राजधानी में 16 आश्रय स्थलों का होगा निर्माण
राजधानी में 16 स्थानों पर आश्रय स्थल का निर्माण होगा। पहले से चयनित 13 स्थानों में से चार के लिए रेलवे से एनओसी नहीं मिल पाई है। वहीं, नौ अन्य स्थानों के लिए विभिन्न विभागों से एनओसी मांगी गई है। वहीं, तीन नए आश्रय स्थलों के निर्माण की योजना को मंजूरी प्रदान की गई है। अभी पटना नगर निगम द्वारा तीन आश्रय स्थलों का संचालन किया जा रहा है। यहां की स्थिति की समीक्षा का निर्णय लिया गया है। शहरी समृद्धि उत्सव के दौरान निगम क्षेत्र में संचालित आश्रय स्थलों का सोशल ऑडिट किया जाएगा।
नगर निगम द्वारा दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना के तहत शहरी निराश्रितों के लिए तीन नए आश्रय स्थल का निर्माण किया जाएगा। योजना के तहत ग्राउंड व दो फ्लोर के भवन का निर्माण होगा। प्रत्येक में 50-50 बेड की सुविधा होगी। प्रत्येक आश्रय स्थल के निर्माण पर 51.36 लाख रुपए की लागत आएगी। सशक्त स्थायी समिति ने नूतन राजधानी अंचल के अंटा घाट में जल बोर्ड की जमीन और बांकीपुर अंचल में मैकडोवल चौक के पास पश्चिमी पीआरडीए कैंपस व भंवर पोखर पार्क के पीछे आश्रय स्थल के निर्माण को मंजूरी दी है।
रेलवे ने नहीं दी अनुमति : पटना जंक्शन, पाटलिपुत्र जंक्शन, गुलजारबाग जंक्शन व पटना साहिब स्टेशन के पास आश्रय स्थल के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। इन स्थानों पर पूर्व मध्य रेलवे व दानापुर मंडल द्वारा जमीन उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई गई है।
ये स्थान किए गए चयनित
{आर-ब्लॉक के पास पुराने रैनबसेरा के स्थान पर : पथ निर्माण विभाग
{चीना कोठी, पुराने रैनबसेरा के स्थान पर : पथ निर्माण विभाग
{हड़ताली मोड़, पुराने रैनबसेरा के स्थान पर : पथ निर्माण विभाग
{पीएमसीएच कैंपस : स्वास्थ्य विभाग
{टेंपो स्टैंड के पास, मंदिर परिसर : आवास बोर्ड
{भूतनाथ रोड, गोरैया स्थान के पास : आवास बोर्ड
{मीठापुर बस स्टैंड : शिक्षा विभाग
{एनएमसीएच : स्वास्थ्य विभाग
{जीजीएस अस्पताल : स्वास्थ्य विभाग