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यूनिवर्सिटी कैंपस में एक के बाद एक फेंके 30 बम, यूं जिंदा बम चुनती रही पुलिस

घने कोहरे के बीच लगातार ब्लास्ट और गोलियों की बौछार से यूनिवर्सिटी कैंपस दहल गया।

Danik Bhaskar | Dec 17, 2017, 07:47 AM IST
पीजी-3 हॉस्टल के ऊपर ग्रिल के पास बमबाजी के बाद दिखता निशान। इनसेट में मिला जिंदा बम। पीजी-3 हॉस्टल के ऊपर ग्रिल के पास बमबाजी के बाद दिखता निशान। इनसेट में मिला जिंदा बम।

मुजफ्फरपुर. वर्चस्व की लड़ाई को लेकर बीआरए बिहार यूनिवर्सिटी के पीजी थ्री हॉस्टल पर शनिवार सुबह एक के बाद एक 30 बम फेंके गए और ताबड़तोड़ हवाई फायरिंग भी की गई। सुबह 5:30 बजे घने कोहरे के बीच लगातार ब्लास्ट और गोलियों की बौछार से यूनिवर्सिटी कैंपस दहल गया। हॉस्टल के कमरों और दीवारों पर बम के निशान स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे थे। सूचना मिलने के बाद मौके पर तीन थाने की पुलिस पहुंची।

कैंपस से 5 जिंदा बम और 9 खोखा बरामद

पुलिस ने घटनास्थल से 5 जिंदा बम और 9 खोखा के साथ-साथ फटे बम के अवशेष बरामद किए हैं। बम निरोधी दस्ता ने इसे डिफ्यूज किया। पीजी थ्री के स्टूडेंट के आवेदन पर यूनिवर्सिटी थाना ने ड्यूक के 12 स्टूडेंट्स के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। घटना के बाद विवि कैंपस में तनाव है। वहीं, बमबाजी को लेकर पुलिस ने मजिस्ट्रेट के साथ शनिवार देर रात ड्यूक हॉस्टल में छापेमारी की गई जहां से 12 कारतूस, तलवार, हॉकी स्टिक, चंदे की रसीद कैश बरामद हुए। स्टूडेंट्स ने कहा है कि सुबह 5 बजे जब हॉस्टल के स्टूडेंट्स सो रहे थे और कुछ कैंपस में टहल रहे थे। इसी बीच लगभग 100 की संख्या में उपद्रवियों ने बंदूक, बम, लाठी, डंडा, रोड़ा और ऑटोमेटिक हथियार से लैस होकर पीजी थ्री के स्टूडेंट्स पर हमला कर दिया। उपद्रवियों ने बमबारी के साथ-साथ कई राउंड फायरिंग भी की।

दो दिन पहले चंदा विवाद में हुई थी भिड़ंत

बता दें कि गुरुवार को कैंपस में चंदा वसूली के मामले में पीजी थ्री और ड्यूक हॉस्टल के स्टूडेंट्स में विवाद हो गया था। इसके बाद पीजी थ्री के स्टूडेंट्स ने ड्यूक हॉस्टल में मारपीट, फायरिंग और बमबारी की थी। एलएस कॉलेज में एग्जाम दे रहे एमआईटी के स्टूडेंट्स को पीटे जाने पर विवाद बढ़ गया था।

गैंगस्टरों के हथियारों से पीजी हॉस्टल पर तड़तड़ाईं गोलियां

पीजी-3 हॉस्टल पर तड़तड़ाई गईं गोलियों में इस्तेमाल प्रतिबंधित अत्याधुनिक हथियार बड़े गैंगस्टरों से मंगवाई गई थीं। पुलिस ने एफआईआर में प्रतिबंधित हथियार से जुड़ी गंभीर आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाई हैं। एसआईटी से जुड़े एक थानेदार ने बताया कि बम की सूतलियां नई थीं। ऐसा लगा कि हमले के लिए शुक्रवार की रात में ही बम बनाया गया हो। जब्त बम की मारक क्षमता भी काफी अधिक थी। पुराने माहिर अपराधी ही छर्रा रखकर इस तरह का बम बनाते हैं। आशंका है कि हॉस्टल के छात्रों की जंग में बड़े गैंगस्टर भी विश्वविद्यालय एरिया में उतर आए हैं।

हवाई फायरिंग और बम विस्फोट की आवाज पर खुली लोगों की नींद

पीजी थ्री हॉस्टल पर बमबारी और हवाई फायरिंग की घटना की चर्चा पल भर में पूरे विवि कैंपस समेत आसपास के इलाके में आग की तरह फैल गई। इससे यूनिवर्सिटी क्वार्टर में सो रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की नींद खुल गई। सभी अपने क्वार्टर से बाहर निकले। एक दर्जन से अधिक लोग पीजी थ्री के मैदान पर जमा हो गए। लेकिन कुहासा छाने के कारण उन्हें कुछ भी दिखाई नहीं पड़ा। वहीं, पीजी थ्री हॉस्टल के बगल में रहने वाले एसआरएपी (स्टेट रैपिड एक्शन फोर्स) के जवानों ने बताया कि गोलियों की आवाज सुनकर वे बाहर निकले तो उन्होंने देखा कि हमलावर एक के बाद एक बम पीजी थ्री की ओर फेंक रहे हैं।

कैंपस में पड़ा जिंदा बम। कैंपस में पड़ा जिंदा बम।
मौके पर जांच के दौरान पुलिस की टीम। मौके पर जांच के दौरान पुलिस की टीम।
यूनिवर्सिटी कैंपस में बम के अवशेष को चुनती पुलिस की टीम। यूनिवर्सिटी कैंपस में बम के अवशेष को चुनती पुलिस की टीम।
यूनिवर्सिटी कैंपस में जिंदा बम। यूनिवर्सिटी कैंपस में जिंदा बम।
पीजी-3 हॉस्टल के ऊपर ग्रिल के पास बमबाजी के बाद दिखता निशान। पीजी-3 हॉस्टल के ऊपर ग्रिल के पास बमबाजी के बाद दिखता निशान।
हॉस्टल में बमबाजी के बाद टूटे हुए कांच के टुकड़े। हॉस्टल में बमबाजी के बाद टूटे हुए कांच के टुकड़े।