--Advertisement--

मूर्ति विसर्जन के रूट को लेकर भिड़े दो पक्ष; 12 पुलिसकर्मियों समेत 20 घायल

घटना की सूचना के बाद डीएसपी पूर्वी गौरव पांडेय व कटरा इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह कई थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे

Dainik Bhaskar

Jan 25, 2018, 03:45 AM IST
clash between Two groups immersion of Statue

मुजफ्फरपुर/करजा. यहां मूर्ति विसर्जन के रूट के मुद्दे पर दो पक्षों में भिड़ंत हो गई। करीब 500 लोगों ने एक-दूसरे पर रोड़े बरसाए। बोतल में तेजाब भरकर फेंका। मिर्च पाउडर के घोल फेंके गए। लाठी-रॉड से एक-दूसरे पर हमला बोल दिया। बीच-बचाव में आए सदर थानेदार इंस्पेक्टर सुजाउद्दीन खान और एसआरएपी के हवलदार ललन कुमार का रोड़ा लगने से सिर फट गया। करजा थानेदार अविनाश कुमार समेत करीब 12 अन्य सिपाही भी चोटिल हो गए। भिड़ंत में दोनों पक्षों के 8 लोग जख्मी हो गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के 18 गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया।

डीएम धर्मेंद्र सिंह और एसएसपी विवेक कुमार 12 थानों की पुलिस व एसआरएपी के 40 जवानों के साथ गांव पहुंचे। एक किलोमीटर तक उपद्रवियों को खदेड़कर दोनों पक्ष के 7 युवकों को पकड़ा गया। इसमें चार लोग नशे में मिले। पकड़े गए उपद्रवियों को नगर थाने में रखा गया है। बवाल के बाद दोनों पक्ष से जुड़े एक दर्जन परिवार घर छोड़कर फरार हो गए।

शांति बहाली को डीएम व एसएसपी ने कराई दोनों पक्षों के बीच वार्ता

शांति बहाली के लिए डीएम व एसएसपी ने आसपास के गांव और जिला शांति समिति के सदस्यों को मौके पर बुलाया। दोनों ओर के लोगों से वार्ता कराई गई। मो. जमाल, अब्दुल मजीद, संजय केजरीवाल, केपी पप्पू, जिला पार्षद पति परवेज आलम, स्थानीय मुखिया और सरपंच ने गांव वालों से शांति की अपील की।

अलर्ट के बावजूद नहीं बरती गई सतर्कता

जिस बवाल का डर था, वही हुआ। जिले में सतर्कता के लिए स्पेशल ब्रांच ने अलर्ट जारी किया था। पिछले साल भी पांच जगहों पर बवाल हुआ था। इसके बावजूद पुलिस ने सरस्वती पूजा को लेकर कोई सतर्कता नहीं बरती। कोदरिया मकदुमपुर गांव स्थित रामजानकी मठ की जमीन के कब्जे को लेकर 10 वर्षों से दोनों पक्षों में तनाव है। दो बीघा जमीन में कुछ जमीन बची है। तनाव के मद्देनजर यहां होने वाली पूजा और मूर्ति विसर्जन को लेकर अक्सर हंगामे की स्थिति बनी रहती है। पिछले साल सरस्वती पूजा के समय डीजे बजाने को लेकर बवाल हुआ था।

शांति बहाली को डीएम व एसएसपी ने कराई दोनों पक्षों के बीच वार्ता

शांति बहाली के लिए डीएम व एसएसपी ने आसपास के गांव और जिला शांति समिति के सदस्यों को मौके पर बुलाया। दोनों ओर के लोगों से वार्ता कराई गई। मो. जमाल, अब्दुल मजीद, संजय केजरीवाल, केपी पप्पू, जिला पार्षद पति परवेज आलम, स्थानीय मुखिया और सरपंच ने गांव वालों से शांति की अपील की।

बाइक से पहुंचे थे बाहरी युवक, जिद पर अड़े तो बिगड़ा माहौल

करजा थानेदार अविनाश कुमार ने बताया कि पूजा का लाइसेंस के साथ मठ के लोगों को भटौना की ओर कदाने नदी में मूर्ति विसर्जन का रूट दिया गया था। सुबह नौ बजे मूर्ति ले जाने को लेकर हल्का विवाद हुआ तो दोनों पक्ष के लोगों को समझा कर मूर्ति विसर्जन के लिए मनाया गया। इस बीच एक संगठन से जुड़े दो दर्जन युवक बाइक से पहुंचे। ये लोग कदाने नदी के बजाय तिरहुत नहर पर विसर्जन के लिए मूर्ति ले जाने के लिए अड़ गए। इसका दूसरे पक्ष के लोगों ने विरोध कर दिया। बाहरी युवकों को देख दूसरे पक्ष के लोग भी मूर्ति नहीं जाने देने पर अड़ गए। दोपहर दो बजे मूर्ति जुलूस गांव की ओर बढ़ा तो दूसरे पक्ष के लोग रोड़ेबाजी करने लगे।

एसएसपी विवेक कुमार ने बताया कि मूर्ति विसर्जन के रूट के मुद्दे पर बाहर से पहुंचे युवकों ने माहौल बिगाड़ा। मोबाइल कॉल के जरिए उन्हें चिह्नित किया जा रहा है। 7 लोगों को हिरासत में लिया गया है। कानून को हाथ में लेने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी। पिछले साल हुए हंगामे के मद्देनजर एक सेक्शन फोर्स तैनात किया गया था।

