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हत्या के आरोपी को अरेस्ट करने गई थी पुलिस, गांववालों ने छीन ली राइफल

हत्या के मामले में महेंद्र यादव, सत्येन्द्र यादव और रविन्द्र यादव को गिरफ्तार करने पुलिस मंगलवार की रात गई थी।

Danik Bhaskar | Dec 21, 2017, 06:25 AM IST

परैया (गया). देर रात को अचानक गांव में गिरफ्तारी के लिए दाखिल होना पुलिस को महंगा पड़ा। पुलिस और अपराधी में फर्क किए बिना गांव वाले भी टूट पड़े। रोड़ेबाजी कर खदेड़ दिया। कई पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए। एक जवान पीछे छूट गया, जिसकी राइफल छीन ली गई। बाद में पुलिस पूरी तैयारी से आयी और रात भर कहर बरपाया तो अहले सुबह गन्ने के खेत में छीनी गई राइफल मिली। घटना मंगलवार को परैया थाना क्षेत्र के प्रभुआ गांव में घटी। तीनों हत्यारोपियों सहित एक महिला समेत 6 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। दो दर्जन की तलाश की जा रही है।


तीन हत्यारोपी की तलाश


प्रभुआ गांव ही रामप्रवेश यादव की हत्या के मामले में गांव के ही तीन महेंद्र यादव, सत्येन्द्र यादव और रविन्द्र यादव को गिरफ्तार करने पुलिस मंगलवार की रात गई थी। परैया के थानाध्यक्ष अखिलेश सिंह होमगार्ड और कुछ सैप के जवानों के साथ गांव में पहुंचे थे। जब रोड़ेबाजी शुरू हुई तो सभी लोग भाग खड़े हुए। जीप तक पहुंचकर निकल गए। इसी क्रम में होमगार्ड का एक जवान मुन्नीलाल यादव भागने में पिछड़ा गया। बाद में जब यह जख्मी हालत में पहुंचा तो उसके पास राइफल नहीं थी।

रात भर पुलिसिया कहर


परैया थानाध्यक्ष की सूचना पर टिकारी के डीएसपी मनीष कुमार सिन्हा और एसएसबी के इंस्पेक्टर लोकेश कुमार के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस और अर्द्ध सैनिक के जवान सारी संख्या में पुन: पहुंचे। महिला, पुरुष, बुजुर्ग-जवान जो जहां मिला उसकी जबर्दस्त पिटाई की गई। तलाशी के नाम पर तीन घरों के किवाड़ तोड़े गए तो कई घरों का सामान तहस-नहस किया गया। पूरे गांव में भय और दहशत व्याप्त हो गया।

बूढ़ी महिला ने की पुलिस की मदद , 23 पर प्राथमिकी

गांव के ही स्व. रामपति यादव की विधवा कुंती देवी ने पुलिस राइफल को बरामद करने में मदद की। गांव से सटे एक गन्ने के खेत से राइफल को बरामद किया गया। इस घटना के सिलसिले में 23 नामजद और 15 अगस्त लोगों के खिलाफ परैया थाना में एफआईआर की गई है। पुलिस दल पर हमला और राइफल लूटने के मामले में भी तीनों हत्यारोपियों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। देर रात को होमगार्ड के जवानों सहित काफी संख्या में पुलिस बल लेकर थानाध्यक्ष गांव में क्यों गए? पुलिस जिसे गिरफ्तार करने गई और बैरंग लौट गई तो तीनों हत्यारोपी गांव में ही बैठे कैसे रहे? महिला-बच्चों पर कहर क्यों बरपाया गया? ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि जवान राइफल फेंक कर भाग गया।

पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी : डीएसपी


टिकारी के डीएसपी मनीष कुमार ने बताया कि पुलिस दल पर हमला और राइफल लूटना जघन्य अपराध है। किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। कड़ी सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।