली करने को कहा है। जांच में अबतक घोटाले की जो राशि प्राप्त हुई है इसमें करीब सात करोड़ रुपए के गबन का मामला सामने आ रहा है। यह राशि बढ़ने की संभावना है।

- गबन जुलाई 2015 से लेकर अप्रैल 2016 के बीच मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम (एमआईएस) रिपोर्ट में गड़बड़ी कर किया गया। इस मामले में रिपोर्ट कम्प्यूटर के बजाय हाथ से बनाई गई थी।

- बड़े पैमाने में गड़बड़ी की सूचना नगर के धोबी घाट निवासी अरविंद कुमार को मिली। इन्होंने जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के यहां 2017 में परिवाद दायर किया।

- बताया कि तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी व बीआरपी ने सरकारी नियम के अनुसार कार्य नहीं किया, बल्कि मैन्युअल कार्य कर करोड़ों रुपए के चावल की राशि का गबन कर लिया गया है। मैन्युअल कार्य में भी कलम से छेड़छाड़ की गई।

इन पर गिरी गाज

- तत्कालीन डीपीओ सुरेश मंडल सहित सदर प्रखंड के बीआरपी राजीव रंजन पांडेय, इटाढ़ी के मो. रिजवी, नावानगर के धीरज प्रसाद, ब्रह्मपुर के बृजबिहारी शर्मा, सिमरी के प्रवीण, डुमरांव की प्रीति श्रीवास्तव, राजपुर प्रखंड के संजय राय व चौसा प्रखंड के श्याम कुमार दोषी पाए गए हैं। डीपीओ सुरेश सेवानिवृत हो चुके हैं।