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कैबिनेट के फैसले : प्लस-टू स्कूलों में 4257 पदों पर बहाल होंगे गेस्ट टीचर

मंगलवार को कैबिनेट ने अतिथि शिक्षक की सेवा लेने और उनको पारिश्रमिक भुगतान की नई दर के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

Danik Bhaskar | Dec 20, 2017, 05:39 AM IST

पटना. राज्य के अपग्रेड प्लस-टू स्कूलों में शिक्षकों की कमी की समस्या से उबरने के लिए अतिथि शिक्षकों की सेवा ली जाएगी। माध्यमिक शिक्षा के तहत जिला परिषद और विभिन्न नगर निकायों में राजकीय और राजकीयकृत प्लस-टू स्कूलों में विभिन्न विषयों के शिक्षकों के 4257 पद खाली हैं। मंगलवार को कैबिनेट ने अतिथि शिक्षक की सेवा लेने और उनको पारिश्रमिक भुगतान की नई दर के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि स्थायी नियुक्ति होने तक पढ़ाई बाधित नहीं हो, इसके लिए अतिथि शिक्षक की सेवा ली जाएगी।

इन शिक्षकों को प्रति कक्षा के हिसाब से पारिश्रमिक दिया जाएगा। सहायक प्राध्यापक को 1000 रुपए, व्याख्याता को 800 रुपए, अनुदेशक को 400 रुपए और प्रयोगशाला सहायक को 400 रुपए प्रति कक्षा मिलेंगे। हालांकि सहायक प्राध्यापक को अधिकतम 35000 रु., व्याख्याता को 30000 रु., अनुदेशक को 13000 रु. प्रयोगशाला सहायक को 14000 रुपए प्रति माह भुगतान होगा।

50 लोगों को रोजगार देने वाली आईटी कंपनियों का सरकार भरेगी जीएसटी

आईटी और आईटी आधारित सेवाएं, इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर, टेक्सटाइल और लेदर प्रक्षेत्र में पांच करोड़ रुपए से अधिक निवेश और 50 लोगों का प्रत्यक्ष नियोजन करने वाली इकाइयों को उत्पादन शुरू करने की तिथि से पांच वर्षों तक सभी एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार करेगी। इसमें कार्यरत कर्मियों के ईपीएफ और ईएसआई में राज्य सरकार भी अंशदान करेगी। कैबिनेट ने मंगलवार को औद्योगिक प्रोत्साहन नीति में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।


कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि इन प्रक्षेत्रों में पुरुष कर्मी तो 50 प्रतिशत और महिला कर्मी को 100 प्रतिशत ईपीएफ और ईएसआई अंशदान पांच साल तक किया जाएगा। पुरुष कर्मी को प्रति माह 500 रुपए जबकि एससी-एसटी और महिलाओं को 1000 रुपए अधिकतम प्रतिमाह प्रतिपूर्ति की जाएगी। राज्य सरकार प्रति कर्मी 20 हजार रुपए या बीएसडीएम की दरों में जो भी कम होगा, उसी दर पर अनुदान देगी। अनुदान प्रशिक्षित कर्मियों के लिए दिया जाएगा। इन प्रशिक्षित कर्मियों को कम से कम एक वर्ष तक काम करना होगा।


पांच सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की बनेगी डीपीआर


बेउर,करमलीचक, सैदपुर, कंकड़बाग और पहाड़ी पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा। कैबिनेट ने इसका डीपीआर बनाने के लिए 1.05 करोड़ जारी किए हैं। राज्य सरकार ने ट्रीटमेंट के बाद सीवरेज के पानी को नदियों में गिराने की बजाए सिंचाई में उपयोग किया जाएगा। पटना के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी से नौबतपुर, फुलवारीशरीफ, संपतचक और पुनपुन के 7400 हेक्टेयर जमीन पर खेती की सुविधा मिलेगी।


जन वितरण प्रणाली की दुकानों में पीओएस के लिए 45.60 लाख रुपए मंजूर : जनवितरण प्रणाली दुकानों में प्वाइंट ऑफ सेल की स्थापना के लिए 45 लाख 60 हजार रुपए स्वीकृत। डोर स्टेप डिलेवरी योजना के तहत एसएफसी को अंतर राज्यीय संचलन, उठाई धराई आदि में राज्यांश मद में भुगतान के लिए 2017-18 के अवशेष माह जुलाई 2017 से मार्च 2018 तक संशोधित दर 121.40 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 500.22 करोड़ रुपए की स्वीकृति। झारखंड सरकार को मुआवजा के लिए आकस्मिकता निधि से 25.10 करोड़ की मंजूरी।


नवादा में खुलेगा आईटीआई


उन्नत कौशल प्रशिक्षण के लिए कौशल विकास मिशन योजना के तहत आईटीआई मढ़ौरा का मॉडल औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के रूप में पद सृजन करते हुए स्थापना करना है। वामपंथी उग्रवादग्र्रजस्त 47 जिलों में कौशल विकास योजना के तहत नवादा जिले में एक आईटीआई की स्थापना होगी। संविदा पर नियोजित पशु चिकित्सकों को सेवा विस्तार दिया गया है। पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन विभाग के तहत 35 पदों के विरुद्ध संविदा के आधार नियोजित पशु चिकित्सकों को सेवा विस्तार दिया गया है।


पैक्सों में लगेंगे ड्रायर : राज्य में धान की नमी खत्म करने के लिए पैक्सों और व्यापार मंडलों में ड्रायर लगाया जाएगा। फिलहाल 40 ड्रायर लगाए जाएंगे। ड्रायर वहीं लगेंगे जिन पैक्सों में चावल मिल स्थापित हैं। सरकार ने वर्ष 2022 तक 441 ड्रायर लगाने का लक्ष्य रखा है।


- पटना मुख्य नहर के बारून से 57.60 किमी बलिदाद तक सेवा पथ के चौड़ीकरण एवं पक्कीकरण के लिए 198.90 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई।

- पूर्वी गंडक नहर प्रणाली की मरम्मत आदि के लिए 79.50 करोड़ 93 हजार रुपए जारी किए गए हैं।

- उत्तर कोयल जलाशय योजना के लिए एमएओ प्रारूप को मंजूरी दी है।

- बेलहरना जलाशय योजना बांका जिला के बेलहर की योजना के लिए 35.35 करोड़ स्वीकृत। यह योजना दिसंबर 2019 में पूर्ण करना है। पटना जिला के बेर्रा ग्राम के निकट दरधा नदी पर बराज निर्माण के लिए 43.25 करोड़ रुपए स्वीकृत। यह योजना दिसंबर 2019 तक पूरा होना है।

- नालंदा के लोकाईन सिंचाई योजना के लिए 35.42 करोड़ रुपए स्वीकृत। यह योजना दिसंबर 2019 तक पूरा होना है।

- शेखपुरा रेल पीपी का सृजन और संचालन के लिए 35 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।

- बिहार लेखा सेवा के तत्कालीन जिला भविष्य निधि पदाधिकारी सह राष्ट्रीय बचत कार्यपालक पदाधिकारी सीतामढ़ी को सेवा से बर्खास्त किया गया।