--Advertisement--

देशभर में रेलवे में एक्साइज एक्ट के आधे से अधिक मामले बिहार में किए गए दर्ज

पिछले साल बिहार में रेल पुलिस ने चोरी के 1389 मामले दर्ज किए थे। जबकि दिल्ली में 3837 मामले दर्ज किए गए।

Dainik Bhaskar

Dec 13, 2017, 08:12 AM IST
case of Excise Act in Railways

पटना. अपराध के मामले में रेलवे के आंकड़े बड़े दिलचस्प हैं। पिछले साल देशभर में एक्साइज एक्ट के तहत जितने मामले दर्ज किए गए थे, उसमें से पचास फीसदी से अधिक मामले सिर्फ बिहार जीआरपी ने दर्ज किए। दरअसल पिछले साल से ही बिहार में पूर्ण शराबबंदी भी लागू हुई है। नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो(एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट बताती है कि पिछले साल देशभर में रेल पुलिस द्वारा एक्साइज एक्ट के तहत कुल 1991 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से 1094 मामले सिर्फ बिहार में जीआरपी ने दर्ज किए। यह देश में दर्ज कुल मामलों का 55 फीसदी है।

इन आंकड़ों से यह भी स्पष्ट है कि रेल एक्साइज एक्ट के उल्लंघन का कितना बड़ा जरिया बन रहा था। ऐसी कई घटनाएं भी सामने आती रही हैं कि झारखंड व दूसरे राज्यों से आने वाली ट्रेनों से अवैध तरीके से बिहार में शराब लाए जा रहे थे। बिहार में शराब की तस्करी के तार हरियाणा और पंजाब से जुड़े रहे हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं। लेकिन उन राज्यों में बिहार की तुलना में काफी कम मामले दर्ज किए गए। इससे निपटने के लिए कई कदम भी उठाए गए। रेल पुलिस की सक्रियता भी बढ़ी। लिहाजा असर भी दिखा। एनसीआरबी के आंकड़े इसे पुष्ट करते हैं।

किस राज्य में कितने मामले
बिहार 1094
पंजाब 303
हरियाणा 170
यूपी 222
प. बंगाल 75
मध्य प्रदेश 36
राजस्थान 28
कनार्टक 08
उड़ीसा 08
जम्मू-कश्मीर 04
तेलंगाना 03
झारखंड 02
देश में रेल अपराध के कई आयाम भी हैं। हत्या, लूट और दूसरी वारदातें। बिहार में पिछले साल आईपीसी और एसएलएल(स्पेशल एंड लोकल लॉ) के तहत 3522 मामले दर्ज किए गए थे। वर्ष 2015 में यह आंकड़ा 2226 था। रेलवे में आपराधिक घटनाओं के मामले में देश भर में बिहार का रैंक 5वां रहा। रैंकिंग के मामले में 4328 घटनाओं के साथ दिल्ली नंबर वन पर रहा जबकि 5253 घटनाओं के साथ मध्यप्रदेश नंबर 2 पर और 7684 घटनाओं के साथ महाराष्ट्र नंबर 3 पर रहा। घटनाओं की संख्या कम होते हुए भी दिल्ली की रैंकिंग मध्य प्रदेश या महाराष्ट्र से ऊपर इसलिए है कि दिल्ली में इन राज्यों की तुलना में संज्ञेय अपराध की घटनाएं अधिक हैं।
बंधुआ मजदूर
पिछले साल बॉण्डेड लेबर (बंधुआ मजदूर) सिस्टम एक्ट 1976 के तहत देश भर में रेल पुलिस ने कुल 11 मामले दर्ज किए थे और ये सभी मामले बिहार में दर्ज किए गए।
अपहरण
बिहार में रेलवे में अपहरण के 37, महाराष्ट्र में 57, दिल्ली में 40 और मध्य प्रदेश में 39 मामले दर्ज किए गए। हत्या के मामलों में बिहार के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। वर्ष 2016 में बिहार जीआरपी ने हत्या के कुल 30 मामले दर्ज किए थे। वहीं पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में रेल पुलिस ने 24-24 मामले दर्ज किए। वहीं हरियाणा में 23 मामले दर्ज किए गए।
चोरी
पिछले साल बिहार में रेल पुलिस ने चोरी के 1389 मामले दर्ज किए थे। जबकि दिल्ली में 3837 मामले दर्ज किए गए। महाराष्ट्र में सर्वाधिक 6551 मामले दर्ज हुए। इसके बाद 6483 मामलों के साथ उत्तर प्रदेश रहा। मध्य प्रदेश में 4317 और आंध्र प्रदेश में 1625 मामले दर्ज किए गए।
X
case of Excise Act in Railways
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..