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- Patna News 45 Year Old Wall Of Circuit House Collapsed Near R Block Four Buried In Debris Death Of A Woman Two In Critical Condition
आर ब्लॉक के पास सर्किट हाउस की 45 साल पुरानी दीवार गिरी, मलबे में चार दबे, युवती की मौत, दो की हालत गंभीर
आर ब्लॉक के पास स्थित सर्किट हाउस की दक्षिणी दीवार रविवार की सुबह करीब 8 बजे गिर गई। उसमें दबने से आग ताप रही 18 साल की युवती आरती की मौत हो गई, जबकि होटल चलाने वाले रंजीत कुमार के स्टाफ मो. अजीज, सीडीए के सीनियर ऑडिटर आलोक कुमार के बेटे अभिषेक कुमार व उनके भतीजे अमित सागर जख्मी हो गए। स्थानीय लोगों ने 45 साल पुरानी 10 इंच की दीवार के मलबे में फंसे इन लोगों को निकाला। आरती की मौके मौत हो चुकी थी, जबकि इन तीनों को जिंदा निकाला गया। दरअसल सर्किट हाउस में सरकारी क्वार्टर बन रहा है। ठेकेदार ने मिट्टी का पहाड़ दीवार के किनारे लगा दिया था। दीवार में पिलर नहीं था। मिट्टी के दबाव की वजह से दीवार गिर गई। करीब 55 साल के अजीम को पीएमसीएच में भर्ती कराया गया, जबकि अभिषेक व अमित को यारपुर स्थित निजी अस्पताल भेजा गया। अजीम व सागर की हालत गंभीर है। मधेपुरा के चंदा गांव के रहने वाले अजीम का हाथ-पांव टूट गया है और सिर पर गंभीर चोट है। सागर के चाचा आलोक ने बताया कि उसे कमर, सिर व शरीर के कई हिस्सों में चोट है। अभिषेक की हालत ठीक है।
इस घटना में दीवार से सटे आशा देवी, रंजीत समेत 10 लोगों की दुकान व होटल क्षतिग्रस्त हो गए। अमित व सागर एजी आवास परिसर में रहते हैं। सुबह में वहां चाय पीने गए थे। अजीम रंजीत के होटल में बर्तन साफ करते हैं। आरती के मां-पिता की बचपन में ही मौत हो गई थी। वह कूड़ा व प्लास्टिक चुनती थी। वह भाई सूरज के साथ यारपुर डोमखाना में रहती थी। घटना से थोड़ी देर पहले आरती दीवार से सटे आग ताप रही थी।
मृतका के परिजनों को दिया गया 4 लाख का मुआवजा
आरती की मौत व तीनों के घायल होने के बाद स्थानीय लाेग उग्र हो गए। लोगों ने आरती का शव सर्किट हाउस के पास सड़क पर रखकर जाम कर दिया। इस दौरान लोगों ने जमकर हंगामा व नारेबाती करने के साथ पथराव भी किया। करीब एक घंटे तक वहां अफरातफरी मची रही। मौके पर कोतवाली व जिला प्रशासन की टीम पहुंच गई। किसी तरह लोगों को शांत कराकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इस बाबत सूरज के बयान पर यूडी केस दर्ज किया गया है। थानेदार रामशंकर ने बताया कि मृतका के परिजनों को चार लाख का मुआवजा दिया गया।
रविवार होने से कम भीड़ थी, नहीं तो बड़ा हादसा होता
सुबह में वहां चाय-नाश्ता करने के लिए लोगों की भारी भीड़ रहती है। छुट्टी का दिन होने से वहां कम भीड़ थी। जिस तरह से दीवार गिरी और ग्रिल दूर तक फेंका गया, भीड़ होती तो बड़ा हादसा हो जाता। लोगों का कहना है कि ठेकेदार पर पुलिस केस करे। घटना के बाद जेसीबी से दीवार के किनारे मिट्टी के टाल को हटाना शुरू किया गया। थानेदार ने बताया कि ठेकेदार ने इन लोगों को दीवार से हट जाने को कहा था।
ठेकेदार को दीवार के किनारे मिट्टी डालने से रोका था
दीवार से सटे सुधा बूथ चलाने वाले आरबी राय व गुमटी चलाने वाली आशा देवी व अन्य लोगों ने बताया कि 10 दिनों से क्वार्टर बना रहे ठेकेदार को कहा था कि दीवार के पास मिट्टी व टाल न लगाएं पर उनकी बातों का काेई असर नहीं हुआ। ठेकेदार एक विधायक का करीबी है। दीवार में पिलर नहीं था और नीचे नाला है। राय ने बताया कि दीवार के बने 45 साल हो गए।
ठेकेदार ने बगल में लगाया था मिट्टी का ढेर, जिसके दबाव से गिर गई
मौत की दीवार
युवती बगल में आग ताप रही थी। दीवार गिरी तो उसके शरीर का आधा हिस्सा मलबे में फंस गया और मौत हो गई।