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छह राज्यों की पुलिस को थी इस शख्स की तलाश, घर से मिला 4.70 करोड़ का गोल्ड

6 राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बने सुबोध ने सोना लूट की कई वारदातों को अंजाम देने के बाद पटना में शरण ले रखी थी।

Danik Bhaskar | Jan 21, 2018, 06:38 AM IST
आरोपी के ठिकानों से बरामद सोना। आरोपी के ठिकानों से बरामद सोना।

पटना. राजधानी में एसटीएफ के हत्थे चढ़े सोना लूटने वाले गैंग के मास्टरमाइंड सुबोध सिंह के पास से 4.70 करोड़ से अधिक कीमत के 15 किलो सोना (ज्वैलरी) और 4 असलहे (2 रेगुलर और 2 देसी पिस्तौल) बरामद किए गए हैं। यह सोना जयपुर या बैरकपुर में लूटा गया हो सकता है। इसकी जांच और पूछताछ के लिए शनिवार को जयपुर पुलिस के साथ ही बैरकपुर की पुलिस भी पटना पहुंच गई।


छह राज्यों की पुलिस को थी सुबोध की तलाश

- दरअसल 6 राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बने सरगना सुबोध ने सोना लूट की कई वारदातों को अंजाम देने के बाद पटना में शरण ले रखी थी। पहले से ही दूसरे राज्यों की पुलिस लगातार बिहार पुलिस के संपर्क में थी।

- इसी क्रम में विभिन्न सोर्स से मिले सुराग पर तीन दिन पहले आईजी (ऑपरेशन) कुंदन कृष्णन के निर्देशन में एसटीएफ की टीम ने राजीवनगर के रामनगरी स्थित पुष्पांजलि इन्क्लेव में सरगना के ठिकाने पर नजरें गड़ा दी।

- दिन-रात निगरानी के क्रम में बीते शुक्रवार की देर शाम एक कार पर सवार होकर सरगना निकला। एसटीएफ दस्ते के पीछा करने पर फायरिंग करते हुए गाड़ी छोड़ कर कार में सवार चार अपराधी नाले में कूद पड़े।

- तब एसटीएफ जवान ने भी नाले में छलांग लगाते हुए सुबोध समेत दो पकड़ लिया जबकि अन्य भाग निकले। बाद में दोनों की निशानदेही पर ठिकाने से करोड़ों के सोना के साथ ही अन्य गुर्गे भी पकड़े गए। बहरहाल बीते 48 घंटे के ऑपरेशन में सरगना समेत 5 गुर्गे गिरफ्तार हो चुके हैं।

सोने को बनाया ‘सॉफ्ट टारगेट’, छह राज्यों में की लूटपाट

- नालंदा जिले का रहने वाला सुबोध सिंह बीते एक दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। उसके ‘सॉफ्ट टारगेट’ पर सोना रहा है।

- खासकर मल्लपुरम गोल्ड फाइनेंस, मुत्थुट फाइनेंस व अन्य कंपनियों का सोना उसके निशाने पर रहे हैं।

- आलम यह है कि राजस्थान, महाराष्ट्र समेत आधा दर्जन राज्यों में वह 100 किलो से अधिक सोना लूट चुका है।

- करीब 6 महीने पहले ही जयपुर में हुए 36 किलो सोना लूट के मामले में भी सुबोध गिरोह की संलिप्तता सामने आई थी।

- पिछले वर्ष महाराष्ट्र पुलिस ने नागपुर में हुए सोना लूट के मामले में सरगना की पत्नी को गिरफ्तार किया था।

एसटीएफ को 24 घंटे लग गए केस दर्ज कराने में

- सोने के अंतरराज्यीय लुटेरों और उसके पांच अन्य गुर्गों को दबोचने के बाद एसटीएफ को उनके खिलाफ प्राथमिक दर्ज कराने में 24 घंटे का वक्त लग गया।

- काफी माथापच्ची के बाद एसटीएफ के अधिकारियों ने गिरफ्तार सभी के खिलाफ रूपसपुर थाने में मामला दर्ज कराया। जिसमें पुलिस दल पर हमला कर हत्या का प्रयास करने का आरोप लगाया गया है।

- साथ ही आर्म्स एक्ट की धारा दर्ज मामले में लगाई गई है। एसटीएफ ने पटना पुलिस के साथ मिल शुक्रवार की देर रात में सभी को धर दबोचा था।

- साथ ही 15 किलो सोने के जेवर, 1 लाख 35 हजार रुपए, एक कार, एक बाइक और हथियार बरामद कर लिया था, पर इनके खिलाफ मामला क्या दर्ज किया जाए इसको लेकर एसटीएफ के अधिकारी दिन भर पशोपेश में पड़े रहे। - इसके बाद देर शाम को मामला दर्ज कराया गया। पर बरामद सोने का क्या करें इसका फैसला एसटीएफ के अधिकारी नहीं कर पाए। देर रात तक इस पर निर्णय नहीं किया जा सका था।

- गिरफ्तारी की सूचना राजस्थान पुलिस भी आई और उससे पूछताछ की। वहीं रूपसपुर थानाध्यक्ष दीपक कुंवर ने बताया कि मामले दर्ज कर गिरफ्तार अपराधियों को जेल भेज दिया गया।

किसी ने फैलाई थी फायरिंग की अफवाह

- एसटीएफ द्वारा सुबोध और उसके अधिवक्ता साथी की गिरफ्तारी के दौरान किसी ने दोनों तरफ से फायरिंग की अफवाह फैला दी थी, जो बाद में गलत निकला।

- एसटीएफ के अधिकारियों ने भी कहा थी कि फायरिंग हुई पर कितने राउंड फायर किये गए नहीं बता सके। वहीं घटना में जख्मी बताए जाने वाले एसटीएफ के एक इंस्पेक्टर ने रात में रूपसपुर थाना पहुंच सिटी एसपी पटना पश्चिमी से कुछ विचार विमर्श किया।

बरामद सोना 15 किलोग्राम से अधिक बताया जा रहा है। बरामद सोना 15 किलोग्राम से अधिक बताया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के गैंग ने अबतक 100 किलोग्राम से अधिक गोल्ड की लूट की है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के गैंग ने अबतक 100 किलोग्राम से अधिक गोल्ड की लूट की है।