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मंत्री पर हमला मामला : बॉडीगार्ड का हथियार छीन की थी फायरिंग की कोशिश

संजीव ने बताया कि 29 दिसंबर को ही मंत्री के तारापीठ दौरे की जानकारी पश्चिम बंगाल सरकार को दी गई थी।

Danik Bhaskar | Jan 03, 2018, 04:38 AM IST

पटना. तारापीठ, पश्चिम बंगाल स्थित होटल सोनार बंगला में नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा पर हुए हमले के दौरान होटलकर्मियों ने बॉडीगार्ड के हथियार छीन कर फायरिंग की कोशिश की थी। इस क्रम में हथियार क्षतिग्रस्त हो गया। संयोग ही था कि फायरिंग नहीं हुई। यह जानकारी मंत्री के पीए संजीव कुमार ने प्राथमिकी में दी है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ तारापीठ थाने में मामला दर्ज कराया है।


संजीव ने बताया कि 29 दिसंबर को ही मंत्री के तारापीठ दौरे की जानकारी पश्चिम बंगाल सरकार को दी गई थी। पहली जनवरी को बंगाल की सीमा में प्रवेश करने पर पाया कि सुरक्षा को लेकर कोई पहल की गई है। मंत्री ने वहां के डीएम व एसपी से बात करने का प्रयास किया, पर उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। दोबारा विभाग नेे बंगाल के प्रोटोकॉल अफसर को फैक्स कर सूचना दी। होटल में प्रबंधन ने अपशब्द का प्रयोग किया, जिस पर मंत्री के सहयोगियों ने आपत्ति जताई। झड़प होने पर मंत्री ने मामला शांत कराते हुए होटल में नहीं रुकने की इच्छा जताई और पैसे वापस करने के लिए कहा। इस पर होटल कर्मियों ने 5 मिनट का समय मांगा। फिर अचानक हमला कर दिया। इसमें बॉडीगार्ड के हाथ की अंगुली टूट गई आैर चालक का सिर फट गया।

होटल प्रबंधन का आरोप : शराब के नशे में थे सभी, हथियार व लाठी से किया कर्मियों पर हमला

होटल सोनार बंगला के फ्रंट ऑफिस असिस्टेंट प्रणव मन्ना ने पुलिस को दिए लिखित शिकायत में कहा है कि शाम 4 बजे होटल पहुंचे मंत्री व अन्य लोगों ने यह कहते हुए बुकिंग कैंसिल करने के लिए कहा कि हमारी व्यवस्था कहीं आैर हो गई है। मन्ना ने कहा कि ऑनलाइन बुकिंग होने से राशि ऑनलाइन ही लौटाई जाएगी। इसी बात पर बहस के क्रम में सुरक्षा स्टाफ ने हथियार व लाठी से हमला कर तोड़फोड़ करते हुए कैश लूट लिया। सभी लोग शराब के नशे में गाली-गलौज कर रहे थे और उन्हें पीट कर घायल कर दिया। गन प्वाइंट पर जान से मारने की धमकी दी।

मंत्री के पीए बोले : होटल व्यवसायी को बचाने की कोशिश कर रही बंगाल सरकार

मंत्री सुरेश शर्मा के पीए संजीव कुमार ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि स्थानीय एसडीपीओ के सामने भी नशे में होने के आरोप लगे थे। मंत्री जी ने वहां मौजूद सभी लोगों का मेडिकल टेस्ट कराने का अनुरोध किया था, पर ऐसा नहीं किया गया। तोड़फोड़ या कैश लूट की हकीकत सीसीटीवी कैमरे से सामने आ जाएगी। पश्चिम बंगाल सरकार होटल व्यवसायी को बचाने का प्रयास कर रही है। मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजे तक हम तारापीठ में रहे, पर घायलों की इंज्यूरी रिपोर्ट तक नहीं दी गई। सुबह तीन बजे प्राथमिकी की रिसीविंग कॉपी मिली।

पुलिस कर रही जांच, सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा


मामले के तूल पकड़ने के बाद आला अफसरों के साथ तारापीठ थाने की पुलिस ने तफ्तीश शुरू की। होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस अफसरों के मुताबिक पूरी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। डीजीपी पीके ठाकुर ने कहा कि पश्चिम बंगाल पुलिस के संपर्क में हैं। घटना के संबंध में जानकारी ली जा रही है। डिटेल्स ले रहे हैं।