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ओवरलोड नाव गंगा में पलटी, पांच लोगों की डूबकर मौत, 8 ने ऐसे बचाई जान

पांच लोगों की डूबने से मौत हो गई जबकि आठ लोगों ने तैरकर अपनी जान बचाई।

Danik Bhaskar | Dec 27, 2017, 06:35 AM IST

खगड़िया (बिहार). चारा लाने और खेती करने के लिए लोग छोटी नाव से मंगलवार को दियारा जा रहे थे। नाव पर कोई नाविक नहीं था। गांव के लोग खुद ही नाव चला रहे थे। बीच गंगा में नाव पलट गई और पांच लोगों की डूबने से मौत हो गई जबकि आठ लोगों ने तैरकर अपनी जान बचाई। डूबने वाले एक व्यक्ति का कुछ पता नहीं चल पाया है। नाव की क्षमता आठ लोगों की थी जबकि उस पर 14 लोग सवार थे।

आंखों देखी : लोगों ने बताई पूरी स्टोरी

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि रोज की तरह सुबह 11 बजे चार गांवों के किसान और मजदूर नाव पर सवार होकर चारा लाने जा रहे थे। इनमें कुछ महिलाएं भी थीं। लोग खुद ही नाव को इस पार से उस पार ले जाते थे। नाव पर चार बोरी में खाद भी रखा था। नाव जब बीच गंगा में पहुंची तो डगमगाने लगी। नाव के डगमगाते ही लोग गंगा में कूदने लगे। देखते ही देखते नाव भी डूब गई। वहीं नाव पर मौजूद शंभू चौधरी ने तैरकर अपनी जान बचाई। उन्होंने बताया कि मैं अपने मवेशियों के लिए चारा लाने दियारा जा रहा था। नाव छोटी थी और उस पर 14 लोग सवार थे। नाव पर चार बोरा खाद भी रखा था। इस नाव पर कोई नाविक नहीं रहता है। लोग खुद ही नाव चलाकर रोज दियारा जाते हैं। मंगलवार को हवा काफी तेज गति से बह रही थी। गंगा का पानी नाव पर आ रहा था। बीच नदी में जाते ही नाव डगमगाने लगी और लोग शोर मचाने लगे। मैं नाव से छलांग लगाकर नदी में कूद गया और तैरकर जान बचाई। मेरे पीछे प्रहलाद चौधरी भी कूदे और तैरने लगे। कुछ दूर तक वह तैरे फिर बचाने की गुहार लगाई। उन्हें बचाने कोई नहीं पहुंचा। मैं पीछे मुड़कर देखा तब तक वह डूब चुके थे। साथ ही, नाव भी पलट कर गंगा में डूब चुकी थी।

कैसे होगी कैलाश की बेटी की शादी परिजनों के ऊपर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे में मौत के शिकार 55 साल के कैलाश दास के परिजनों को ये चिंता सता रही है कि अब उनकी बेटी की शादी कैसे होगी? कैलाश के छोटे भाई सिकंदर दास ने बताया कि भैया को अपनी छोटी बेटी की शादी की चिंता लगी हुई थी, लेकिन अब कैसे होगी उसकी शादी। कैलाश दास दो भाईयों में बड़ा था तथा पूरे परिवार की जिम्मेवारी उनके ऊपर ही थी। उनके 6 संतानों में 3 बेटे और 3 बेटियां हैं। दो बेटियां तथा दो बेटों की शादी हो चुकी है। जबकि एक छोटी बेटी की शादी के लिये कैलाश दास चिंतित थे। कैलाश दास की पत्नी की मौत भी एक साल पहले सांप काटने से हो गई थी।

घटना के चार घंटे बाद पहुंचा प्रशासन

नाव डूबने के चार घंटे बाद पुलिस जिला प्रशासन पहुंचा और बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय एमएलए रामानंद प्रसाद सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और अधिकारियों को रेस्क्यू में तेजी लाने का निर्देश दिया।


इनकी हुई मौत

- 40 साल की इन्दु देवी।

- 50 साल के कैलाश दास।

- 38 साल की टूशा देवी।

- 37 साल की रेणु देवी।

- 50 साल के अघोरी शर्मा।

इन लोगों ने तैर कर बचाई जान

45 साल के राम उदय चौधरी, 48 साल के शंभू चौधरी, 40 साल की पार्वती देवी, 62 साल के विमल यादव ने तैरकर अपनी जान बचाई। बताया जा रहा है कि 45 साल के राम उदय चौधरी घटना के बाद बेहोश हैं। उनका इलाज अस्पताल में चल रह है। तीन अन्य नदी से तो बाहर निकले पर कहां गए इस बारे में अब तक पता नहीं चल सका है।

सीपीएम ने की दस लाख मुआवजे की मांग

नाव दुर्घटना की सूचना मिलते ही सीपीएम के जिला मंत्री संजय कुमार अपने दल के नेता तथा कार्यकर्ताओं के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। घटना में शामिल सभी लोग छोटे किसान तथा मजदूर थे जो अपनी आजीविका के लिये सालो भर इस खतरे को उठाते हैं। हमारी पार्टी प्रशासन से मांग करती है कि इस घटना में सभी मृतकों के परिजनों को दस दस लाख रुपये का मुआवजा राशि दी जाए। वहीं नाव दुर्घटना में मृतक के परिवार को स्थानीय विधायक रामानंद प्रसाद सिंह के हाथों मुआवजा राशि के रुप में चार-चार लाख का चेक दिया गया।