बिहार / 300 करोड़ ठगने वाला गिरोह नीट एजेंसी से ही निकालता था अभ्यर्थियों का डाटा, पटना में भी खोल रखा था दफ्तर, यहां के छात्रों से भी ठगे 20 करोड़

300 crore fraudster gang used to extract data of candidates from NEET agency itself
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300 crore fraudster gang used to extract data of candidates from NEET agency itself

  • अधिकतर आरोपी यूपीएससी-बीपीएससी की तैयारी करने वाले, निशाने पर थे मेडिकल-इंजीनियरिंग छात्र

दैनिक भास्कर

Sep 26, 2019, 06:45 AM IST

पटना . बिहार सहित कई राज्यों में मेडिकल कॉलेजों में दाखिला कराने के नाम पर ठगी करने वाले फुलवारीशरीफ के मशरुल हक उर्फ अबशार कादरी के बड़े गिरोह का नोएडा पुलिस ने भंडाफोड़ कर सरगना समेत 3 को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह पटना के तीन दर्जन लाेगाें से 20 करोड़ ठग चुका है। गिरोह नीट लेने वाली एजेंसी से परीक्षार्थियों का डाटा हासिल करता था।

 

उनके नंबर का पता लगा लेता था। यह काम अबशार के जिम्मे था। वैसे अभ्यर्थियों व उनके अभिभावकाें को फोन करता था जो ऊंचे पद पर या बड़े कारोबारी हों। कहा जाता था कि आपके बेटे को नीट में इतने नंबर आए हैं। अगर मेडिकल काॅलेज में दाखिला कराना है, तो 40-50 लाख देने होंगे। टॉप कॉलेज में दाखिले का रेट 80 लाख से एक करोड़ के बीच था। गिरोह ने दिल्ली के जनकपुरी में शानदार ऑफिस खोला था। पटना समेत अन्य शहरों में भी ऑफिस है। नोएडा में ठगी पैसे के लेन-देन के विवाद में एक सदस्य की हत्या की जांच में गिरोह का खुलासा हुआ। 

 

दाखिला नहीं, सिर्फ ठगी  : नोएडा के एक्सप्रेस वे थाने के प्रभारी ने बताया कि यह गिरोह दाखिला नहीं कराता था, केवल ठगता था। दाखिलेे से 10 दिन पहले ऑफिस बंद कर चंपत हो जाता था।

 

शातिर काफी पढ़े-लिखे : अबशार, नीरज व अभिषेक एमबीए हैं। निखिल इंजीनियर है। गिरोह के शातिराें के बीच राज्य बंटा था। संजीव बिहार देखता था। ये पहले रेलवे में नौकरी के नाम पर ठगते थे। 

 

अाैरंगाबाद का नीरज मास्टरमाइंड : गिरोह में अबशार के अलावा एसकेपुरी का अभिषेक, न्यू पाटलिपुत्र काॅलोनी का निखिल, मनेर का विकास, जानीपुर का रौशन, औरंगाबाद का नीरज, नालंदा का राजेश कुर्मी उर्फ दबंग व यूपी के आजमगढ़ का धीरेंद्र, गाजियाबाद के संजीव समेत कई सदस्य हैं। नीरज गिरोह का मास्टरमाइंड है। वह जेल भी जा चुका है। 

 

ठगी की रकम के बंटवारे के लिए ही हुई थी बेउर में हत्या : ठगी की रकम के लेन-देन के विवाद में ही गिरोह के दो शातिराें की हत्या हुई। पिछले माह जानीपुर के रौशन की हत्या बेउर थाना इलाके में उस वक्त हुई थी जब वह पटना सिटी से कार से घर लौट रहा था। इसी गिरोह से जुड़े संजीव की हत्या 8 सितंबर को दिल्ली में हुई और शव को एक्सप्रेस वे थाने के बाजिदपुर गांव के पास फेंक दिया गया था। हत्या में गिरोह के सरगना नीरज के साथ ही निखिल व धीरेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जबकि अबशार, विकास, राजेश कुर्मी व अभिषेक फरार हैं। इनके पास से एक लाख नकद, मेडिकल काॅलेजाें की 24 मुहर, नीट परीक्षार्थियों के डाटा बरामद किए गए हैं। 

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