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बीच गंगा में नाव पलटी तो ऐसे बचे छह बच्चे, बाहर आए तो सुनाई आपबीती

रविवार की रात अचानक बच्चों का प्रोग्राम बना कि रजंदीपुर दियारा में जाकर पिकनिक मनाना है।

Bhaskar News | Last Modified - Jan 02, 2018, 06:21 AM IST

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    हादसे में बचाया गया संतोष कुमार।

    भागलपुर/सबौर.नए साल के मौके पर पिकनिक मनाने जा रहे बच्चों की नाव बीच गंगा में डूब गई और देखते ही देखते नौ बच्चे डूबने लगे। स्थानीय लोगों की मदद से छह बच्चों को सुरक्षित निकाला गया पर तीन बच्चों का सोमवार की देर रात तक कुछ पता नहीं चल पाया। हैरानी की बात ये कि नाव बच्चे खुद ही चला रहे थे। नाव का भी कुछ पता नहीं चल पाया है। बाहर आने के बाद छह बच्चों ने अपनी आपबीती बताई।

    मेरा मफलर साेहित नहीं छोड़ता तो वह भी हमारे साथ ही होता...

    - रविवार की रात अचानक हमलोगों का प्रोग्राम बना कि रजंदीपुर दियारा में जाकर पिकनिक मनाना है। सब्जी, पुरी और खीर का मेन्यू बना। रात में ही गांव से सारा सामान खरीदकर रख लिया गया।

    - गांव के शशि को पूरे आयोजन की बागडोर दी गई थी। सुबह 7 बजे सभी 9 साथी दियारा जाने के लिए रजंदीपुर घाट पहुंचे। शशि पहली नाव में सवार होकर खाना-पीना, चूल्हा आदि का सामान उस पार रख आया था।

    - शशि ने नाव दिखाते हुए कहा, चलो इसी से सब नदी पार हो जाते हैं। नाव पर मैं और मेरे साथ आशीष कुमार, राजकुमार, सोहित कुमार, गुलशन कुमार, रौशन मंडल, गुलशन मंडल, संतोष कुमार, रोहित कुमार, शशि कुमार के साथ सवार हुए।

    - गंगा के किनारे पर एक व्यक्ति ने कहा, इतना एक बार क्यों जा रहे हो? लेकिन शशि ने उसकी बात अनसुनी कर खुद ही पतवार हाथ में लेकर नाव चलाने लगा और हम सभी धीरे-धीरे गंगा में आगे बढ़ गए।

    - नाव में छेद था, इसलिए पानी आ रहा था। गुलशन कटोरा से पानी निकाल बाहर बहा रहा था। नाव बीच गंगा में पहुंची तो उसी समय तेज हवा चलने लगी।

    - हवा के झोंके से बचने के लिए सभी एक तरफ हो गए और नाव में दूसरे किनारे से पानी घुस गया। देखते-देखते नाव डूब गई। सभी बचाओ-बचाओ कहकर बचाने की आवाज लगा रहे थे।

    - मैंने डूबते सोहित को अपना मफलर फेंककर मेरे साथ आने को कहा। उसने मफलर पकड़ा भी, लेकिन तभी दूसरी ओर से राजेश ने भी आवाज दी- मुझे बचाओ।

    - इसी दौरान सोहित के हाथ से मफलर छूट गया और वह मेरे सामने नदी में डूब गया। राजेश को बचाने के लिए मैं उसकी ओर गया, लेकिन वह भी नदी के अंदर चला गया। मेरी सांस बंद हो रही थी। मुझे लगा दो-चार मिनट के बाद मैं भी थककर डूब जाऊंगा। तब मैं तैरकर बाहर आ गया।

    (जैसा दैनिक भास्कर को एनडीआरएफ की रेस्क्यू टीम के बीच चलती नाव में हादसे में बचा लालूचक निवासी संतोष कुमार ने बताया)

