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भवन निर्माण मंत्री की कार में लगी थी काली फिल्म, पुलिस ने लगाया 600 रु. जुर्माना

हाईकोर्ट चौराहे पर भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी की कार से भी पुलिस ने 600 रुपए फाइन वसूला।

Danik Bhaskar | Feb 14, 2018, 05:56 AM IST

पटना. सुरक्षित पटना अभियान मंगलवार को शुरू हो गया। 60 चेकिंग प्वाइंट पर सुबह से देर शाम तक सघन जांच होती रही। वहीं 12 पैट्रोलिंग पार्टी भी गश्त करती रही। पहले दिन एक हजार छोटे-बड़े वाहनों की जांच की गई। निशाने पर काले शीशे वाली कार व बिना हेलमेट वाले बाइकर रहे। इस दौरान 1 लाख रुपए जुर्माना वसूला गया। काले शीशे वाली गाड़ियों के चालकों को हिदायत देकर छोड़ा गया।

हाईकोर्ट चौराहे पर भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी की कार से भी पुलिस ने 600 रुपए फाइन वसूला। कई डॉक्टर और कुछ पुलिस वालों से भी जुर्माना लिया गया। शाम 4 चार बजे डीआईजी राजेश कुमार खुद हाईकोर्ट चौराहे पर वाहनों की जांच कर रहे थे। इस बीच भवन निर्माण मंत्री की काली फिल्म लगी कार उधर से गुजरी। पुलिस ने उसे रोका। कार में एक ड्राइवर और मंत्री का संबंधी था। ड्राइवर काफी देर तक फाइन नहीं देने पर अड़ा रहा।

इस बीच वह किसी को फोन लगाकार एसआई को बात करने को कहता रहा, लेकिन उसकी एक नहीं चली। उससे जुर्माना लिया गया। इसी बीच डॉक्टर माधवी की कार भी हड़ताली मोड़ जाने के क्रम में रोकी गई। उनकी गाड़ी के शीशे पर भी काली फिल्म लगी थी। वह जांच कर रहे सिपाही पर भड़क गईं। हालांकि उन्हें भी फाइन देना पड़ा। थोड़ी ही देर पर बिना हेलमेट लगाए पुलिस लाइन में तैनात सिपाही बाइक से जा रहा था जिसे जांच टीम ने रोका। सिपाही को डीआईजी ने हिदायत दी और उससे भी फाइन वसूला गया। इस बीच कई पार्टी के नेताओं की गाड़ियों से फाइन वसूला गया।

दिनभर भागते-दौड़ते रहे थानेदार और डीएसपी, बताते रहे लोकेशन


पाटलिपुत्र थानेदार अपना लोकेशन बताइए। जवाब आया- सर, गोलंबर पर हैं, हम एएसआई बोल रहे हैं सर। तभी वायरलेस पर कहा गया-गोलंबर पर हैं तो ट्रिपल लोडिंग कैसे हो रही है? थानेदार को कहिए वायरलेस पर आने को। कुछ इसी तरह पूरे दिन थानेदारों को मॉनिटर किया जाता रहा। थानेदार से लेकर डीएसपी तक दिनभर भागते-दौड़ते नजर आए। सुबह नौ बजे से ही डीआईजी अपने कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरे से अभियान को मॉनिटर कर रहे थे। वायरलेस पर मैसेज फ्लैश होते ही थानेदार और डीएसपी खुद जवाब दे रहे थे और अपनी पोजिशन बता रहे थे। डीआईजी ने कहा कि यह अभियान लगातार चलेगा। मैं खुद अभियान को रोज मॉनिटर करूंगा। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पुरस्कृत किए गए

अभियान के दौरान विभिन्न थाना इलाके से कई गाड़ियों को जब्त किया गया। जांच के दौरान कई शराब कैरियर, नशेड़ी भी पकड़े गए। वहीं डीआईजी ने बेहतर काम करने वाले को दो-दो हजार रुपए देकर पुरस्कृत भी किया। जक्कनपुर के थानेदार, सिपाही नीरज, संतोष कुमार और रवींद्र कुमार को पुरस्कार मिला। जांच के दौरान इन लोगों ने एक व्यक्ति को 8 लाख 38 हजार रुपए के साथ पकड़ा। उसे जांच के बाद छोड़ दिया गया। छह बोतल विदेश शराब के साथ कोलकाता के एक लड़के को पकड़ने पर कोतवाली थाने के पुअनि शिवशंकर दुबे, अभय, शिवपूजन और भागीरथ को पुरस्कार दिया गया। दीघा थाने के राजू कुमार, गुलशन, संजीत व नवेंदु और बेउर के अवधेश, राम नारायण पंडित, नरेश, रामछबिला, धर्मेंद्र और सुशील को पुरस्कार दिया गया।