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चारा घोटाले के दूसरे मामले में लालू पर आज आएगा सीबीआई कोर्ट का फैसला

सुनवाई के दौरान लालू, जगन्नाथ समेत सभी 22 आरोपियों को कोर्ट में रहने का आदेश दिया गया है।

Dainik Bhaskar

Dec 23, 2017, 04:00 AM IST
CBI court decision to come on Lalu in second case of fodder scam

रांची. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और डॉ. जगन्नाथ मिश्र से जुड़े चारा घोटाला के मामले (आरसी 64 ए 96) में शनिवार को सीबीआई के स्पेशल जज शिवपाल सिंह की अदालत सजा सुनाएगी। सुनवाई के दौरान लालू, जगन्नाथ समेत सभी 22 आरोपियों को कोर्ट में रहने का आदेश दिया गया है।

अन्य आरोपियों में बिहार के पूर्व मंत्री विद्यासागर निषाद, जगदीश शर्मा, आरके राणा, ध्रुव भगत, फूलचंद सिंह, महेश प्रसाद, बेक जूलियस, एसी चौधरी, डॉ कृष्ण कुमार प्रसाद, सुधीर भट्टाचार्य, त्रिपुरारी मोहन प्रसाद, संजय अग्रवाल, ज्योति झा, गोपीनाथ दास, सुनील गांधी, सरस्वती चंद्र, साधना सिंह, राजाराम जोशी और सुशील कुमार शामिल हैं। यह चारा घोटाले से जुड़ा 33वां फैसला होगा, जबकि लालू से जुड़ा दूसरा फैसला। पहले मामले में लालू को छह साल की सजा हो चुकी है। लालू के खिलाफ 5 और मामले में सुनवाई अभी जारी है।

पैसा लिया तो सबूत भी दे सीबीआई : लालू
रांची पहुंचने के बाद मीडिया से लालू ने कहा कि अगर मैंने किसी से पैसा लिया तो सबूत तो दे सीबीआई। आखिर किस बात की मुझे सजा दिलाना चाहते हैं। 20 साल से मुझे परेशान किया जा रहा है, लेकिन न्यायिक व्यवस्था पर पूरी आस्था है। भरोसा है कि टू जी की तरह इसमें भी फैसला आएगा। सीबीआई से मिलकर भाजपा वाले मुझे और परिवार को परेशान कर रहे हैं।

सीबीआई ने 100 से अधिक गवाहों का बयान दर्ज कराया, आरोपियों की ओर से भी बचाव में गवाही
आरसी 64 ए 96 में वर्ष 1996 से सुनवाई चल रही है। सीबीआई ने 100 से अधिक गवाहों का बयान दर्ज कराया है। कई दस्तावेज भी अदालत में चिह्नित कराया। आरोपियों की ओर से भी बचाव में गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसले की तिथि तय की गई है। मामला देवघर कोषागार से अवैध निकासी से जुड़ा है। मार्च 1991 से 1994 की अवधि में 6 फर्जी आवंटन पत्र से 89,04,413 रुपए की निकासी कर ली गई थी। जबकि उस दौरान बिहार सरकार की ओर से दवा और चारा की खरीदारी के लिए चार लाख सात हजार रुपए का ही आवंटन था।

राजद सुप्रीमो पर पद के दुरुपयोग का है आरोप
तत्कालीन सीएम और वित्त मंत्री लालू प्रसाद पर आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए मामले की इंक्वायरी के लिए आई फाइल को 5 जुलाई 1994 से 1 फरवरी 96 तक लंबित रखा। फिर 2 फरवरी 1996 को जांच का आदेश दिया। तब तक चारा घोटाले का मामला फैल चुका था। लालू के खिलाफ घोटाले से जुड़े सात मामले हैं। एक में फैसला आ चुका है। दूसरे में शनिवार को आना है। पांच में सुनवाई जारी है।

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