Home | Bihar | Patna | curtain instead of plaster on broken hands

एक्सीडेंट में घायलों के टूट गए हाथ-पैर, डॉक्टरों ने कर्टन बांध कर दिया रेफर

सदर अस्पताल में भी हड्‌डी रोग विशेषज्ञ नही हैं। लिहाजा, प्राथमिक उपचार के बाद उसे रेफर कर दिया गया।

Bhaskar News| Last Modified - Dec 30, 2017, 03:51 AM IST

1 of
curtain instead of plaster on broken hands
हॉस्पिटल में बेड पर पीड़ित और उसके हाथ में बंधा कर्टन।

नवादा.    गुरुवार की रात रेलवे स्टेशन के पास एक रोड एक्सीडेंट हुई थी जिसमें एक मोटरसाइकिल सवार की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि दो युवक घायल हो गए थे। घायल युवकों में एक का हाथ टूट गया था। दूसरे युवक का पैर टूट गया था। घायलों को तत्काल पीएचसी में एडमिट कराया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने जो इलाज किया वह दर्द घटाने के बजाय दर्द को बढ़ा दिया। चिकित्सक ने पुराना कार्टन मंगाया। उसी कार्टन के आधा कूट से हाथ टूटे व्यक्ति के हाथ में बांध दिया। दूसरे का पैर टूटा था तो उसके पैरों को बचे कर्टन से बांध दिया।

 

कर्टन बांधकर पेशेंट को किया रेफर

 

बताया जा रहा है कि डॉक्टरों ने उसी हालत में दोनों पेशेंट को करीब 40 किलोमीटर दूर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात भर दोनों दर्द से कराहते रहे। दोनों के हाथ और पैर भी झूल रहे थे। वह भी कायदे से नहीं बांधा जा सका था।  

 

हॉस्पिटल के लिए यह बात नई नहीं 
 

नवादा के हॉस्पिटल्स में ऐसी घटनाएं कोई नई नहीं है। पिछले दिनों जेल से एक बंदी को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था। वह शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार हुआ था। जेल में उसकी मानसिक हालत बिगड़ गई, लेकिन उसे जब सदर अस्पताल में इलाज कराया गया तब उसे बेड में हाथ और पैर बांधकर रखा गया। यह भी सभी मरीजों के बीच में। फर्श पर मरीजों को रखने की घटना आम है।

 

जो व्यवस्था थी उसके हिसाब से दोनों का किया इलाज  

 

मुश्किलें यही खत्म नहीं हुई। सदर अस्पताल ने रात में ही दोनों घायलों को  गया मेडिकल काॅलेज अस्पताल रेफर कर दिया। दरअसल, सदर अस्पताल में भी हड्‌डी रोग विशेषज्ञ नही हैं। लिहाजा, प्राथमिक उपचार के बाद उसे रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल के डाॅक्टर श्रीकांत प्रसाद ने कहा कि इस मामले में मैं क्या जवाब दे सकता हूं। सिरदला से इस अवस्था में आया था, जिसे इलाज के बाद  बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है। जबकि पीएचसी के डाॅक्टर शाहिद ने कहा कि पीएचसी में जो मुमकिन व्यवस्था थी उसके हिसाब से उन दोनों का समुचित इलाज किया गया है।

 

 

curtain instead of plaster on broken hands
बेड पर पीडि़त के पैर में बंधा कर्टन।
curtain instead of plaster on broken hands
पीएचसी के डॉक्टरों ने टूटे हाथ और पैर में कर्टन बांधकर उन्हें रेफर किया।
curtain instead of plaster on broken hands
पीएचसी के डॉक्टरों का कहना है कि उनके पास जितने संसाधन थे, उसी में इलाज कर आगे के लिए रेफर किया गया।
curtain instead of plaster on broken hands
सड़क हादसे के बाद दोनों घायल हॉस्पिटल लाए गए थे।
prev
next
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending Now