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पुलिस कस्टडी में मौत मामले में पूर्व थानेदार समेत 5 सस्पेंड, DIG ने कही ये बात

प्रथम दृष्टि में पुलिस की कार्रवाई शक के घेरे में है, जिसको गंभीरता से लेते हुए इस तरह का निर्णय लिया गया।

Dainik Bhaskar

Jan 08, 2018, 05:54 AM IST
case of death in police custody

भभुआ. भगवानपुर थाना एरिया के पड़री गांव के रहने वाले पूरन चेरो की पुलिस कस्टडी में हुई मौत के मामले में शाहाबाद डीआईजी पी कुमार एकले ने भगवानपुर थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष व दो पुलिस अधिकारियों समेत पांच को सस्पेंड कर दिया है। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टि में पुलिस की कार्रवाई शक के घेरे में है, जिसको गंभीरता से लेते हुए इस तरह का निर्णय लिया गया।

पुलिस ने पूरन चेरो के शव को कहां और क्यों गायब कर दिया, इस पर डीआईजी ने बताया कि पुलिस दस्तावेज में दर्ज़ किया गया है कि शव को उसके परिजनों को पोस्टमार्टम के बाद सौंप दिया गया था। हालांकि इसकी मुकम्मल जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। भगवानपुर के पूर्व थानाध्यक्ष चन्द्रमणि, एसआई बीरबल सिंह यादव, एएसआई अशोक राय तथा एक हवालदार बंटी राम और सिपाही उत्तम कुमार सहित पांच को सस्पेंड कर दिया गया है। उपद्रव के बाद एसपी हरप्रीत कौर ने भगवानपुर थानेदार चंद्रमणि को लाइन भेजा था।

दो लीटर शराब के साथ पुलिस ने पकड़ा था, हालत बिगड़ी तो बीएचयू ले गई थी


16 दिसंबर को गुप्त सूचना के आधार पर कि पूरन चेरो जो शराब बेचने का अवैध धंधा करता था, भगवानपुर पुलिस ने उसके घर में छापेमारी कर दो लीटर देशी शराब बरामद किया और उसे गिरफ्तार कर भगवानपुर थाने ले आई। उसी दौरान उसकी हालत बिगड़ने लगी तो उसे भभुआ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत काबू से बाहर देख डॉक्टर ने उसे बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया। उसके बाद 20 दिसंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूत्र बताते हैं कि पोस्टमार्टम के बाद शव को पूरन के परिजनों को पुलिस द्वारा दे दिया गया। परन्तु जब शव लेकर परिजन वाराणसी के टेंगरा मोड़ पर पहुंचे तभी पुलिस ने जबरन लाश को छिन लिया और कहां ले गई किसी को पता नहीं चल पाया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से विरोधाभास


पुलिस द्वारा गिरफ्तार शराब बेचने का आरोपी पूरन चेरो की हालत जब बिगड़ने लगी तब कैमूर पुलिस अधीक्षक हरप्रीत कौर ने मीडिया को बताया था कि पूरन चेरो की हालत पुलिस की मार से नहीं ब्रेन हेमरेज से बिगड़ी है। जबकि मौत के बाद आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उसके फेफड़े में इंफेक्शन था।

पुलिस ने राहगीरों को पीटा था


भगवानपुर पुलिस ने लाठी चार्ज के दौरान राहगीरों के अलावा दुकानदारों को भी नहीं बख्शा। दुकान के शटर उठाकर भीतर बंद लोगों को घसीटकर बाहर निकाला और पिटाई की। राजनीतिक दलों ने मोर्चा संभाला और पुलिस का विरोध किया।

पुतले से किया अंतिम संस्कार


एक तरफ पुलिस ने कहा कि पूरन चेरो के शव को उसके परिजनों को दे दिया गया। लेकिन उस गावं और क्षेत्र के लोगों ने बताया कि मृतक के छोटे भाई ने उसका पुतला बनाकर दहन किया। राजनीतिक दल के नेताओं सहित ग्रामीणों का मानना है कि जब पूरन के परिजनों को लाश मिली होती तो वह ऐसा क्यों करता।

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