पटना

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बिजनेसमैन ने साड़ी का बनाया फंदा, फिर दुकान में फांसी लगाकर कर ली सुसाइड

कोतवाली इंस्पेक्टर केएन सिंह ने बेटे आशीष से पिता की आत्महत्या का कारण पूछा।

Dainik Bhaskar

Dec 19, 2017, 04:12 AM IST
दुकान में पड़ी डेडबॉडी की जांच करते पुलिस कर्मी और इनसेट में बिजनेसमैन अनुपम कुमार। दुकान में पड़ी डेडबॉडी की जांच करते पुलिस कर्मी और इनसेट में बिजनेसमैन अनुपम कुमार।

भागलपुर. बिजनेस में मंदी के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे 51 साल के अनुपम कुमार भूटिया ने अपनी दुकान में फांसी लगाकर सुसाइड कर ली। घटना सोमवार सुबह साढ़े 9 से 11 बजे के बीच की है। अनुपम मूल रूप से बाढ़ बाजार के रहने वाले थे और वह भागलपुर में 9 सालों से फैमिली के साथ रहकर बिजनेस कर रहे थे। मृतक के बेटे आशीष ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद बिजनेस नहीं चल रहा था। पिता आर्थिक संकट से गुजर रहे थे। डिप्रेशन में रहने के कारण उन्होंने सुसाइड कर ली।


बेटे की भी है कपड़े की दुकान

बिजनेसमैन ने अपनी दुकान में साड़ी का फंदा बनाया और पंखे से झूल गए। जब खोजते हुए बेटा आशीष वहां पहुंचा तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने मामले की तहकीकात की। बेटा आशीष ने बताया कि बिजनेस में मंदी के कारण पिता आर्थिक संकट से गुजर रहे थे। डिप्रेशन में रहने के कारण उन्होंने सुसाइड कर ली। अनुपम के अलावे बेटा आशीष भी घर के बाहर किराए की दुकान लेकर कपड़े का बिजनेस शुरू किया था। दो-दो दुकान रहने के बावजूद आर्थिक तंगी की बात पुलिस को नहीं पच रही है। अनुपम की फैमिली में कुल चार मेंबर (अब तीन रह गए) हैं। दो दुकानों की कमाई से चारों का आसानी से घर चलता रहा। फिर आर्थिक तंगी को सुसाइड का कारण बताना संदेह पैदा कर रहा है। पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। कोतवाली पुलिस शव को कब्जे में लिया, इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

घर से निकले सब्जी लाने, दुकान में जाकर कर ली आत्महत्या


आशीष ने बताया कि सुबह में साढ़े नौ बजे पिता जी घर से सब्जी मार्केट जाने के लिए निकले थे। करीब 11 बजे तक वापस नहीं लौटे तो हमलोगों को चिंता हुई। खोजते हुए दुकान पहुंचे तो शटर गिरा हुआ था। घर आया और मां से दूसरी चाबी लेकर दुकान खोलने पहुंचा। लेकिन शटर का लॉक पहले से खुला था। शटर उठाया तो भीतर पिताजी की लाश साड़ी के फंदे से लटकी हुई थी। यह देख घबरा गया और तुरंत मां और भाई को सूचना दी। भाई की मदद से डेडबॉडी को तुरंत टेम्पो से घर लेकर आ गया और पुलिस को सूचना दी।

पुलिस पहुंची तो दुकानदारों ने बताया-हार्ट अटैक से हुई मौत

उधर, आसपास के दुकानदारों ने पुलिस को बताया कि दुकान में ही अनुपम को हार्ट अटैक आया था। परिजन उन्हें इलाज के लिए ले गए हैं। पुलिस ने दुकान मालिक को फोन कर अनुपम के घर का फोन नंबर लिया, तब मामले का खुलासा हो सका। बताया जा रहा है कि अनुपम के सुसाइड की असली वजह फैमिली नहीं बता रही है। दो दुकानों की कमाई से फैमिली का आसानी से भरण-पोषण होता है। फिर आर्थिक तंगी को सुसाइड का कारण बताना संदेह पैदा करता है। आशीष ने बताया कि उसके पिता की कोई बैंक की देनदारी (कर्ज) भी नहीं था। बेटी की शादी या बच्चों की पढ़ाई का भी दायित्व नहीं था। कोई गंभीर बीमारी भी नहीं थी। हां, रोजगार जरूर प्रभावित हो गया था। लेकिन ऐसी भी स्थिति नहीं थी कि पापा सुसाइड कर लें। वैसे, कोतवाली पुलिस इस मामले में बेटे आशीष के आवेदन पर यूडी केस दर्ज कर तहकीकात कर रही है।

