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3 साल की पोती के साथ निकली दादा-दादी की अर्थी, जिंदगी से जंग लड़ रही बहू

तीन साल की पोती टुकटुक, डॉक्टर सुधीर रंजन, उनकी पत्नी और ड्राइवर अभय कुमार की अर्थी एक साथ निकली।

Dainik Bhaskar

Dec 04, 2017, 05:34 AM IST
चार अर्थियां निकलते हुए (इनसेट में बच्ची की डेडबॉडी) चार अर्थियां निकलते हुए (इनसेट में बच्ची की डेडबॉडी)

सुल्तानगंज (भागलपुर). शनिवार सुबह रोड एक्सीडेंट में मारे गए डाॅक्टर फैमिली के घर से रविवार सुबह तीन साल की पोती टुकटुक, डॉक्टर सुधीर रंजन, उनकी पत्नी और ड्राइवर अभय कुमार की अर्थी एक साथ निकली। गंगा घाट पर सभी का एक साथ दाह-संस्कार किया गया। डाॅक्टर के बड़े बेटे डॉक्टर शुभम ने अपने माता-पिता और बेटी को मुखाग्नि दी। वहीं ड्राइवर सह कंपाउंडर अभय कुमार को उनके दत्तक बेटे ओम ने मुखाग्नि दी। वहीं एक्सीडेंट में घायल टुकटुक की मां हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत के बीच जंग रही है।

घाट पर मौजूद लोगों की आंखों में थे आंसू

शवयात्रा में डाॅक्टर कपल के दोनों बेटे डाॅक्टर शुभम, डाॅक्टर अन्नू और दोनों बेटियां डाॅक्टर ममता ौर डाॅक्टर श्वेता, दामाद के अलावा चचेरा भाई और भागलपुर में डीसीएलआर के पद पर रहे सुबीर रंजन, रिश्तेदार, एमएलसी एनके यादव सहित इलाके के लोग शामिल रहे। इनकी मौजूदगी में गंगा घाट पर चारों शवों का दाह-संस्कार किया गया। नेपाल के विराटनगर में रह रहे अपने डाॅक्टर बेटे शुभम के पास शनिवार को जा रहे डाॅक्टर सुधीर रंजन मंडल, उनकी पत्नी रेखा सिन्हा व पोती टुकटुक और ड्राइवर सह कंपाउंडर अभय कुमार की पूर्णिया के सरसी चंपावती पुल घाट के समीप सड़क हादसे में हुई मौत हो गई थी। ट्रक ने डॉक्टर की कार को टक्कर मार दिया था, जिसमें कार के परखच्चे उड़ गए थे।

जिंदगी और मौत से जूझ रही है बहू, लाई गई भागलपुर

सदर अस्पताल पूर्णिया में जिंदगी और मौत से जूझ रही बहू को गंभीर स्थिति में भागलपुर स्थित डाॅक्टर एनके यादव के यहां एडमिट कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। उधर, गंगा घाट पर दिवंगत डाॅक्टर दंपत्ति और पोती मासूम टुकटुक की एक साथ चिता सजाई गई। पोती टुकटुक अपनी दादी को एक पल भी छोड़ना नहीं चाहती थी। बहू स्वाति उसे साथ लेकर सुल्तानगंज दादी के पास आई थी। शनिवार को नेपाल जाने के क्रम में रास्ते में पोती अच्छी तरह से जाए, इसलिए दादी उसे अपनी गोद में बिठाकर ले जा रही थी। दादी की गोद में ही पोती की मौत हो गई और पोती के शव को दादी के शव के गोद में ही डालकर लाया गया।

आगे की स्लाइड्स में देखें संबंधित फोटोज...

डॉक्टर दंपत्ति के बच्चे। डॉक्टर दंपत्ति के बच्चे।
एक साथ निकलती चार अर्थियां। एक साथ निकलती चार अर्थियां।
बच्ची की डेडबॉडी लिए हुए उनके फैमिली मेंबर्स। बच्ची की डेडबॉडी लिए हुए उनके फैमिली मेंबर्स।
शनिवार सुबह एक्सीडेंट के बाद ऐसी हो गई थी कार। शनिवार सुबह एक्सीडेंट के बाद ऐसी हो गई थी कार।
डॉक्टर दंपत्ति की घायल बहू। डॉक्टर दंपत्ति की घायल बहू।
4 Family Members Funeral Togather at bhagalpur
4 Family Members Funeral Togather at bhagalpur
4 Family Members Funeral Togather at bhagalpur
4 Family Members Funeral Togather at bhagalpur
4 Family Members Funeral Togather at bhagalpur
4 Family Members Funeral Togather at bhagalpur
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चार अर्थियां निकलते हुए (इनसेट में बच्ची की डेडबॉडी)चार अर्थियां निकलते हुए (इनसेट में बच्ची की डेडबॉडी)
डॉक्टर दंपत्ति के बच्चे।डॉक्टर दंपत्ति के बच्चे।
एक साथ निकलती चार अर्थियां।एक साथ निकलती चार अर्थियां।
बच्ची की डेडबॉडी लिए हुए उनके फैमिली मेंबर्स।बच्ची की डेडबॉडी लिए हुए उनके फैमिली मेंबर्स।
शनिवार सुबह एक्सीडेंट के बाद ऐसी हो गई थी कार।शनिवार सुबह एक्सीडेंट के बाद ऐसी हो गई थी कार।
डॉक्टर दंपत्ति की घायल बहू।डॉक्टर दंपत्ति की घायल बहू।
4 Family Members Funeral Togather at bhagalpur
4 Family Members Funeral Togather at bhagalpur
4 Family Members Funeral Togather at bhagalpur
4 Family Members Funeral Togather at bhagalpur
4 Family Members Funeral Togather at bhagalpur
4 Family Members Funeral Togather at bhagalpur
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