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आवास बोर्ड और निकायों की जमीन पर बनी दुकानों में दिव्यांगों को 5% आरक्षण

एक वर्ष पहले
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राज्य सरकार बिहार राज्य आवास बोर्ड के भवनों और भूमि के आवंटन में दिव्यांगों को आरक्षण देगी। इसके साथ ही नगर निकायों द्वारा सरकारी भूमि पर निर्मित दुकानों के आवंटन में भी पांच फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा। नगर विकास विभाग ने दिव्यांगों को आरक्षण देने के लिए बिहार राज्य आवास बोर्ड और सभी नगर निकायों को आवंटन के प्रावधानों में बदलाव करने का निर्देश दिया है। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के इस संबंधन में दिए गए निर्णय के तहत दिव्यांगों को ये सुविधाएं दी जानी है। विभाग ने बिहार राज्य आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक के अलावा चारों स्मार्ट सिटी के प्रबंध निदेशक, नगर आयुक्त और नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को इन प्रावधानों को लागू करने का निर्देश दिया है।

बिल्डिंग बायलॉज में भी बदलाव की तैयारी : शहरों में बनने वाले सभी व्यावसायिक भवनों में दिव्यांगों की सुविधा के लिए रैंप का निर्माण कराना अनिवार्य होगा। इसके लिए बिल्डिंग बायलॉज में भी बदलाव की अनुशंसा की गई है। व्यावसायिक परिसरों का नक्शा पास कराने के लिए भवनों में रैंप का प्रावधान अनिवार्य किया गया है। स्मार्ट सिटी की योजनाओं में दिव्यांगों के लिए जरूरी सुविधा को शामिल किया जाएगा। इसकी प्लानिंग में दिव्यांगों के लिए सुगम्यता, बाधारहित परिसर और वातावरण उपलब्ध कराने का प्रावधान शामिल करने का निर्देश दिया गया है। नगर विकास विभाग ने सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि शहरी क्षेत्रों के फुटपाथ और सड़कों के डिवाइडरों का निर्माण दिव्यांगों की सुविधा के अनुसार किया जाए।

पहाड़ी इलाकों में जल संचय के लिए बनेगा गारलैंड-ट्रेंच

पटना|प्रदेश के पहाड़ी व जंगली इलाकों में जल संचय के लिए गारलैंड-ट्रेंच का निर्माण किया जाएगा। इसके तहत माला रूपी नाले का निर्माण किया जाता है। गारलैंड-ट्रेंच जल संधारण व जल संचयन में बेहद कारगर होता है। लघु जल संसाधन विभाग के अपर सचिव गोपाल मीणा की अध्यक्षता में शनिवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसमें ही आम लोगों से सीधे फीडबैक लेने के लिए नया वाट्सएप नंबर जारी करने का भी फैसला हुआ। इस पर कोई व्यक्ति किसी योजना की शिकायत कर सकता है। बैठक में अपर सचिव ने जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत 3.5 करोड़ से ऊपर की बड़ी योजनाओं के कार्य-प्रगति की समीक्षा की। योजनाओं की माॅनिटरिंग में कई खामियां सामने आईं। मीणा ने विभाग के इंजीनियरों व ठेकेदारों को तत्काल उन्हें दूर करने की हिदायत दी। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई होगी।
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