    गुलशन व रोशन ने गंगा में जैकेट फेंक बचाई जान

    - हादसे में बचाए गए दो बच्चों ने लास्ट टाइम पर जैकेट फेंककर अपनी जान बचायी। बचाए गए गुलशन और रोशन ने बताया कि नाव पलटने के बाद सभी साथी इधर-उधर हो गए थे।

    - बीच गंगा नदी में अधिक पानी की वजह से उन दोनों को तैरने में दिक्कत हो रही थी। खुद को डूबता देख गुलशन ने तुरंत अपना जैकेट खोलकर फेंक दिया।

    - जैकेट की वजह से उसका शरीर भारी हो गया था और उसे तैरने में दिक्कत हो रही थी। बड़े भाई गुलशन को जैकेट फेंकता देख रोशन ने भी अपना जैकेट फेंक दिया और दोनों करीब 5 मिनट के बाद तैरकर किनारे आ गए। दोनों के पिता नहीं हैं।

    वसंत दूसरे बच्चों को बचाने के चक्कर में गंवा बैठा खुद का बेटा

    - गांव के रहने वाले वसंत मंडल की बदनसीबी कहिए कि नाव हादसा के बाद गंगा किनारे बच्चों की चीख-पुकार सुनकर उन्हें बचाने में लग गए और दूसरी ओर उनका बेटा ही मदद की आस में डूब गया।

    - जिस वक्त हादसा हुआ, वसंत गंगा किनारे ही था। वह दूसरी नाव से दियारा में खुद की जमीन पर खेती-किसानी करने के लिए किनारे आया था। आधा किलोमीटर पर उसका गांव है।

    - वसंत ने जब गंगा में डूब रहे बच्चों की आवाज सुनी तो उसने भी छलांग लगा दी अाैर तैर कर किनारे आ रहे बच्चों को सहारा दिया।

    - छह बच्चों को सहारा देने के दौरान वह भूल गया कि उसका छोटा बेटा आशीष भी मदद के लिए चिल्ला रहा था। जब उसे आशीष की याद आयी तब तक आशीष डूब चुका था।

    - वह आशीष की खोज में गंगा में डुबकी लगायी, लेकिन असफल रहा। हालांकि हादसे में उसका बड़ा बेटा शशि किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहा। शशि ही नाव चलाकर सभी बच्चों को दूसरी ओर जा रहा था।

    लापता राजेश को तो तैरना भी नहीं आता

    - लापता राजेश की मां सोनी ने बताया कि उसे नदी पार पिकनिक के लिए जाने से मना किया था, लेकिन दोस्तों के साथ वह निकल गया। राजेश को ठीक से तैरना भी नहीं आता है।

    - लापता आशीष के पिता वसंत मंडल ने बताया कि बच्चों को मना किया था कि उस पार नहीं जाना है। बच्चों ने झूठ बाेलकर नदी पार पिकनिक का प्लान बना लिया।

    - लापता सोहित के पिता विनोद मंडल ने बताया कि मेरा बच्चा दोस्तों की बात में आकर पिकनिक मनाने गांव से बाहर चला गया। यदि वह नहीं जाता हमारी बात मान लिया होता तो आज यह स्थिति नहीं बनती।

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    सबौर के रजंदीपुर में गंगा में डूबे बच्चों को तलाशने के लिए पहुंची एसडीआरएफ टीम।
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    डूबने से बचाया गया बच्चा।
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    डूबने से बचाया गया बच्चा।
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    बचाया गया बच्चा।
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    वसंत मंडल जिनका बेटा डूब गया।
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    घटनास्थल का जायजा लेते सबौर बीडीओ और सीओ। मौके पर जुटे आसपास के लोग।
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    रजंदीपुर में हुए नाव हादसे में लापता राजेश कुमार के परिजन।
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    लापता आशीष के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचीं अन्य महिलएं।
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    रोती-बिलखती हादसे में लापता सोहित की मां व अन्य।
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