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ट्रेन रोकने, उपद्रव करने वाले 1600 छात्रों पर केस दर्ज 11 नामजद, 3 भेजे गए जेल

मालदा डिवीजन के डिप्टी सेफ्टी कमाडेंट (डीएससी) आरके सिंह ने अफसरों की भूमिका पर सवाल उठाए।

Danik Bhaskar | Dec 17, 2017, 05:20 AM IST

भागलपुर. भागलपुर स्टेशन पर शुक्रवार को सवा नौ घंटे तक जबरन ट्रेन रोकने व उपद्रव मचाने के मामले में शनिवार शाम जीआरपी थाने में 1000 छात्रों पर मुकदमा दर्ज किया गया। इनमें 11 छात्र नामजद हैं। आरपीएफ ने भी 600 अज्ञात को आरोपी बनाया है। तीन छात्रों को जीआरपी ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया। कोर्ट ने तीनों को देर शाम सेंट्रल जेल भेज दिया।

उधर, पूर्व रेलवे के जीएम के आदेश पर जांच शुरू कर दी गई है। मालदा डिवीजन के डिप्टी सेफ्टी कमाडेंट (डीएससी) आरके सिंह ने अफसरों की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कुछ रेल पुलिसकर्मी पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं। रेलवे बोर्ड ने घटना से जुड़े सीसीटीवी और वीडियो फुटेज भी तलब किए हैं। बोर्ड ने ऑपरेटिंग, कमर्शियल, सिग्नल, लोकाे, यार्ड, आरपीएफ से अलग-अलग रिपोर्ट भी मांगी है।

एफआईआर जीआरपी इंस्पेक्टर श्रीकांत मंडल के बयान पर दर्ज की गई। इंस्पेक्टर ने उपद्रव के आरोप में प्रवीण कुमार कुशवाहा, राघव कुमार, मिथिलेश कुमार, सोनम कुमार, रोशन भारद्वाज, रितेश कुमार निरंजन, शब्द कुमार समेत 11 छात्रों पर रिपोर्ट दर्ज करवाई। उपद्रव में शामिल 1000 अज्ञात के खिलाफ भी मामला दर्ज किया। रेल एसपी शंकर झा ने बताया कि प्रवीण कुशवाहा, रितेश कुमार निरंजन शब्द कुमार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने तीनों को जेल भेज दिया। एसपी ने अन्य नामजदों की गिरफ्तारी के भी आदेश दिए हैं।

नुकसान का हिसाब जुटा रहा रेलवे
कॉमर्शियल विभाग ने भी रेल संपति के नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। एसीएम एके मीणा ने ट्रेन रोकने के बाद यात्रा स्थगित करने वाले यात्रियों की संख्या व वापसी टिकट का खाका तैयार किया। पता चला, करीब 350 यात्रियों ने यूटीएस काउंटर पर टिकट वापस किए। इससे रेल को 30 हजार का नुकसान हुआ। पीआरएस काउंटर पर ट्रेन रद्द होने या 9 घंटे की देरी को लेकर किसी यात्री ने टिकट वापस नहीं कराया।

आरपीएफ इंस्पेक्टर को छुट्टी से वापस बुलाया
जीएम के आदेश पर मामले की जांच मालदा के डीएससी आरके सिंह ने शुरू की। उन्होंने उपद्रव को न रोक पाने के कारणों और अफसरों की विफलता की जांच की और उनकी भूमिका पर सवाल उठाए। छुट्टी पर चल रहे आरपीएफ इंस्पेक्टर एके सिंह को वापस बुलाया गया है। उन्हें तुरंत ड्यूटी ज्वाॅइन करने को कहा। उनका काम देख रहे सीआईबी इंस्पेक्टर नीरज कुमार को प्रभार से हटा दिया।