पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

विलय के निर्णय से राज्य के विभिन्न बैंकों की 1590 शाखाएं होंगी प्रभावित

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

पटना| सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय केंद्र सरकार के निर्णय से राज्य के विभिन्न बैंकों की 1590 शाखाएं प्रभावित होंगी। विलय के बाद होने वाले बदलाव को लेकर फ़िलहाल पूरी तरह स्पष्टता नहीं है। पर संभावना जताई जा रही है कि विलय के पूरी तरह लागू होने के बाद प्रभावित शाखाओं के ग्राहकों को अपना पासबुक, एटीएम व चेक बुक बदलना पद सकता है। राज्य में फिलहाल पीएनबी की 575, कैनरा बैंक की 247, इंडियन बैंक की 66 और यूनियन बैंक की 159 शाखाएं हैं। जिनके साथ यूनाइटेड बैंक की 92, ओरिएंटल बैंक ऑफ़ कॉमर्स की 52, सिंडीकेट बैंक की 66, आन्ध्र बैंक की 47, कारपोरेशन बैंक की 43 और इलाहाबाद बैंक की 243 शाखाओं का विलय होगा। विलय के बाद 27 की जगह 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक रहेंगे। केंद्र सरकार के निर्णय के बाद 1 अप्रैल से ओरिएंटल बैंक ऑफ़ कॉमर्स तथा यूनाइटेड बैंक का पीएनबी में विलय किया जाएगा। केंद्र सरकार के इस निर्णय के खिलाफ ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर एसोसिएशन (एआईबीओए) सहित अन्य बैंक कर्मचारी यूनियन उतर आए हैं। पूरे देश में एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा की गई है। एआईबीओए के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव डीएन त्रिवेदी ने बताया कि पूर्व में हुए बैंकों के विलय से बैंक ग्राहकों को प्रतिस्पर्धी बैंकिंग व्यवस्था में मिलने वाले लाभ में भी कमी आयी।
खबरें और भी हैं...