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अब अकेली मुस्लिम महिला भी कर सकती है यात्रा, 2019 से समुद्री शिप से होगी हज यात्रा

आसाम, हिमाचल, गुजरात व बिहार राज्यों से निर्धारित कोटा से 60 प्रतिशत ही लोग हज यात्रा करते हैं।

Bhaskar News | Last Modified - Jan 16, 2018, 06:01 AM IST

  • अब अकेली मुस्लिम महिला भी कर सकती है यात्रा, 2019 से समुद्री शिप से होगी हज यात्रा

    सहरसा.हज यात्रा के दौरान हवाई सफर में केंद्र सरकार की ओर से इसी वर्ष सब्सिडी समाप्त करने व बिजली बिल में साढ़े तीन गुणा बढ़ोतरी के बाद केंद्रीय हज कमेटी ने हज यात्रा को और भी ज्यादा सस्ता व रोमांचकारी बनाने की कवायद तेज कर दी है। इसके लिए केंद्रीय हज कमेटी जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय को भेजेगी। केंद्र सरकार से निर्देश मिलते ही अगले वर्ष से समुद्री मार्ग लोग हज यात्रा पर जा सकेंगे।

    केंद्रीय हज कमेटी की मानें तो वर्ष 2019 से यह यात्रा फिलहाल मुंबई व गुजरात के पोरबंदर के समुद्री जहाज से शुरू होगी। एक शिफ्ट में चार हजार हज यात्री यात्रा कर सकेंगे। समुद्री शिप खरीदने के लिए एक विदेशी कंपनी से बात भी चल रही है। केंद्र सरकार से निर्देश मिलते ही समुद्री जहाज की खरीदारी होगी। वहीं केंद्रीय हज कमेटी ने इस वर्ष मुस्लिम महिला को हज यात्रा में विशेष छूट दी है। इस वर्ष से मुस्लिम महिलाएं अपने पति या परिजनों के अलावा किसी भी चार महिलाओं के ग्रुप में हज यात्रा में सफर को जा सकती हैं। बशर्ते यात्रा करने वाली महिला की उम्र 45 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। जुलाई के पहले सप्ताह में दिल्ली से हवाई मार्ग से पहला जत्था निकलेगा। केंद्रीय हज कमेटी की ओर से आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। बता दें कि पूर्व में हज कमेटी विदेश मंत्रालय के अधीन थी, लेकिन इस वर्ष अल्पसंख्यक व कल्याण मंत्रालय के अधीन है।

    5000 यात्रियों का बढ़ाया गया कोटा

    आसाम, हिमाचल, गुजरात व बिहार राज्यों से निर्धारित कोटा से 60 प्रतिशत ही लोग हज यात्रा करते हैं। जरूरतों को देखते हुए इस वर्ष 5000 हज यात्रियों का कोटा केंद्रीय हज कमेटी की ओर बढ़ा दी गई है। पिछले वर्ष भारत में एक लाख सत्तर हजार पच्चीस हज यात्रियों को कोटा था। लेकिन इस वर्ष एक लाख पचहत्तर हजार पच्चीस यात्री हज यात्रा कर सकेंगे।

    महंगा हुआ हज यात्रा का सफर

    पिछले वर्ष हज यात्रियों को केंद्र सरकार की ओर से 200 करोड़ की सब्सिडी दी गई थी। वर्ष 2016 में 405 करोड़ की सब्सिडी केंद्र ने थी। केंद्रीय हज कमेटी की मानें तो लगभग 37 हजार रुपए प्रति यात्रियों को सरकार की ओर सब्सिडी मिल रही थी। इस वर्ष सरकार ने हवाई सफर में सब्सिडी समाप्त कर दी है।

    यात्रा को बनाया जाएगा सस्ता, रोमांचकारी व सुरक्षित


    केंद्रीय हज कमेटी के चेयरमैन चौधरी महबूब अली केसर ने बताया कि तीन गुणा मकान किराया महंगा होने के चलते अब हज यात्रा आर्थिक दृष्टिकोण से थोड़ी महंगी हो गई है। सभी सत्र के लोग हज यात्रा कर सकें इसके लिए इसे सस्ता व रोमांचकारी बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2019 से मुंबई व पाेरबंदर के रास्ते समुद्री मार्ग से हज यात्रा हो सकेगी। इस संदर्भ में अल्पसंख्यक व कल्याण मंत्रालय को जल्द ही प्रस्ताव भेजा जाएगा।

    शिप से 7 से 8 दिन में पूरी होगी हज यात्रा

    बिहार स्टेट हज कमेटी चेयरपर्सन मोहम्मद इलियास ने बताया कि हज यात्रा सस्ती और सुरक्षित हो, ताकि हर स्तर के लोग हज यात्रा पर जा सकें। इसके लिए केंद्रीय हज कमेटी जल्द ही मंत्रालय को प्रस्ताव भेजने की तैयारी में है। हवाई सफर से चार घंटे में हज यात्री मक्का पहुंचते हैं, जबकि पानी के शिप से यह यात्रा सात-आठ दिनों में पूरी हो सकेगी।

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Web Title: Alone Muslim Women Can Do Haj Pilgrimage
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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