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पुलिस ने हमले का वीडियो देखकर 17 को उठाया, अन्य की कर रही है पहचान

सीएम के काफिले पर पथराव के बाद पूरे गांव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है।

Bhaskar News | Last Modified - Jan 14, 2018, 05:55 AM IST

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    डुमरांव (बक्सर).विकास समीक्षा यात्रा के दौरान सीएम के काफिले पर शुक्रवार को हुए हमले की समीक्षा जा रही है। लगभग दो दर्जन अधिकारी रंजिश या साजिश के हर पहलु की जांच कर रहे हैं। पांच घंटे की माथा-पच्ची के बाद भी प्रत्यक्ष तौर पर अभी तक कोई भी प्रमाण जुटाने में प्रशासन असफल है। अब पुलिस व प्रशासन का इंतजार है तो पप्पू राम का। जो वार्ड 06 का रहने वाला है। घटना के बाद से ही वह फरार है। उसकी गिरफ्तारी ही प्रशासन को सही मास्टर माइंड तक पहुंचाएगी।

    पुलिस सूत्रों की मानें तो उसका मोबाइल लोकेशन यूपी में बता रहा है। पप्पू ही था जिसने विकास न होने की झूठी आग सुलगा रखी थी। लेकिन जब प्रशासनिक टीम पहुंची तो पता चला कि सात निश्चय के तहत कोई ऐसा घर नहीं बचा है जो अछूता हो। पुलिस के पास सबसे बड़ा सवाल किसके कहने पर वह विकास को बहाना बना सीएम के काफिले पर पत्थर से निशाना साधा है। इस गंभीर सवाल का जवाब पप्पू राम के गिरफ्तारी के बाद ही मिलेगा।


    पुलिस छावनी में तब्दील हुआ डुमरांव का नंदन गांव


    सीएम के काफिले पर पथराव के बाद पूरे गांव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। खेतों, गली, मोड़ चौक-चौराहों पर दंगा निरोधक दस्ता के करीब पांच सौ जवानों की तैनाती की गई है। आलम यह है कि गांव के परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। गांव के अंदर हर आने जाने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है। इसके साथ गांव से निकलने वाले लोगों को भी चिन्हित करते हुए उनका डिटेल्स दर्ज किया जा रहा है।

    गांव व खेतों में चला सघन सर्च अभियान

    शनिवार दोपहर 12 बजे कमिश्नर आनंद किशोर व जोनल आईजी नैयर हसनैन खां के आदेश के बाद घटना स्थल से सटे खेतों में सर्च अभियान चलाया गया। यह देखने के प्रयास किया जा रहा था कि पत्थर पहले से रखा गया था कि अचानक आया है। उसके बाद घटनास्थल से सटे घरों को सर्च करने का आदेश दिया गया। गांव की प्रत्येक गलियों में पुलिस जवान सर्च अभियान चलाते रहे। गांव में दहशत का माहौल इस कदर है कि एक भी पुरुष सदस्य न तो गलियों में दिखाई दिये और न ही दुकानें खुली। चारों तरफ पुलिस तैनात थी। दूसरे दिन गांव में रहा सन्नाटा सीएम के काफिले पर हमले के बाद गांव शांत है। अधिकांशतः पुरुष घर छोड़कर भाग गये है। महिलाएं बच्चों को घरों में लेकर दुबकी हैं। प्रशासन उनका भय दूर करने के लिए उनके साथ मुलाकात और बैठक की।

    अफसरों ने गांव में ही गुजारी रात


    कहां चूक हुई कि घटना हुई। इसकी वजह खोजते के लिए डीएम वे एसपी ने गांव में ही रात गुजारी। तैनात अधिकारी गांव की हर एक गतिविधि पर नजर बनाए हुए थे। उनके साथ पुलिस के जवान भी मौजूद रहे।

    एसपी ने कहा : निर्दोष नहीं जाएंगे जेल

    सीएम नीतीश कुमार के काफिले पर हमले के बाद गांव में काफी पुलिस बल तैनात किये गये है। शुक्रवार को रात भर चले सर्च अभियान में पुलिस के बूटों की थाप से पूरा गांव गूंज उठा। लोगों में दहशत है कि किसको पुलिस उठाकर ले जायेगी। परंतु पुलिस ने वीडियो फुटेज में आये लोगों को ही टारगेट कर उठाया है। एसपी राकेश कुमार कि मानें तो 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिनके चेहरे को वीडियो व फोटो से मिलान किया जा रहा है। मिलान के बाद ही जेल भेजा जायेगा। पुलिस किसी भी निर्दोष को जेल नहीं भेजेगी।

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