सड़क पर बिखरे रोड़े, रॉड व तेजाब पहले से बवाल की तैयारी को कर रहे थे बयां

करजा थाने के कोदरिया मकदूमपुर गांव में रामजानकी मठ के पास आधा किलोमीटर तक सड़क रोड़े और ईंट-पत्थर से पटा था। सड़क पर लोहे के एक ही तरह के दर्जनों रॉड और लाठी-डंडा व बांस के फट्ठे पुलिस वाले सड़क से उठा-उठाकर इकट्ठा कर रहे थे। पूरा दृश्य गांव में पहले से बवाल की तैयारी को बयां कर रहा था। तेजाब की बोतल भर-भर रखी गई थी। मिर्च पाउडर घोलकर बोतलों में भरा गया था। दोनों ओर से तैयारी की भनक पुलिस को नहीं हो सकी। दरअसल, पुलिस अधिकारी स्थिति को भांप नहीं पाए। सुबह नौ बजे से ही गांव का माहौल बिगड़ने लगा था। एक दर्जन बाइक से तीन जत्था गांव में शहर और आसपास के मोहल्लों से आया था। गांव में बाइक सवार युवकों ने घूम-घूमकर नारे भी लगाए।

कदाने नदी में ही हुआ विसर्जन

मारपीट और बवाल के बाद शाम पांच बजे पुलिस ने कदाने नदी में ही मूर्ति का विसर्जन कराया। इसी स्थान पर पिछले साल भी मठ के पूजा का मूर्ति विसर्जन हुआ था। एसएसपी के पहुंचने के बाद दूसरे पक्ष के युवकों ने मूर्ति को विसर्जन के लिए उठाया।

कम फोर्स रहने के कारण पीछे हट आई थी करजा पुलिस

रोड़ेबाजी में घायल हुए सदर थानेदार इंस्पेक्टर सुजाउद्दीन खान बवाल की सूचना पर शहर से कोदरिया गांव पहुंचे थे। दोनों ओर से रोड़े के बीच में वह पहुंचे तो घायल हुए। इस बीच करजा थानेदार अविनाश कुमार व अन्य पुलिस जवान घर के छतों से रोड़ा बरसने के कारण पीछे हट आए थे। सुजाउद्दीन खान रोड़ा लगने से लहूलुहान हो गए तो एसआरएपी के जवानों ने मोर्चाबंदी की।

महिलाएं भी गुप्ती और भाला लिए हुए थीं

जवान दोनों ओर से टोली बनाकर आंसू गैस के गोले छोड़ते हुए आगे बढ़े। गोला दागने के दौरान ही एसआरएपी के हवलदार ललन कुमार के सर पर ईंट आकर लगा, वो भी लहूलुहान हो गए। सुजाउद्दीन खान ने बताया कि महिलाएं भी गुप्ती और भाला लिए हुए थीं। उन्हें रोकने पर कहती थी हट जो ना तो तोहरो भोंक देबउ। ऐसी नफरत की रोजी-रोटी से जुड़े लोग खून के प्यासे हो गए थे।

गायघाट में शांति के लिए हो रही बैठक में ही भिड़े दो पक्ष, 13 लोग घायल

थाना क्षेत्र के असिया गांव में मंगलवार की शाम मूर्ति विसर्जन को लेकर हुए हल्की झड़प को शांति करने के लिए बुधवार को जब दो गांव के लोग आपस में बैठे तो बैठक में ही मारपीट हो गई। दोनों ओर से जमकर लाठी-फरसा व रोड़े चले। दो घंटे तक असिया गांव रणक्षेत्र बना रहा। इसमें दोनों पक्ष के 13 लोग जख्मी हो गए। घायलों में 8 लोगों को गंभीर स्थित में एसकेएमसीएच ले जाया गया जहां से एक पीएमसीएच रेफर किया गया है। मारपीट के बाद दोनों ओर के हिंसक हुजूम देख महिलाएं व बच्चे घरों को बंद करके दुबक गये।

घटना की सूचना के बाद डीएसपी पूर्वी गौरव पांडेय व कटरा इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह कई थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। लोगों के आक्रोश को देख कंट्रोल करना मुश्किल हो गया। काफी मशक्कत के बाद लोगों को समझाकर अलग-अलग हटाया गया। वहीं अनिल महतो की स्थिति गंभीर देख एसकेएमसीएच से पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। बीडीओ पंकज कुमार ने कहा कि दोनों पक्ष कोई किसी का रास्ता नहीं रोकेगा व किसी के घर के बगल से गुजरते शांति पूर्वक जाएंगे। बीडीओ ने कहा कि शांति बहाल हो गई है और हर गतिविधि पर नजर है।

clash between Two groups immersion of Statue
clash between Two groups immersion of Statue
clash between Two groups immersion of Statue
clash between Two groups immersion of Statue
clash between Two groups immersion of Statue
clash between Two groups immersion of Statue
X
clash between Two groups immersion of Statue
clash between Two groups immersion of Statue
clash between Two groups immersion of Statue
clash between Two groups immersion of Statue
clash between Two groups immersion of Statue
clash between Two groups immersion of Statue
clash between Two groups immersion of Statue
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..