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भास्कर स्टिंग : 4 हजार की जगह 9 हजार रुपए ट्रैक्टर में बिक रही बालू

आमतौर पर 4000-4500 रुपए ट्रैक्टर बिकने वाला बालू अभी 8500 से 9 हजार रुपए तक में बेचा जा रहा है।

राकेश रंजन/शशि सागर | Last Modified - Dec 20, 2017, 07:46 AM IST

  • भास्कर स्टिंग : 4 हजार की जगह 9 हजार रुपए ट्रैक्टर में बिक रही बालू

    पटना.बालू के खनन और बिक्री को लेकर फंसे पेच के कारण सबसे अधिक परेशानी आम आदमी को हो रही है। लेकिन, राजधानी समेत पूरे राज्य में बालू माफिया और दलालों की पौ बारह है। आमतौर पर 4000-4500 रुपए ट्रैक्टर बिकने वाला बालू अभी 8500 से 9 हजार रुपए तक में बेचा जा रहा है। हद तो यह है कि बालू वहीं से लाए जा रहे हैं, जहां खनन पर रोक है।


    सरकार बालू खनन की पुरानी और नई नियमावली में उलझी हुई है और बालू माफिया बनावटी किल्लत पैदा कर आम लोगों को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। प्रदेश के अन्य इलाकों की तो बात ही छोड़िए, पटना में भी प्रशासन की मिलीभगत से बाइपास और बेली रोड पर हर रोज अवैध बालू का बाजार सज रहा है। अनीसाबाद मोड़ से लेकर मीठापुर बस स्टैंड तक ट्रैक्टर पर लादकर बालू बेचे जा रहे हैं। वहीं, सगुना मोड़ से गोला रोड मोड़ तक यही स्थिति है। ग्राहक बनकर भास्कर की टीम ने जब उनसे बात की, तो काले कारोबार का सच सामने आया।

    ट्रैक्टर खड़ी कर चाय दुकान पर बैठे रहते हैं दलाल व ड्राइवर

    दोपहर के दो बजे बाइपास से लेकर बस स्टैंड तक बालू से लदे लगभग पांच सौ ट्रैक्टर जगह-जगह खड़े हैं। ट्रैक्टर का ड्राइवर, कारोबारी और दलाल गाड़ी खड़ी कर पास के चाय और परचून की दुकानों में बैठे रहते हैं। जैसे ही कोई ग्राहक ट्रैक्टर के समीप आता है, सब धीरे-धीरे आने लगते हैं। इसके बाद शुरू होता है लूट का खेल। ग्राहक बनी भास्कर टीम से दलाल कहता है कि हमलोग यह बालू नवादा, अरवल, जढुआ, गया से लाते हैं। लाने से लेकर बालू बेचने तक में कई जगह सेटिंग करनी पड़ती है। ऐसे में 85 सौ रुपया नाजायज नहीं है। एक दलाल ने कहा-दानापुर भी पहुंचा देंगे। उधर नो इंट्री है इसलिए 9 हजार लगेंगे। यह बात भी सामने आई कि सोन के बालू में गंगा बालू को मिलाकर राजा खाद तैयार किया जाता है।

    गंगा में भी जारी है बालू का अवैध खनन
    लाल बालू के काले कारोबार की पड़ताल के बाद जब भास्कर की टीम गंगा घाटों पर पहुंची तो देखा कि गंगा में भी अवैध खनन जारी है। बांस घाट पर दो सौ मीटर की दूरी पर बीच गंगा में करीबन 25 नावों से बालू का खनन किया जा रहा था। दलाल ने बताया कि लाल बालू के साथ ही गंगा बालू खप जाता है।

    दलाल ने कहा-ट्रक से लाते हैं बालू, दानापुर, बेउर और कुरथौल में करते हैं अनलोड


    बालू की खरीद को लेकर चल रहे मोल जोल में एक दलाल कहता है कि हमलोग बिना चालान के चोरी-छिपे ट्रक से बालू लाते हैं। फिर बेउर, दानापुर, कुरथौल में टाल पर अनलोड करते हैं। यहां से ट्रैक्टर पर लादकर बाइपास लाते हैं और फिर मांग के अनुसार ग्राहकों को देते हैं।

    इधर विभाग का दावा : बनावटी किल्लत पैदा कर रहे बालू माफिया

    खान एवं भूतत्व विभाग का मानना है कि जीपीएस की अनिवार्यता के कारण ट्रांसपोर्टरों का एक वर्ग विरोध कर रहा है। लेकिन, इस मामले में किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी। विभाग के अधिकारी कहते हैं कि जीपीएस के विरोध के कारण बाजार में कृत्रिम किल्लत पैदा की जा रही है। इसमें कुछ ताकतें सक्रिय हैं। इनसे सख्ती से निपटा जाएगा। इधर, खान एवं भूतत्व विभाग ने निर्माण कार्य के लिए बालू के उठाव नहीं होने की शिकायत पर निर्माण विभागों के प्रधान सचिवों को 21 दिसंबर को बैठक के लिए बुलाया है।

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Web Title: Bhaskar Sting On Building Material
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