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30 हजार बकाया नहीं देने पर दोस्त के बेटे को किया किडनैप, फिर इसलिए की हत्या

गुरुवार शाम राहुल के पिता मोहन साह के मोबाइल पर फोन कर 30 हजार रुपये की फिरौती की मांग की थी।

Danik Bhaskar | Jan 28, 2018, 06:40 AM IST
मृतक राहुल की फाइल फोटो। मृतक राहुल की फाइल फोटो।

पूर्णिया (बिहार). सेंट जेवियर्स स्कूल के छठी क्लास के स्टूडेंट राहुल कुमार का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई। वारदात के बाद गुस्साए लोगों ने चार घंटे तक एनएच-31 पर जाम कर सड़क पर आग लगा दी। बच्चे की हत्या का आरोप उसके पिता मोहन साह के दोस्त धीरेंद्र मेहता पर है। बच्चे के पिता पर आरोपी युवक का 30 हजार रुपया बाकी था। पिता ने पैसे देने में आनाकानी की तो दोस्त ने बच्चे की अपहरण की साजिश रच दी और फिर पकड़े जाने के डर से उसकी हत्या कर दी।

सरस्वती पूजा देखने घर से निकला था राहुल

- बसंत बिहार के रहने वाले मोहन साह का 12 वर्षीय बेटा गुरुवार 2 बजे घर से सरस्वती पूजा देखने निकला। फिर उसके बाद घर नहीं गया।

- लाइन बाजार में चाय की दुकान करने वाले उसके पिता के मोबाइल पर चार बजे के करीब एक फोन आया। जिस पर 30 हजार रुपया मांगे गए और उसने इसे अनसुना कर दिया।

- राहुल घर नहीं आया तो पिता को फोन पर कही बाते सही लगने लगी। मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

चाय बेचकर बेटे को पढ़ाता था पिता

राहुल के दादा राजेंद्र साह ने कहा कि अपहरणकर्ताओं ने गुरुवार शाम राहुल के पिता मोहन साह के मोबाइल पर फोन कर 30 हजार रुपये की फिरौती की मांग की थी। इसके बाद जनता चौक पर एक लॉज में ले जाकर राहुल की हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों के निशानदेही पर शव को बरामद कर लिया। पिता मोहन साह चाय बेचकर प्राइवेट स्कूल में राहुल को पढ़ा रहा था।

एक घंटे में किया घटना का खुलासा

सूचना मिलने के बाद थानाप्रभारी देवराज रॉय तुरंत एक्शन में आए और जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि एक दुकान पर चॉकलेट लेते राहुल को देखा गया था। पुलिस को एक दुकान में सीसीटीवी लगा मिला, जिसमें बच्चे को एक युवक चॉकलेट खरीदवाता नजर आया, जिसकी पहचान परिजन ने धीरेन्द्र मेहता के रूप में की। मोहन ने बताया कि वह फैमिली मेंबर है और बच्चे के पिता का दोस्त है, ऐसे ही चॉकलेट दिला रहा होगा।

पकड़े जाने के डर से कर दी हत्या

पुलिस ने जब राहुल के बारे में दोनों से पूछताछ की तो बताया कि दिन में चॉकलेट दिलाने के बहाने बच्चे को घर से ले गया। फिर उसके बाद सरस्वती पूजा दिखाने के लिए बाइक पर बैठाकर एक घंटे तक घुमाया भी। प्लान के मुताबिक बलराम दास ने फिरौती के लिए फोन किया, मगर बच्चे के पिता मोहन साह ने कोई रिस्पांस नहीं लिया। शाम हो जाने के बाद राहुल घर जाने की जिद करने लगा। उधर, फिरौती के लिए फोन हो गया था और रकम भी नहीं आया और इधर बच्चा घर जाने की जिद करने लगा था। फिर दोनों अपहरणकर्ता को लगा, अगर बच्चा घर गया तो दोनों का भांडा फूट जाएगा।

स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा

एसडीपीओ राजकुमार साह ने बताया कि पैसे के लेन-देन को लेकर दोनों में पहले से विवाद था। जल्द ही स्पीडी ट्रायल चलाकर दोनों को सजा दिलाई जाएगी।

राहुल की हत्या से गुस्साए लोगों ने पूर्णिया में एनएच-31 को जाम कर दिया। राहुल की हत्या से गुस्साए लोगों ने पूर्णिया में एनएच-31 को जाम कर दिया।
अपहरणकर्ता धीरेंद्र मेहता बच्चे के घर जाते हुए। अपहरणकर्ता धीरेंद्र मेहता बच्चे के घर जाते हुए।
अपहरणकर्ता धीरेंद्र मेहता का साथी। अपहरणकर्ता धीरेंद्र मेहता का साथी।