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दादी मिड डे मील पका रही थी, पास ही खेल रहे पोते की खौलती दाल में गिरने से मौत

दिलखुश को पालने के लिए पिता गुड्‌डू की हैसियत नहीं थी। वह एक मामले में मुंबई की जेल में बंद है। उसकी मां मजदूरी करती है।

Danik Bhaskar | Dec 09, 2017, 06:06 AM IST
इसी स्कूल का है मामला। इसी स्कूल का है मामला।

पटना/खुसरूपुर. यहां के उत्क्रमित मिडिल स्कूल में मिड डे मील की खौलती दाल में गिरने से रसोइया शीला देवी के पोते दिलखुश की मौत हो गई। घटना गुरुवार दिन के करीब 12 बजे उस वक्त हुई जब शीला खाना बना रही थी। किचेन शेड में टब में दाल पककर उतरा था। टब का ढक्कन पूरी तरह से ढंका नहीं था। इसी बीच शीला के साथ पहुंचा दिलखुश खेलते-खेलते टब में गिर गया। वह पूरी तरह से जल चुका था।

स्कूल की हेडमास्टर सस्पेंड

पीएचसी ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उसे एनएमसीएच रेफर कर दिया। गुरुवार शाम 5 बजे उसकी मौत हो गई। बिहार में मिड डे मील की दाल में किसी बच्चे के गिरने से मौत की यह पहली घटना है। इधर, स्कूल पर केस दर्ज कर हेडमास्टर कामता प्रसाद को सस्पेंड कर दिया गया है। बीआरपी और डीपीओ से भी सफाई मांगी गई है। घटना के बाद मामले को दबाने की कोशिश की गई। पंचायती में पीड़िता को डेढ़ लाख मुआवजा देने की बात हुई पर मीडिया को भनक लग गई। उसके बाद हेडमास्टर से लेकर डीईओ तक की नींद उड़ गई। हालांकि दिलखुश उस स्कूल का स्टूडेंट नहीं था। बहरहाल मामले की जानकारी थाने को मिली। शीला के बयान पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

हेडमास्टर बोले-मना किया था कई बार
हेडमास्टर ने कहा कि दो साल से स्कूल में हूं। शीला को कई बार पोते को लाने से मना किया था। गुरुवार को शीला सुबह 9 बजे आ गई थी। पोता बाद में आया। बताया जा रहा है कि इकलौते दिलखुश को पालने के लिए पिता गुड्‌डू की हैसियत नहीं थी। वह एक मामले में मुंबई की जेल में बंद है। जबकि उसकी मां मजदूरी करती है। दिलखुश को पालने के लिए दादी शीला, मां पिंकी और दादा कृष्णा स्ट्रगल कर रहे थे।