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12 साल पहले गांववालों ने इस लड़की का किया था बायकाट, अब CM ने दिया इनाम

अशिक्षित परिवार में जन्मी मीना के पिता ने महज 13 वर्ष की उम्र में 2005 में हाल पीले करने की ठानी थी।

Dainik Bhaskar

Dec 22, 2017, 05:30 AM IST
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शिवहर (सीतामढ़ी). 12 साल पहले मीना ने जब बाल विवाह को ठुकराते हुए शादी करने से इनकार कर दिया था, तब समाज ने भी उसके परिवार को बायकाट कर दिया था। मलीन बस्ती के दलित व अशिक्षित परिवार में जन्मी मीना के पिता ने महज 13 वर्ष की उम्र में 2005 में हाल पीले करने की ठानी थी। यहां तक कि उसकी शादी भी तय कर दी। लेकिन मीना ने शादी से इनकार कर दिया। तब दलित समाज ने मीना व उसके परिवार को एक तरह से समाज से काट दिया। अब सीएम नीतीश कुमार ने उसे बाल विवाह व दहेज उन्मूलन अभियान का शिवहर जिले का ब्रांड एंबेसडर बना दिया।

अब कर रही पीजी की पढ़ाई

समाज से बायकाट किए जाने के बावजूद मीना नहीं हारी। एक स्वयंसेवी संगठन की सदस्या रानी गुप्ता ने मीना को हिम्मत दी। रानी गुप्ता ने शिवहर कन्या मिडिल स्कूल में मीना का एडमिशन कराया। मीना ने पढ़ाई पूरी की और 2016 में उसने मैट्रिक की परीक्षा पास की। आज 25 साल की मीना बीआरए बिहार विवि मुजफ्फरपुर के पीजी हॉस्टल में रहकर पीजी की पढ़ाई कर रही है। मीना पढ़ाई के साथ खेल में भी अव्वल रही है। मार्शल आर्ट, कबड्‌डी व अन्य खेल प्रतियोगिताओं में वह कइयों बार सम्मानित हो चुकी है। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस, समर कैंप, जिलास्तरीय खेल-कूद व राज्यस्तरीय महिला खेल-कूद प्रतियोगिता में अव्वल रही है। उसके पिता मेहनत-मजदूरी कर बेटी को अच्छी तालीम दे रहे हैं। उच्च शिक्षा प्राप्त कर मीना शिवहर में नजीर बन गई है। अब लोग उसकी सफलता की कहानी की चर्चा करते तक नहीं थकते।

मुख्यमंत्री से मिला सम्मान

आज मीना बाल विवाह से इनकार कर सामाजिक बंधनों को तोड़ समाज में मिसाल पेश की है। यही वजह है कि 13 नवंबर को शिवहर पहुंचे सीएम नीतीश कुमार ने खुले मंच से इसके जज्बे को सलाम किया। सीएम ने उसे बाल विवाह व दहेज उन्मूलन अभियान का शिवहर जिले का ब्रांड एंबेसडर बना दिया। गांव की बेटी की इस उपलब्धि पर पूरे शिवहर में जश्न का माहौल है। वहीं मीना भी अपनी उपलब्धि से उत्साहित है। वह दहेज प्रथा के खिलाफ मजबूत अभियान चलाना चाहती है। मीना ने कहा कि किसी भी अभियान के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है, तब जाकर मुहिम को मुकाम मिलता है। बताया कि बाल विवाह व दहेजप्रथा के इस अभियान के लिए युवाओं को आना होगा। साथ ही आवाज बुलंद करना होगा तभी बाल विवाह एवं दहेज जैसी कुप्रथाओं को समाज से समाप्त किया जा सकता है।

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