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ये ब्लाइंड लेडी कई लोगों के लिए बनी प्रेरणा, ऐसे महीने के कमा रही 4-5 हजार

वे आज प्रतिमाह तीन से चार हजार रुपये की कमाई करके अपनी सीमित जरूरतों को आसानी से पूरा कर रही हैं।

विकास कुमार | Last Modified - Jan 01, 2018, 08:28 AM IST

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    दृष्टिहीन महिला चांदो देवी।

    जहानाबाद (बिहार).यहां के कुर्रे गांव में महिलाओं का एक ग्रुप गरीबी से गुजर रहीं अन्य महिलाओं और यूथ्स को नए साल के लिए उम्मीद जगा रहा है। इसी समूह की एक ब्लाइंड महिला चांदो देवी हैं। चांदो ग्रुप से जुड़कर अपने पैरों पर खड़ी होने की कोशिश से औरों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। चांदो छह किश्तों में पोल्ट्री मदर यूनिट को 3150 रुपए जमा करा चुकी हैं। उक्त राशि से वे आज प्रतिमाह तीन से चार हजार रुपये की कमाई करके अपनी सीमित जरूरतों को आसानी से पूरा कर रही हैं। अब उन्हें हर छोटी-मोटी जरूरतों के लिए औरों का मुंहताज नहीं होना पड़ रहा है। ऐसी ही कहानी कई और महिलाओं की भी है।


    ग्रुप से जुड़ी हैं 118 महिलाएं

    गांव के लोग जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति के तत्वावधान में संचालित राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ज्योति जीविका पोल्ट्री की मदर यूनिट कुर्रे के समूह से पिछले लगभग 10 महीनों में इलाके के चार पंचायतों की कुल 118 महिलाएं जुड़ चुकी हैं।

    16 रुपए में मिलते हैं चूजे तीन माह बाद मिल जाती है 500 तक कीमत

    प्रत्येक चूजे के लिए सदस्यों को मात्र 16 रुपए देने पड़ते हैं। प्रत्येक तीन महीने में सदस्यों को इसी प्रकार 25-25 अतिरिक्त चूजे दिए जाते हैं। दो से तीन महीने में यही पाले गए चूजे तीन से चार किलो के हो जाते हैं, जिन्हें स्थानीय बाजारों में डेढ़ सौ रुपए प्रति किलो ग्राम के भाव से आसानी से बेच दिया जाता है। चूजों को रखने के लिए एक जालनुमा डब्बा दिया जाता है।

    जीविका बीपीएम संजीव कुमार का कहना है कि योजना का और विस्तार किया जाएगा। जगह के अभाव में थोड़ी परेशानी हो रही है लेकिन उसका भी जुगाड़ शीघ्र कर लिया जाएगा। इसके अलावा इस समूह से कई और भी महिलाओं को जोड़ा जाएगा। ग्रुप की मेंबर मिंता देवी का कहना है कि अब मुझे अपनी जरूरतों के लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाने की मजबूरी नहीं रहती है। मैं मुर्गी से प्रतिमाह कमाई हुए तीन-चार हजार रुपयों से अपने अलावा अपनी बच्चों की पढ़ाई पर भी खर्च कर पाता हूं। वहीं एक अन्य मेंबर वसंती देवी का कहना है कि गांव के बसंती देवी और रूबी देवी ने भी कहां कि अब उन्हें लग रहा है कि वे किसी पर बोझ नहीं हैं। अपनी कमाई के पैसे हैं तो अब अपनी मर्जी भी चल रही हैं।

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    16 रुपए में चूजे खरीदने के तीन महीने बाद चांदो उसे 500 तक में बेच देती है।
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Web Title: Blind Female Inspiration For Villagers And Unemployed Youths
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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