--Advertisement--

बैंक कर्मियों ने रची 42 लाख रु. लूट की साजिश, ATM में डालने निकले थे रुपए

पुलिस ने तत्काल मामले की गंभीरता को देखते हुए छानबीन आरंभ की, जिसमें सारी पोल खुल गई।

Danik Bhaskar | Dec 20, 2017, 07:28 AM IST

सुपौल/सरायगढ़. जिले में एक्सिस बैंक के विभिन्न एटीएम में रुपए डालने के लिए जा रहे तीन बैंककर्मियों ने 42 लाख रुपये लूट की साजिश रची और पुलिस के हत्थे चढ़ गए। मामला का खुलासा मंगलवार को तब हुआ, जब बैंककर्मी भपटियाही थाना में रुपए लूट की शिकायत लेकर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल मामले की गंभीरता को देखते हुए छानबीन आरंभ की, जिसमें सारी पोल खुल गई। इसके बाद पुलिस ने तीन बैंककर्मियों को हिरासत में लेकर छानबीन शुरू कर दी। पूरी रकम भी एक एटीएम के गार्ड रूम से बरामद कर ली गई है।

मंगलवार को भपटियाही थाना में सदर एसडीपीओ विद्यासागर ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। किसनपुर थाना में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। करीब 1:30 बजे एक्सिस बैंक शाखा से बैंक के कैशियर सुभाष चौधरी बिना हथियार के गार्ड रंजीत चौधरी तथा चालक संपत शर्मा के साथ विभिन्न एटीएम में 42 लाख रुपए जमा करने के लिए निकले थे। 2:30 बजे तीनों भपटियाही थाना पहुंचे, जहां उन्होंने बताया कि लाल रंग की दो बाइक पर सवार छह अपराधियों ने उनसे रकम लूट ली। अपराधियों ने सरायगढ़ रेलवे ढाला के समीप हथियार का भय दिखाकर लूट की घटना को अंजाम दिया। इस क्रम में कर्मियों के दो मोबाइल भी उनसे छीन लिए। इसमें से 21 लाख रुपये सोमवार को ही बैंक से निकासी हुई थी, जबकि 21 लाख रुपये मंगलवार को एटीएम के लिए निकासी कर मशीन में जमा करने ले जाया जा रहा था।

बैंक कर्मियों के बयान में अंतर से पकड़ाया झूठ

एक्सिस बैंक कर्मी जब 42 लाख कैश लूट की शिकायत लेकर जब कैशियर सुभाष चौधरी, गार्ड रंजीत चौधरी और चालक संपत शर्मा पुलिस के पास पहुंचे तो पुलिस ने उनसे पूछताछ की। इसके बाद तीनों के बयान में अंतर स्पष्ट तौर पर सामने आने लगा। इससे पुलिस का शक गहराया और उसने मोबाइल टावर लोकेशन का भी सहारा लिया। इसमें बैंक कर्मियों के वाहन के साथ अन्य किसी भी व्यक्ति की गतिविधि सामने नहीं आई। इसके बाद पुलिस और सख्त हुई और कैशियर सुभाष चौधरी ने पुलिस के समक्ष स्वीकार कर लिया कि रुपये की कोई लूट नहीं हुई बल्कि गबन के लिए उसे ठिकाने लगाया गया है। पुलिस की गतिविधि सामान्य होने के बाद रुपये को ठिकाने लगाने की योजना थी।

एटीएम के गार्ड रूम से बरामद हुआ पूरा कैश


एसडीपीओ विद्यासागर ने बताया कि सरायगढ़ स्थित टाटा इंडिकॉम एटीएम, जो उपेंद्र प्रसाद मेहता के आवास पर किराये के घर में संचालित है, कर्मियों की निशानदेही पर राशि वहां से बरामद की गयी। रुपये अपनी मूल अवस्था में ही एटीएम के गार्ड रूम में छिपाकर रखा गया था।


सुरक्षा को लेकर संजीदा नहीं था बैंक प्रबंधन


कैश सुरक्षा को लेकर बैंक प्रबंधन की लापरवाही सामने आयी है। एटीएम में पैसे जमा करने कर्मियों ने कोई कैश वैन तक नहीं लिया था। पूरा कैश स्कॉर्पियो में ले जाया जा रहा था, जबकि कैश लेकर जाने के दौरान पुलिस को सूचना तक नहीं दी गई।


चार थाने की पुलिस जुटी
भपटियाही थानाध्यक्ष मुकेश कुमार मिश्रा को जैसे ही लूट की सूचना मिली कि उन्होंने सदर एसडीपीओ विद्यासागर को बताया और मौके के लिए रवाना हो गए। एसडीपीओ के निर्देश पर किसनपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार, पिपरा थानाध्यक्ष शिवशंकर कुमार तथा राघोपुर थानाध्यक्ष चंद्रकांत गौरी भी मौके पर पहुंचे।


घटना एक नजर में

01:30 बजे- सुपौल से कैश लेकर रवाना हुए बैंक कर्मी
02:30 बजे- लूट की शिकायत लेकर पहुंचे भपटियाही थाना
05:00 बजे- बैंक कर्मियों ने कबूला अपना अपराध
05:30 बजे- एटीएम के गार्ड रूम से बरामद हुआ कैश

तीनों से की जा रही है पूछताछ

सुपौल के सदर एसडीपीओ विद्यासागर ने बताया कि पूरा मामला अमानत में खयानत का है। इसे लेकर किसनपुर थाना में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। तीनों कर्मियों से पूछताछ चल रही है। कुछ अन्य कर्मियों की भी गिरफ्तारी हो सकती है। कार्रवाई के लिए चारों थानाध्यक्षों को सम्मानित किया जायेगा। जिसके लिए वरीय अधिकारियों को लिखा जा रहा है।