पटना

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ये बाढ़ का पानी नहीं नाली है... ऐसे गंदे पानी से गुजरकर स्कूल जाते हैं बच्चे

प्रशासनिक उपेक्षा के कारण स्थानीय लोगों को रोज ही मेन रोड पर नाली के पानी से होकर गुजरना पड़ता है।

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2018, 06:51 AM IST
तस्वीर सिटी के दो इलाकों को जोड़ने वाली एक मेन रोड की है। तस्वीर सिटी के दो इलाकों को जोड़ने वाली एक मेन रोड की है।

मुजफ्फरपुर. ऊपर की तस्वीर सिटी के दो इलाकों को जोड़ने वाली एक मेन रोड की है। प्रशासनिक उपेक्षा के कारण स्थानीय लोगों को रोज ही मेन रोड पर नाली के पानी से होकर गुजरना पड़ता है। पानी घुटने से ऊपर अब भी जमा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। कई बच्चे-बच्चियां रोज-रोज गिरते-पड़ते स्कूल आते-जाते हैं। बताया जाता है कि ये रोड कई इलाकों को आपस में जोड़ता है, बावजूद इसके कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों में है नाराजगी

- लोगों का कहना है कि पार्षद से लेकर निगम प्रशासन तक के पास कई बार नाले बनवाने की गुहार लगाई। लेकिन, कोई फायदा नहीं हुआ। कोई इधर झांकने तक नहीं आया।

- अब इन्हें बीमारी की चिंता भी सताने लगी है। लोगों ने बताया कि हम तो कैसे भी बाइक से गाड़ी से चले जाते हैं लेकिन पैदल स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे अधिक दिक्कत होती है।

- लोगों ने इसे लेकर प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कोई भी चाह कर भी मोहल्ले में मांगलिक कार्य नहीं कर पाते हैं।

फोटो : तुषार राय।

प्रशासनिक उपेक्षा के कारण स्थानीय लोगों को रोज ही मेन रोड पर नाली के पानी से होकर गुजरना पड़ता है। प्रशासनिक उपेक्षा के कारण स्थानीय लोगों को रोज ही मेन रोड पर नाली के पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
पानी घुटने से ऊपर अब भी जमा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। कई बच्चे-बच्चियां रोज-रोज गिरते-पड़ते स्कूल आते-जाते हैं। पानी घुटने से ऊपर अब भी जमा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। कई बच्चे-बच्चियां रोज-रोज गिरते-पड़ते स्कूल आते-जाते हैं।
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तस्वीर सिटी के दो इलाकों को जोड़ने वाली एक मेन रोड की है।तस्वीर सिटी के दो इलाकों को जोड़ने वाली एक मेन रोड की है।
प्रशासनिक उपेक्षा के कारण स्थानीय लोगों को रोज ही मेन रोड पर नाली के पानी से होकर गुजरना पड़ता है।प्रशासनिक उपेक्षा के कारण स्थानीय लोगों को रोज ही मेन रोड पर नाली के पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
पानी घुटने से ऊपर अब भी जमा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। कई बच्चे-बच्चियां रोज-रोज गिरते-पड़ते स्कूल आते-जाते हैं।पानी घुटने से ऊपर अब भी जमा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। कई बच्चे-बच्चियां रोज-रोज गिरते-पड़ते स्कूल आते-जाते हैं।
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