Hindi News »Bihar »Patna» Bihar Government Will Keep Eye On Social Media

बिहार सरकार सोशल मीडिया पर रखेगी नजर, साइबर अपराध को माना गंभीर चुनौती

गृह मंत्रालय ने कहा है कि एक ऐसा सिस्टम बनाना है जिससे उन वेबसाइट्स पर गहराई से नजर रखी जाए।

​अतुल उपाध्याय | Last Modified - Jan 25, 2018, 06:54 AM IST

  • बिहार सरकार सोशल मीडिया पर रखेगी नजर, साइबर अपराध को माना गंभीर चुनौती
    +1और स्लाइड देखें

    पटना.सड़कों और गलियों में होने वाली पुलिस की फुट पेट्रोलिंग की तर्ज पर अब सोशल मीडिया की पेट्रोलिंग होगी। यह योजना बिहार पुलिस की नहीं, बल्कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय की है। साइबर अपराध से निपटने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग का निर्णय लिया है। यानी आने वाले दिनों में फेसबुक, ट्विटर व विभिन्न तरह के सोशल नेटवर्किंग साइट्स मॉनिटरिंग के दायरे में होंगे। गृह मंत्रालय ने इस बाबत सभी राज्यों को निर्देश जारी किया है।


    केन्द्र सरकार ने साइबर अपराध को गंभीर चुनौती माना है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिव, डीजीपी और गृह सचिव को जारी निर्देश में साइबर अपराध से बचाव के लिए व्यापक कदम उठाने को कहा है। इसमें सबसे खास बात यह है कि सोशल मीडिया की भी पेट्रोलिंग कराने की बात कही गई है। कहा गया है कि कानून को लागू कराने वाली एजेंसियां पहले से फुट पेट्रोलिंग के सिस्टम का पालन कर रही हैं। कॉलोनियों, भेद्य (वर्नरेबल) इलाकों में संदिग्धों की पहचान और इंटेलीजेंस इनपुट के लिए फुट पेट्रोलिंग कराई जाती है। ठीक इसी तर्ज पर साइबर अपराध को रोकने के लिए भी कदम उठाने की जरूरत है।

    ऐसे और यहां रखनी है नजर

    - गृह मंत्रालय ने कहा है कि एक ऐसा सिस्टम बनाना है जिससे उन वेबसाइट्स पर गहराई से नजर रखी जाए जिसके जरिए अपराधी डील कर रहे हैं।
    - राज्य सत्र पर साइबर सेल में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग की सुविधा को सशक्त करना है। साथ ही सोशल मीडिया पर कंटेंट पर भी नजर रखनी है।
    - मॉनिटरिंग के जरिए अलर्ट और सुराग की तलाश करनी है। उसके बाद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई करनी है। इसके लिए जिला और स्थानीय साइबर सेल के इंटरनल नेटवर्क का प्रयोग करना है।
    - सूचनाओं को जुटाने के लिए निजी क्षेत्र और सिविल सोसाइटी की भी मदद लेनी है ताकि समय रहते साइबर अपराध की रोकथाम की जा सके।
    - संदिग्धों के प्रोफाइल की लिस्ट तैयार करनी है ताकि उनकी मॉनिटरिंग की जा सके। खासतौर पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी, मानव तस्करी और ब्लैक मेलिंग करने वाले गिरोहों का पर्दाफाश करने के लिए संदिग्धों की लिस्ट तैयार करनी है।
    - सोशल मीडिया से मिल रही सूचनाओं को और पुख्ता करने के लिए अन्य एजेंसियों से इनपुट साझा करना है ताकि त्वरित और ठोस कार्रवाई की जा सके।

    साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल

    साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतें गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर सीधे की जा सकेंगी। गृह मंत्रालय के स्तर पर cyberpolice.gov.in नाम से एक पोर्टल विकसित कर रहा है। साइबर अपराध के पीड़ित इस पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। यह पोर्टल क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम(सीसीटीएनएस) से जुड़ा होगा। प्रज्वला नाम की संस्था ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दार की थी। उसपर कोर्ट ने गृह मंत्रालय को एक ऐसा प्लेटफार्म बनाने का निर्देश दिया था जिसपर साइबर अपराध से पीड़ित ऑन लाइन अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।

    बिहार में गतिविधियां तेज

    गृह मंत्रालय के ताजा निर्देश के बाद बिहार सरकार के स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। बुधवार को ही राज्य के मुख्य सचिव और साइबर सेल से जुड़े अफसरों की एक महत्वपूर्ण बैठक भी बुलाई गई। इसमें बिहार में साइबर सेल को मजबूत करने के लिए जरूरी उपायों पर चर्चा हुई।

    यहां होंगी साइबर सेल के 74 यूनिट

    हर यूनिट में इंस्पेक्टर, 3 सब इंस्पेक्टर, 2 सिपाही और 4 कंप्यूटर तकनीक विशेषज्ञ होंगे। जिन जिलों में 20 से कम थाने हैं वहां 1 साइबर क्राइम व सोशल मीडिया यूनिट होगी। 21 से 40 थाना वाले जिलों में 2 यूनिट होगी। 41 से 60 थाना वाले जिलों में 3 यूनिट होगी। पटना जिला में चार यूनिट होगी। नोडल एजेंसी ईओयू साइबर सेल की 5 यूनिट होगी।

  • बिहार सरकार सोशल मीडिया पर रखेगी नजर, साइबर अपराध को माना गंभीर चुनौती
    +1और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Patna News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Bihar Government Will Keep Eye On Social Media
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Patna

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×