घर से बिना नाश्ता किए ही निकल गए थे अनुपम

फैमिली ने बताया कि सोमवार सुबह में अनुपम भुटिया घर में पूजा-पाठ कर बिना नाश्ता किए ही सब्जी लाने की बात कहकर निकल गए। उन्होंने दुकान की चाबी कब अपने पास रखी, किसी ने नहीं देखा। सुबह का समय रहने के कारण महावीर होटल के पहले तल्ले के अन्य गोदाम भी नहीं खुले थे। दुकान के भीतर पुलिस को एक सीढ़ी मिली है, जिसके कारण उन्होंने पंखा में साड़ी का फंदा बांधा। बेटे का कहना है कि साड़ी के बॉक्स पर चढ़कर पिताजी ने फांसी लगाई। उनके पैर के पास एक बॉक्स गिर हुआ था। पुत्र के अनुसार दुकान की छत की ऊंचाई ज्यादा नहीं है। इस कारण फर्श से पिताजी का पैर काफी नजदीक था।

संदेह पैदा करने वाले ये हैं कारण

- किसने फैलाई हार्ट अटैक की अ‌फवाह : सुसािड की सूचना पर दुकान पर पुलिस पहुंची तो शटर में ताला बंद था। पुलिस को आसपास के लोगों ने बताया कि अनुपम बाबू का हार्ट अटैक हो गया है और वे दुकान में ही बेहोश हो गए है। जबकि हकीकत कुछ और थी। हार्ट अटैक की अफवाह किसने फैलाई, यह समझ से परे हैं।

- पुलिस को क्यों नहीं दी गई सूचना : शव उतारने से पहले परिजनों ने कोतवाली पुलिस को सूचना नहीं दी और घटनास्थल से छेड़छाड़ भी की। शव को उतारा और गले में लगे साड़ी के फंदे को भी काटकर अलग कर दिया। जबकि फंदे को अहम सबूत माना जाता है और पुलिस उसे जब्त भी करती है।

- पत्नी की चुप्पी का क्या है राज : सुसाइड के बाद पत्नी अनिता की चुप्पी रहस्यमय है। पति से सबसे अधिक अनिता ही जुड़ी हुई थी। पुलिस ने भी उनसे पूछा तो वे कोई जवाब नहीं दे पाई। कमरे में अन्य महिलाओं के साथ बैठी थीं। पुलिस यह आशंका व्यक्त कर रही है कि सुसाइड को दबाने की कोशिश के पीछे कोई गहरी साजिश तो नहीं है।

- कारण पूछा तो दिया गोल-मटोल जवाब : कोतवाली इंस्पेक्टर केएन सिंह ने बेटे आशीष से पिता की आत्महत्या का कारण पूछा। पुलिस के तीन बार पूछने पर आशीष का जवाब था-कारण नहीं जानते। आशीष के साथ खड़े उसके दूसरे रिश्तेदार ने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण सुसाइड हुई है। इस पर अाशीष ने भी हां कर दिया।

इसी पंखे से साड़ी का फंदा बनाकर बिजनेसमैन ने फांसी लगा ली। इसी पंखे से साड़ी का फंदा बनाकर बिजनेसमैन ने फांसी लगा ली।
रोते बिलखते बिजनेसमैन के फैमिली मेंबर्स। रोते बिलखते बिजनेसमैन के फैमिली मेंबर्स।
इसी साड़ी से बिजनेसमैन ने लगाई थी फांसी। इसी साड़ी से बिजनेसमैन ने लगाई थी फांसी।
डेडबॉडी के पास जांच करती पुलिस। डेडबॉडी के पास जांच करती पुलिस।
बिजनेसमैन अनुपम कुमार की फाइल फोटो। बिजनेसमैन अनुपम कुमार की फाइल फोटो।
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दुकान में पड़ी डेडबॉडी की जांच करते पुलिस कर्मी और इनसेट में बिजनेसमैन अनुपम कुमार।दुकान में पड़ी डेडबॉडी की जांच करते पुलिस कर्मी और इनसेट में बिजनेसमैन अनुपम कुमार।
इसी पंखे से साड़ी का फंदा बनाकर बिजनेसमैन ने फांसी लगा ली।इसी पंखे से साड़ी का फंदा बनाकर बिजनेसमैन ने फांसी लगा ली।
रोते बिलखते बिजनेसमैन के फैमिली मेंबर्स।रोते बिलखते बिजनेसमैन के फैमिली मेंबर्स।
इसी साड़ी से बिजनेसमैन ने लगाई थी फांसी।इसी साड़ी से बिजनेसमैन ने लगाई थी फांसी।
डेडबॉडी के पास जांच करती पुलिस।डेडबॉडी के पास जांच करती पुलिस।
बिजनेसमैन अनुपम कुमार की फाइल फोटो।बिजनेसमैन अनुपम कुमार की फाइल फोटो।
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