पटना

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एनआईए कोर्ट : बोधगया और पटना सीरियल ब्लास्ट मामले में करीब आई फैसले की घड़ी

इंडियन मुजाहिदीन के सेकंड मैन अब्दुल सुभान कुरैशी ने भी बोधगया या पटना ब्लास्ट के लिए आतंकियों की भर्ती की थी।

Danik Bhaskar

Jan 30, 2018, 05:29 AM IST

पटना. बोधगया में महाबोधि मंदिर से लेकर पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान तक सीरियल ब्लास्ट में शामिल आतंकियों को सजा मिलने का समय नजदीक आ गया है। सबसे पहले बोधगया ब्लास्ट के मामले में फरवरी में एनआईए कोर्ट फैसला सुना सकता है। इस केस में गवाही पूरी होने के बाद बहस अंतिम चरण में है। कुल 90 गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है। अभियोजन पक्ष की बहस पूरी होने के बाद बचाव पक्ष की ओर से बहस चल रही है।

आरोपियों की सूची में इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के इम्तियाज अंसारी उर्फ आलम समेत पांच आतंकियों के नाम शामिल हैं। बोधगया ब्लास्ट के मामले की जांच में लगी एनआईए ने 3 जून, 2014 को आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दायर की थी। इसी मामले में एक आरोपी तौसिफ अंसारी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड से तीन वर्षों की सजा मिली थी। सजा काटने के बाद वह कुछ महीने पहले जेल से बाहर निकल चुका है।

वर्ष 2013 में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की रैली के मौके पर पटना जंक्शन से गांधी मैदान तक हुए सिलसिलेवार धमाकों में 5 लोगों की मौत हो गई थी। जंक्शन पर विस्फोटक सेट करने के दौरान हुए धमाकों में आईएम का एक आतंकी मारा गया था जबकि एक अन्य आतंकी इम्तियाज अंसारी को रेल पुलिस ने पकड़ लिया था। इस मामले में अगले दो-तीन महीने में यानी मार्च से अप्रैल तक एनआईए कोर्ट का फैसला आने की संभावना है। अब तक 130 लोगों की गवाही पूरी हो चुकी है। अदालत में यह केस भी एडवांस स्टेज में है।

बोधगया ब्लास्ट
(7 जुलाई, 2013)

आरोपी आतंकी इम्तियाज अंसारी उर्फ आलम, उमर सिद्दिकी, मुजिबुल्ला अंसारी, हैदर अली व अजहरुद्दीन कुरैशी ।

गांधी मैदान ब्लास्ट
(27 अक्टूबर, 2013)

आरोपी आतंकी हैदर अली, मुजिबुल्ला अंसारी, उमर सिद्दिकी, अजहरुद्दीन कुरैशी, इम्तियाज अंसारी उर्फ आलम, मो. फकरुद्दीन, असलम परवेज, अहमद हुसैन, इफ्तेखार व नोमान अंसारी।

कुरैशी ने की थी आतंकियों की भर्ती

हिंदुस्तान का ‘बिन लादेन’ कहे जाने वाले इंडियन मुजाहिदीन के सेकंड मैन अब्दुल सुभान कुरैशी ने भी बोधगया या पटना ब्लास्ट के लिए आतंकियों की भर्ती की थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक आईएम के आतंक की पाठशाला से ट्रेंड कुरैशी संगठन विस्तार से लेकर सीरियल ब्लास्ट की साजिश को अंजाम तक पहुंचाने में माहिर है। उसकी सांगठनिक क्षमता अच्छी होने के साथ ही वह आतंकियों के लिए बेहतर इंस्ट्रक्टर भी है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के कारण उसकी तकनीकी क्षमता भी अच्छी है। वह लोगों को खासकर युवाओं को मजहब के नाम पर भड़काता है। उनके दिमाग में जहर घोलते हुए आतंक के खूनी मार्ग पर उतारता है।

सूत्रों के मुताबिक आतंकी अब्दुल सुभान कुरैशी को केरल व गुजरात के जंगलों में आयोजित इंडियन मुजाहिदीन के कैंपों में बम धमाकों को अंजाम देने की ट्रेनिंग मिली थी। उसके खिलाफ दर्ज मामलों में अहमदाबाद की घटना सबसे गंभीर है। 26 जुलाई, 2008 को अहमदाबाद में 21 स्थानों पर हुए सिलसिलेवार धमाकों में 57 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी जबकि 200 से अधिक घायल हुए थे।

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