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कैबिनेट के फैसले : बिहार के 13 शहरों में जलापूर्ति के लिए 782 करोड़ रुपए मंजूर

शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए अपराध अनुसंधान विभाग में आईजी (मद्यनिषेध) के पद को अपग्रेड किया गया है।

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 04:15 AM IST

पटना. पटना स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना के लिए सरकार ने फिलहाल 49 करोड़ रुपए दिए हैं। इसका उपयोग बेउर से मीठापुर तक के इलाके को जल जमाव से मुक्त करने पर किया जाएगा। सोमवार को कैबिनेट ने रकम जारी करने के लिए नगर विकास विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसी के साथ राज्य के 13 शहरों में अमृत परियोजना के तहत जलापूर्ति योजना के लिए 782 करोड़ जारी किए गए हैं।

कैबिनेट विभाग के विशेष सचिव उपेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि पटना स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना में प्रोजेक्ट डेवलपमेंट एंड मैनेजमेंट कंसल्टेंट के रूप में काम करने के लिए वैपकॉस लिमिटेड को 36.91 करोड़ दिए जाएंगे। वहीं, हाजीपुर, बगहा, मोतिहारी, सीवान, आरा, बेगूसराय, किशनगंज, कटिहार, बक्सर, सासाराम, छपरा, जहानाबाद व बिहारशरीफ में जलापूर्ति योजना फेज-2 के लिए 782 करोड़ दिए गए हैं।

आईजी (मद्यनिषेध) की जगह एडीजी की तैनाती


राज्य मे शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए अपराध अनुसंधान विभाग में आईजी (मद्यनिषेध) के पद को अपग्रेड किया गया है। अब इस पद पर अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) की भी तैनाती हो सकेगी। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

विधानमंडल का सत्र 26 फरवरी से, बजट 27 को


विधानमंडल का बजट सत्र 26 फरवरी से शुरू होकर 4 अप्रैल तक चलेगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा। 27 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा। हालांकि कार्यक्रम की अंतिम रूप से घोषणा राज्यपाल की मंजूरी के बाद की जाएगी।

782 करोड़ से 13 शहरों की दुरुस्त होगी जलापूर्ति

राज्य के अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन (अमृत) योजना के तहत राज्य सरकार ने 13 शहरों की जलापूर्ति योजना के लिए 782 करोड़ की राशि मंजूर की है। इस राशि से इन शहरों में जलापूर्ति योजना के दूसरे फेज का काम शुरू किया जाएगा। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी बिहार राज्य जल पर्षद को सौंपी गई है। राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद जल्द ही इन योजनाओं पर काम शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री सात निश्चय के तहत राज्य सरकार की योजना हर घर नल का जल उपलब्ध कराने की है।


दूसरे फेज के लिए जिन शहरों का चयन किया गया है, उसमें हाजीपुर, बगहा, मोतिहारी, सीवान, आरा, बेगूसराय, किशनगंज, कटिहार, बक्सर, सासाराम, छपरा जहानाबाद और बिहारशरीफ शामिल हैं। इस राशि से इन शहरों में 24 घंटे पेयजलापूर्ति योजना का निर्माण किया जाएगा।


पहले फेज में 14 शहरों का हुआ था चयन : अमृत योजना के तहत पहले फेज में 14 शहरों का चयन किया गया था। इसके लिए 1382 करोड़ रुपए की राशि का आवंटन किया गया था। जिसके लिए राज्य सरकार ने 735 करोड़ रुपए आवंटित किए थे। पहले चरण में जलापूर्ति योजना के पाइप लाइन का विस्तार किया जाना था। जिन शहरों के लिए यह योजना मंजूर की गई थी, उसमें हाजीपुर, बक्सर, बेगूसराय, आरा, बिहारशरीफ, छपरा, जहानाबाद, बगहा, मोतिहारी, सीवान, दरभंगा, औरंगाबाद, मुंगेर और किशनगंज शामिल थे।

क्या है अमृत योजना


इस योजना में एक लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों को शामिल किया गया है। यह योजना 2015-16 से 2019-20 तक चलनी है। इस योजना से जलापूर्ति, सफाई, सीवरेज, सेप्टेज, वर्षा जल निकासी, शौचालय, घाटों का सौंदर्यीकरण और पार्कों के विकास योजनाओं का क्रियान्वयन किया रहा है।


इन शहरों में चल रहा काम : पटना, गया, बोधगया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, बिहारशरीफ, दरभंगा, पूर्णिया, बेगूसराय, कटिहार, दानापुर, सासाराम, सहरसा, डिहरी, सीवान, छपरा, बेतिया, मोतिहारी, किशनगंज, जमालपुर, आरा, जहानाबाद, बक्सर, बगहा, हाजीपुर, मुंगेर, औरंगाबाद।