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मनमानी : राजस्व वसूली में पिछड़े तो बगैर आदेश बढ़ा दिए 10% सर्किल रेट

एक व्यक्ति ने जिला अवर निबंधक से पूछा है कि क्या एमवीआर से 10 फीसदी अधिक पर टैक्स वसूलने का आदेश है?

Danik Bhaskar | Dec 09, 2017, 06:18 AM IST

मुजफ्फरपुर. नोटबंदी के बाद जमीन की खरीद-बिक्री में आई कमी से राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा करने के लिए निबंधन विभाग में मनमानी शुरू है। मूल्यांकन समिति की बगैर अनुशंसा के ही पिछले तीन माह से एमवीआर (सर्किल रेट) में 10 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई है। इससे जमीन की खरीद करने वालों को अधिक टैक्स देना पड़ रहा है। इससे उनमें रोष है। कुछ खरीदारों ने आपत्ति भी जताई है।

निबंधन के दौरान आए दिन कई कातिब जिला अवर निबंधक से इसकी मौखिक शिकायत कर चुके हैं। हालांकि, जिला अवर निबंधक संजय कुमार ग्वालिया राजस्व हित की बात कहकर सर्किल रेट से अधिक वसूली को जायज ठहरा रहे हैं। राजस्व लक्ष्य को पूरा करने के लिए वर्ष 2013-14 में भी तत्कालीन जिला अवर निबंधक नीलेश कुमार ने सर्किल रेट में 10 फीसदी वृद्धि कर टैक्स की वसूली की थी। जमीन खरीद-बिक्री करने वाले तथा कातिबों ने उत्पाद एवं निबंधन विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव केके पाठक तक इसकी शिकायत की थी। सरकार तक मामला पहुंचने के बाद निबंधन विभाग ने वसूली बंद कर दी थी।

अधिक सर्किल रेट पर वसूली के बाद आरटीआई से पूछा सवाल


अधिक सर्किल रेट पर टैक्स वसूली पर आरटीआई की मदद से लोगों ने सवाल पूछा है। मझौलिया निवासी एक व्यक्ति ने जिला अवर निबंधक से पूछा है कि क्या एमवीआर से 10 फीसदी अधिक पर टैक्स वसूलने का आदेश है? आरटीआई के जवाब में जिला अवर निबंधक ने 10 फीसदी अधिक सर्किल रेट बढ़ाने से इनकार कर दिया है।

एक नजर

- 18 करोड़ नवंबर माह में मुजफ्फरपुर, पारू, मोतीपुर, कटरा व सकरा निबंधन कार्यालय से हुई राजस्व वसूली
- 126 करोड़ इस वर्ष में अब तक मुजफ्फरपुर, पारू, मोतीपुर, कटरा व सकरा निबंधन कार्यालय से हुई राजस्व वसूली
- 81.04 फीसदी रेट बढ़ाया तो नवंबर माह में राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा हुआ

पिछले तीन महीने से बगैर आदेश के सर्किल रेट बढ़ाने का कातिबों ने किया विरोध, की शिकायत


किसान जदयू सेल के पूर्व अध्यक्ष व कातिब दिग्विजय नारायण सिंह ने दैनिक भास्कर को बताया कि मूल्यांकन समिति के बगैर आदेश के ही पिछले तीन माह से एमवीआर में 10 फीसदी की वृद्धि कर जमीन की खरीद-बिक्री हो रही है। उन्होंने कहा कि जिला अवर निबंधक के समक्ष आपत्ति भी जताई गई है। बावजूद, बगैर आदेश के ही वसूली जारी है। दूसरी ओर राजद के प्रदेश सचिव सह कातिब जयशंकर प्रसाद यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की जमीन का 10 फीसदी एमवीआर बढ़ाकर निबंधन टैक्स वसूला जा रहा है। इसके खिलाफ उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई है। बावजूद इसके इस पर रोक नहीं लगी है।