पटना

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एसीजेएम कोर्ट ने अर्जित शाश्वत को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा

अर्जित शाश्वत पर सांप्रदायिक हिंसा फैलाने का है आरोप, शनिवार देर रात किया था सरेंडर

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 12:13 PM IST
Arjit Shashwat in judicial custody for 14 days, Charges of spreading communal violence

भागलपुर. बिहार के भागलपुर जिले में हुई हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत को कोर्ट ने रविवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस पर अर्जित के वकील का कहना है कि हम इस दौरान बेल के लिए अर्जी देंगे। हमें पूरी उम्मीद है उसे बेल मिल जाएगा। अर्जित शाश्वत ने शनिवार देर रात पटना के महावीर मंदिर के पास पुलिस के सामने सरेंडर किया था।

अर्जित की गिरफ्तारी के बाद गरमाई सियासत
- केंद्रीय मंत्री और अर्जित के पिता अश्विनी चौबे ने कहा, "विपक्ष ने मेरे बेटे के खिलाफ गलत एफआईआर दर्ज कराई है। क्या जय श्री राम का नारा लगाना गलत है। मेरे बेटे ने कुछ भी गलत नहीं किया है। जब उसकी अंतरिम जमानत की अर्जी नामंजूर कर दी गई, तब उसने कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए सरेंडर कर दिया। हम केंद्र और राज्य सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं। अर्जित को जरूर न्याय मिलेगा।"
- अर्जित शाश्वत की गिरफ्तारी के बाद बिहार में सियासत गरमाई हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी कहना है कि बिहार सरकार फेल हो चुकी है। पूरी सेटिंग के साथ अर्जित शाश्वत को सरेंडर कराया गया है।
- आरजेडी ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि ये सरेंडर अर्जित ने नहीं बल्कि शासन प्रशासन ने सरेंडर किया है।

अब आगे क्या?

अर्जित शाश्वत बेल के लिए सीजेएम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सकेंगे। यहां से राहत नहीं मिलने पर वे जिला अदालत में अर्जी डालेंगे। अगर यहां भी राहत नहीं मिलती है तो वे हाईकोर्ट जा सकते हैं। इन प्रक्रियाओं को वो एक हफ्ते में पूरी कर सकते हैं, ताकि केस जल्दी हाईकोर्ट में पहुंचे और जल्द जमानत मिल जाए।

कौन हैं अर्जित चौबे?

- केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री) के बेटे अर्जित रातोंरात हिंदुत्व का चेहरा बनकर उभरे। जमानत याचिका खारिज होने के बाद सरेंडर के लिए हनुमान मंदिर के पास की जगह को चुनना भी उनके हिंदुत्व कार्ड की गणित बताता है। सरेंडर के वक्त भी उस जगह पर 'जय श्रीराम, जय भवानी' नारे लगाए गए।

क्या है पूरा मामला ?

- 17 मार्च को हिंदू नववर्ष की शोभा यात्रा के दौरान भागलपुर के चंपानगर में दो पक्षों के बीच रोड़ेबाजी, आगजनी, फायरिंग की घटना हुई थी। इस घटना में पुलिस जवान समेत कई लोग घायल हो गए थे।

- मामले में एएसआई हरिकिशोर सिंह ने अर्जित समेत 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। अरेस्ट वारंट के लिए कोर्ट पहुंची पुलिस को अदालत ने अधूरा बताते हुए लौटा दिया था। उस समय पुलिस ने सिर्फ अर्जित पर ही वारंट की अर्जी लगाई थी। जिस पर कोर्ट ने एतराज जताते हुए कहा कि मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ अर्जी क्यों नहीं डाली गई?

- 24 मार्च को एसीजेएम कोर्ट ने अर्जित समेत सभी नौ आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। अरेस्ट वारंट जारी होने के बाद अर्जित शाश्वत और 8 अन्य आरोपियों ने सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की। इस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी।

कब-क्या हुआ?

17 मार्च 2018: भारतीय नववर्ष समिति के बैनर तले नववर्ष जागरण शोभायात्रा का नेतृत्व करने के आरोप में नाथनगर थाने के एएसआई हरिकिशोर सिंह ने आठ अन्य के साथ आरोपियों बनाते हुए केस दर्ज किया।

21 मार्च 2018 : अर्जित के खिलाफ अरेस्ट वारंट के लिए कोर्ट पहुंची नाथनगर थानेदार को वारंट प्रपत्र अधूरा बताते हुए अदालत ने लौटा दिया था। उस समय पुलिस ने सिर्फ अर्जित पर ही वारंट की अर्जी लगाई थी। जिस पर कोर्ट ने एतराज जताते हुए कहा कि मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ अर्जी क्यों नहीं डाली?
22 मार्च 2018 : अदालत के आदेश के बाद नाथनगर थानेदार ने सभी आरोपियों के खिलाफ वारंट की अर्जी लगाई लेकिन केस डायरी साथ में नहीं लगाया। जिस पर कोर्ट ने अर्जी वापस कर दी।
23 मार्च 2018 : जुलूस में आपत्तिजनक गाना बजाने वाले डीजे संचालक बबलू मंडल व सुखराज हाईस्कूल में बमबाजी मामले में अफवाह फैलाने वाले जानिसार अख्तर उर्फ टिंकू को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
24 मार्च 2018 : एसीजेएम कोर्ट ने अर्जित समेत सभी नौ आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
26 मार्च 2018 : अरेस्ट वारंट जारी होने के बाद अर्जित शाश्वत ने सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल किया।
27 मार्च 2018 : अग्रिम जमानत अर्जी पर बहस के बाद कोर्ट ने पुलिस से केस डायरी की मांग की।
28 मार्च 2018 : अर्जित के साथ बवाल मामले के अन्य 8 आरोपियों ने भी अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की।

31 मार्च 2018 : भागलपुर कोर्ट ने अर्जित शाश्वत की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

31 मार्च 2018 : शनिवार देर रात करीब 12 बजे अर्जित ने पटना में सरेंडर कर दिया।

1 अप्रैल 2018 : सीजेएम कोर्ट ने अर्जित को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा।

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